फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Court news

बबलू तिवारी हत्याकांड में पांच की जमानत खारिज

Wed, 25 Sep 2019 12:54 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2019 12:54 AM IST
विज्ञापन
Court news
प्रयागराज। जिला न्यायालय ने झूंसी के सुरेश उर्फ बबलू तिवारी हत्याकांड में आरोपी संतोष यादव, कल्लू सोनकर, अभिषेक सोनी, आशुतोष पांडे और राजकुमार यादव को जमानत देने से इंकार करते हुए अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश जिला जज अनिल कुमार ओझा ने डीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरि को सुनने के बाद दिया है। घटना 18 अप्रैल 2019 की झूंसी थाने के गणेश मार्केट की है। वादिनी चंदा तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने पति सुरेश उर्फ बबलू तिवारी के साथ गणेश मार्केट गई थी। आरोप है कि अभियुक्तगण ने लाखों रुपये देकर पेशेवर अपराधियों से उसके पति की हत्या करा दी थी। अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पांचों अभियुक्तों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
विज्ञापन

अवैध बम बरामदगी में सजा
प्रयागराज। जिला न्यायालय ने अवैध बम बरामदगी का आरोप साबित होने पर नीरज पासी को दो साल आठ माह की कैद और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह आदेश एडीजे मोना पंवार ने एडीजीसी शिव शरण श्रीवास्तव को सुनकर दिया है। अभियुक्त ने दौरान मुकदमा अपनी गरीबी और पैरवी करने वाला कोई नहीं होने के कारण जुर्म स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने अभियुक्त के जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है। घटना 10 फरवरी 2017 की थाना धूमनगंज की है। एसआई रोहित कुमार ने पुलिस टीम के साथ अभियुक्त नीरज पासी को चार देशी बम के साथ गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन

धोखाधड़ी में कंपनी मालिक, एजेंट को मिली राहत
प्रयागराज। जिला न्यायालय ने धोखाधड़ी के मामले में आरोपी सनी सोनकर और सत्येंद्र सोनकर को उनकी अग्रिम जमानत अर्जी पर राहत देते हुए अंतरिम जमानत दे दी है। यह आदेश एडीजे दिनेश चंद ने अभियुक्तगण के अधिवक्ता मनीष खन्ना और नीरज त्रिपाठी को सुनकर दिया है। प्रकरण अतरसुइया थाने का है। वादी फूलचंद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अभियुक्त सनी सोनकर एक कंपनी के मालिक हैं और सत्येंद्र सोनकर एजेंट हैं। वादी ने 24 हजार रुपयेे का बांड कंपनी से खरीदा था। दो साल बाद लगभग 27 हजार रुपये मांगा तो टालमटोल करने लगे। पुलिस से शिकायत करने पर अभियुक्तों ने एक चेक दिया था, जिसे बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया। बचाव पक्ष ने अपने को निर्दोष बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed