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Prayagraj : मात्र 3200 रुपये अतिरिक्त खर्च से बना देश का पहला एआई निगरानी वाला आईसीयू

Thu, 12 Dec 2024 11:59 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 12 Dec 2024 11:59 AM IST
सार

कैंटोनमेंट बोर्ड के छावनी सामान्य अस्पताल ने मेला क्षेत्र के केंद्रीय सामान्य अस्पताल और अरैल स्थित सब हॉस्पिटल में देश के पहले एआई निगरानी वाले 10-10 बेड के दो आईसीयू तैयालर किए हैं। इन वार्डों में पांच-पांच कैमरे लगाए गए हैं। इन्हें माॅनीटर से जोड़ा गया है।

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Country's first AI monitored ICU made with an additional expense of just Rs 3200
icu - फोटो : freepik.com

विस्तार

महाकुंभ मेला क्षेत्र में छावनी अस्पताल ने देश का पहला एआई निगरानी वाला आईसीयू वार्ड तैयार किया है। आम कैमरों को संजीवनी एआई साफ्टवेयर से जोड़कर मात्र 3200 रुपये में यह उपलब्धि हासिल की गई है। मरीजों के उलझन, छाती में दर्द, सांस फूलना, दर्द और घबराहट बोलते ही शीर्ष तीन अफसरों के फोन पर अलार्म बजेगा। ओके लिखने पर ही यह बंद होगा। सीएम योगी बृहस्पतिवार को इसका डेमो लेंगेे।

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कैंटोनमेंट बोर्ड के छावनी सामान्य अस्पताल ने मेला क्षेत्र के केंद्रीय सामान्य अस्पताल और अरैल स्थित सब हॉस्पिटल में देश के पहले एआई निगरानी वाले 10-10 बेड के दो आईसीयू तैयालर किए हैं। इन वार्डों में पांच-पांच कैमरे लगाए गए हैं। इन्हें माॅनीटर से जोड़ा गया है।

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यहां लगे कैमरे आम हैं, जिन्हें एआई बेस्ड संजीवनी साफ्टवेयर से जोड़कर खास सुविधा से लैस कर दिया गया है। वार्ड में भर्ती किसी मरीज के मॉनीटर में ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल के निश्चित सीमा से अधिक या कम दिखने पर अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. राकेश शर्मा, लखनऊ मेदांता के चिकित्सक और छावनी सामान्य अस्पताल के निदेशक एसके पांडेय के मोबाइल फोन का अलार्म बजा देगा।

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कोई मरीज अगर दर्द, उलझन, छाती में दर्द, घबराहट और सांस फूलने की बात कहता है तो भी एआई बेस्ड कैमरे इसे सुनकर तुरंत अलार्म बजा देंगे। मोबाइल फोन का अलार्म तभी बंद होगा, जब इसका रिप्लाई ओके में देंगे। इसके बाद तीन मिनट के अंदर मरीज के पास चिकित्सक का पहुंचना अनिवार्य होगा।

छावनी बोर्ड के सीईओ मोहम्मद समीर इस्लाम के मुताबिक एआई तकनीक से अनूठा आईसीयू वार्ड तैयार करने में सिर्फ 3200 रुपये खर्च हुए हैं। यह राशि एआई सॉफ्टवेयर के सालाना लाइसेंस की फीस बतौर चुकाई गई है। सूत्रों के मुताबिक, बृहस्पतिवार को आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां की सुविधाओं का डेमो लेंगे। इसके लिए यहां आठ मिनट का समय निर्धारित किया गया है।

एआई ट्रांसलेटर एप से हर भाषा में होगी बात

आईसीयू में एआई ट्रांसलेटर एप का भी इस्तेमाल किया जाएगा। यह देश के विभिन्न राज्यों की 22 और 19 विदेशी भाषाओं को हिंदी और अंग्रेजी में बदलकर चिकित्सक तक पहुंचा देगा। इससे मरीज अपनी स्थानीय भाषा में चिकित्सक से बात कर सकेगा। चिकित्सक के पास अंग्रेजी और हिंदी में बात पहुंचेगी। चिकित्सक जिस भाषा में चाहे जवाब दे, मरीज को सुनाई उसकी स्थानीय भाषा में देगा। इससे महाकुंभ के दौरान मरीजों के इलाज में भाषा किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं कर सकेगी।

एआई आधारित आईसीयू के जरिये गंभीर मरीजों के इलाज में बड़ी मदद मिलेगी। विश्व के सबसे बड़े आयोजन में ऐसी सुविधा का चालू होना अनूठी पहल है। इसके लिए मैं छावनी सामान्य अस्पताल को बधाई देता हूं। - डॉ. राकेश शर्मा, एडी हेल्थ।

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