{"_id":"5fa987558ebc3e9bbf6b46cc","slug":"crime-meerganj-news-bly42641869","type":"story","status":"publish","title_hn":"माता-पिता की हत्या कर भागे आरोपी अधिवक्ता ने किया समर्पण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माता-पिता की हत्या कर भागे आरोपी अधिवक्ता ने किया समर्पण
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मीरगंज। गांव बहरौली में 13 अक्तूबर को अपने माता-पिता की हत्या कर भागा अधिवक्ता बेटा दुर्वेश गंगवार ने सोमवार देर शाम अचानक मीरगंज थाने पहुंचकर समर्पण कर दिया। पता चलने के बाद एसपी देहात व अन्य अधिकारियों ने थाने पहुंचकर पूछताछ की। फिलहाल इतना ही पता चला है कि भागने के बाद करीब एक महीने वह लखनऊ और राजस्थान में छुपा रहा। पुलिस का दावा है कि कुर्की की कार्यवाही शुरू किए जाने से घबराकर उसने समर्पण किया है।
कस्बे की टीचर कॉलोनी के रहने वाले दुर्वेश गंगवार ने अपने सेवानिवृत शिक्षक पिता लालता प्रसाद व मां मोहन देई की बंदूक से गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में दुर्वेश के खिलाफ उसके छोटे भाई उमेश गंगवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के बाद से दुर्वेश का मोबाइल फोन बंद था। लगातार फोन बंद मिलने पर पुलिस यह भी मान रही थी कि कहीं उसने ग्लानि में कोई आत्मघाती कदम न उठा लिया हो। इसी कारण बहरौली गांव के नजदीक रामगंगा कटरी और आसपास उसे कुएं आदि में भी तलाश किया गया था।
साथ ही दुर्वेश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रखी। पिछले दिनों न्यायालय से पुलिस ने धारा 82 के तहत कुर्की का नोटिस हासिल करके मुनादी कराई थी। पुलिस का दावा है कि इसी से घबराकर दुर्वेश ने सोमवार को देर शाम थाने पहुंचकर समर्पण कर दिया। इसके बाद एसपी देहात डॉ. संसार सिंह, सीओ रामानंद राय और इंस्पेक्टर विजय कुमार ने उससे पूछताछ की। उसने फिलहाल इतना ही बताया है कि घटना के बाद वह कुछ दिन लखनऊ और बाकी वक्त राजस्थान में रहा। वहां उसका कोई ठिकाना नहीं था, इसलिए कभी सड़कों पर रात गुजारी तो कहीं और छुपकर। एसपी देहात डॉ. संसार सिंह का कहना है कि अभी पूछताछ जारी है, मंगलवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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कस्बे की टीचर कॉलोनी के रहने वाले दुर्वेश गंगवार ने अपने सेवानिवृत शिक्षक पिता लालता प्रसाद व मां मोहन देई की बंदूक से गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में दुर्वेश के खिलाफ उसके छोटे भाई उमेश गंगवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के बाद से दुर्वेश का मोबाइल फोन बंद था। लगातार फोन बंद मिलने पर पुलिस यह भी मान रही थी कि कहीं उसने ग्लानि में कोई आत्मघाती कदम न उठा लिया हो। इसी कारण बहरौली गांव के नजदीक रामगंगा कटरी और आसपास उसे कुएं आदि में भी तलाश किया गया था।
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साथ ही दुर्वेश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रखी। पिछले दिनों न्यायालय से पुलिस ने धारा 82 के तहत कुर्की का नोटिस हासिल करके मुनादी कराई थी। पुलिस का दावा है कि इसी से घबराकर दुर्वेश ने सोमवार को देर शाम थाने पहुंचकर समर्पण कर दिया। इसके बाद एसपी देहात डॉ. संसार सिंह, सीओ रामानंद राय और इंस्पेक्टर विजय कुमार ने उससे पूछताछ की। उसने फिलहाल इतना ही बताया है कि घटना के बाद वह कुछ दिन लखनऊ और बाकी वक्त राजस्थान में रहा। वहां उसका कोई ठिकाना नहीं था, इसलिए कभी सड़कों पर रात गुजारी तो कहीं और छुपकर। एसपी देहात डॉ. संसार सिंह का कहना है कि अभी पूछताछ जारी है, मंगलवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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