{"_id":"5ee20e168ebc3e431428a164","slug":"coronavirus-terrified-on-travel-roadways-are-not-getting-passengers16","type":"story","status":"publish","title_hn":"सफर पर कोरोना वायरस का खौफ, रोडवेज को नहीं मिल रहे यात्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सफर पर कोरोना वायरस का खौफ, रोडवेज को नहीं मिल रहे यात्री
Thu, 11 Jun 2020 07:23 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2020 07:23 PM IST
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश परिवहन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
एक जून से रोडवेज बसों का संचालन भले शुरू हो गया हो लेकिन कोरोना का खौफ यात्रियों पर हावी है। बसों में सफर वही लोग कर रहे है जिनके पास यातायात का कोई अन्य साधन नहीं है। हालात यह है कि 1 जून से 10 जून तक की अवधि में रोडवेज का लोड फैक्टर महज 25 से 30 फ़ीसदी पर ही टिका है। रोज की कमाई भी 8 से दस लाख रुपए पर ही आकर टिक गई है।
रोडवेज के प्रयागराज परिक्षेत्र की बात करें तो यहां आठ डिपो में कुल 612 बसे हैं। प्रयागराज से सर्वाधिक यात्रियों की आवाजाही लखनऊ ,वाराणसी, गोरखपुर ,फैजाबाद रूट पर है। इन रूटों पर एसी बसें भी रोडवेज संचालित करता है। लॉकडाउन लगने के पूर्व इन सभी रूटों का लोड फैक्टर 70 फ़ीसदी से ज्यादा का था। इससे रोडवेज को भी हर रोज लाखों रुपए की आय हो रही थी।
कोरोनावायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के बाद 1 जून से बसों का संचालन तो रोडवेज ने दोबारा शुरू कर दिया लेकिन यात्री ना मिलने से रोडवेज की स्थिति भी खराब हो रही है। जो कमाई पहले 60 लाख रुपए की थी वह घटकर आठ से 10 लाख रुपए तक पहुंच गई है। इस बारे में रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन का कहना है कि वर्तमान समय बसों का लोड फैक्टर 25 से 30 फ़ीसदी पर ही आकर टिक गया है । बहुत मजबूरी में ही यात्री सफर के लिए आ रहे हैं ।
विज्ञापन
विज्ञापन
रोडवेज के प्रयागराज परिक्षेत्र की बात करें तो यहां आठ डिपो में कुल 612 बसे हैं। प्रयागराज से सर्वाधिक यात्रियों की आवाजाही लखनऊ ,वाराणसी, गोरखपुर ,फैजाबाद रूट पर है। इन रूटों पर एसी बसें भी रोडवेज संचालित करता है। लॉकडाउन लगने के पूर्व इन सभी रूटों का लोड फैक्टर 70 फ़ीसदी से ज्यादा का था। इससे रोडवेज को भी हर रोज लाखों रुपए की आय हो रही थी।
विज्ञापन
कोरोनावायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के बाद 1 जून से बसों का संचालन तो रोडवेज ने दोबारा शुरू कर दिया लेकिन यात्री ना मिलने से रोडवेज की स्थिति भी खराब हो रही है। जो कमाई पहले 60 लाख रुपए की थी वह घटकर आठ से 10 लाख रुपए तक पहुंच गई है। इस बारे में रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन का कहना है कि वर्तमान समय बसों का लोड फैक्टर 25 से 30 फ़ीसदी पर ही आकर टिक गया है । बहुत मजबूरी में ही यात्री सफर के लिए आ रहे हैं ।
विज्ञापन