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साइबर जालसाजों ने छात्र के खाते से उड़ाई रकम
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प्रयागराज। साइबर जालसाजों ने एक छात्र के खाते से करीब 18 हजार रुपये उड़ा दिए। कर्नलगंज के छोटा बघाड़ा निवासी अतुल सिंह पुत्र एसआर सिंह किराए के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। उसने पुलिस को बताया कि 26 नवंबर को पहले अपने साथी को गूगल पे के जरिए करीब तीन हजार रूपये ट्रांसफर किए लेकिन रकम उस तक नहीं पहुंची। उसने कस्टमर केयर का नंबर ऑनलाइन खोजकर उस पर फोन किया। यहीं से वह जालसाजों के चंगुल में जा फंसा।
अतुल के मुताबिक उसने जिसे गूगल पे का आफीशियल नंबर समझा वह फेक था। उसने जालसाजों के बताई प्रक्रिया पूरी कर दी। जिसका फायदा उठाते हुए जालसाज ने उसकी आड़ में बैंक के लिंक खाते से 18,333 रूपये उड़ा दिए। पैसा कटने का मैसज आने पर उसके होश उड़ गए। बैंक में पता लगाने पर खाते से रूपये आरटीजीएस किए जाने की बात मालूम चली। अतुल ने जालसाजी की बात पुलिस को बताई लेकिन जालसाज के बारे में मालूम नहीं चल सका। उसकी तहरीर पर पुलिस ने रविवार को अज्ञात बदमाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस अब आरटीजीएस हुए खाते के जरिए जालसाजों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
ऑनलाइन नबंर खोजने से करें परहेज
पिछले कुछ माह के भीतर ही ऐसे तमाम मामले प्रकाश में आ चुके जिसमें गूगल के जरिए कस्टमर केयर नंबर खोजने वाले जालसाजी के शिकार बन गए। पुलिस के मुताबिक साइबर दुनिया में सक्रिय जालसाजों ने कई जानी मानी कंपनियों के नाम से अपना पेज बना रखा है। जैसे ही कोई व्यक्ति गूगल के जरिए ऐसे नंबरों की खोज करता है, जालसाज उसे अपने चंगुल में फांस लेते हैं। ऐसे जालसाजों से बचने के लिए गूगल से कस्टमर नंबर खोजने के बजाए सर्विस सेंटर से नंबर हासिल करके उसकी ही मदद लेनी चाहिए।
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अतुल के मुताबिक उसने जिसे गूगल पे का आफीशियल नंबर समझा वह फेक था। उसने जालसाजों के बताई प्रक्रिया पूरी कर दी। जिसका फायदा उठाते हुए जालसाज ने उसकी आड़ में बैंक के लिंक खाते से 18,333 रूपये उड़ा दिए। पैसा कटने का मैसज आने पर उसके होश उड़ गए। बैंक में पता लगाने पर खाते से रूपये आरटीजीएस किए जाने की बात मालूम चली। अतुल ने जालसाजी की बात पुलिस को बताई लेकिन जालसाज के बारे में मालूम नहीं चल सका। उसकी तहरीर पर पुलिस ने रविवार को अज्ञात बदमाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस अब आरटीजीएस हुए खाते के जरिए जालसाजों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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ऑनलाइन नबंर खोजने से करें परहेज
पिछले कुछ माह के भीतर ही ऐसे तमाम मामले प्रकाश में आ चुके जिसमें गूगल के जरिए कस्टमर केयर नंबर खोजने वाले जालसाजी के शिकार बन गए। पुलिस के मुताबिक साइबर दुनिया में सक्रिय जालसाजों ने कई जानी मानी कंपनियों के नाम से अपना पेज बना रखा है। जैसे ही कोई व्यक्ति गूगल के जरिए ऐसे नंबरों की खोज करता है, जालसाज उसे अपने चंगुल में फांस लेते हैं। ऐसे जालसाजों से बचने के लिए गूगल से कस्टमर नंबर खोजने के बजाए सर्विस सेंटर से नंबर हासिल करके उसकी ही मदद लेनी चाहिए।
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