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सरकारी सार्वजनिक भूमि पर बने पूजा स्थलों को हटाने में नाकामी पर कोर्ट नाराज
Sat, 09 Jan 2021 01:46 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 09 Jan 2021 01:46 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सार्वजनिक सरकारी जमीनों पर बने अवैध पूजा स्थलों को हटाने की कोई कार्रवाई न किए जाने पर सख्त नाराजगी जाहिर की है और मुख्य सचिव से पूछा है कि कैसे व किस तरीके से लोक संपत्तियों से अवैध अतिक्रमण हटाएंगे । कोर्ट ने मुख्य सचिव को 12 जनवरी को पूरी जानकारी के साथ हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
कोरोना संक्रमण व पार्किंग व्यवस्था को लेकर कायम जनहित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति अजित कुमार ने कहा कि सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से बने पूजा स्थलों को हटाने के निर्देश पर कोई प्रगति नहीं हुई। राज्य सरकार नहीं बता नहीं पा रही कि क्या किया जाए। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ही बताए कि इस संबंध में किसे आदेश दिया जाए। कोर्ट ने दोनों के रवैये पर गहरी नाराजगी जाहिर की और मुख्य सचिव से हलफनामा मांगा है।
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कोरोना संक्रमण व पार्किंग व्यवस्था को लेकर कायम जनहित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति अजित कुमार ने कहा कि सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से बने पूजा स्थलों को हटाने के निर्देश पर कोई प्रगति नहीं हुई। राज्य सरकार नहीं बता नहीं पा रही कि क्या किया जाए। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ही बताए कि इस संबंध में किसे आदेश दिया जाए। कोर्ट ने दोनों के रवैये पर गहरी नाराजगी जाहिर की और मुख्य सचिव से हलफनामा मांगा है।
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माघ मेले की कोरोना संक्रमण से सुरक्षा योजना से कोर्ट संतुष्ट नहीं
प्रयागराज माघ मेले की कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्य सचिव व मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रयागराज ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि कम से कम पांच दिन तक की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के साथ आने वाले ही मेले मे प्रवेश पा सकेंगे। प्रयागराज शहर के बारे में कोई योजना नहीं दी। कोर्ट ने कहा कि यदि एक भी कोरोना संक्रमित शहर में आया तो पूरे मेले में संक्रमण फैलते देर नहीं लगेगी। कोर्ट ने सरकार की योजना को संतोषजनक नहीं माना और संक्रमण को पूरी तरह से नियंत्रित करने की योजना पेश करने का मुख्य सचिव को निर्देश दिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार के अधिवक्ता से कोरोना वैक्सीन लगाने की योजना की पूरी जानकारी मांगी है।
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