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होली पर कोरोना का डर रहा हावी, दहशत में लोग पहुंच रहे अस्पताल
Thu, 12 Mar 2020 05:10 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2020 05:10 PM IST
सार
- जुकाम पीड़ित लोग कोरोना संक्रमण की दहशत में जांच करवा रहे हैं
- मौसम में बदलाव से घर-घर में फ्लू और इंफ्लुएंजा के मरीज बढ़े
- छोटे बच्चों में वायरल डायरिया तो बड़ों में सांस फूलने की दिक्कत
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कोरोनावायरस का डर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
होली पर इस बार कोरोना का डर हावी रहा। एक हफ्ते से जुकाम पीड़ित लोग कोरोना संक्रमण होने की दहशत में जांच करवा रहे हैं। वहीं मौसम में बदलाव से घर-घर में फ्लू और इंफ्लुएंजा के मरीज बढ़ गए हैं। छोटे बच्चों में वायरल डायरिया तो बड़ों में सांस फूलने की दिक्कत हो रही है।
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बुधवार को एसआरएन अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में मौसम जनित बीमारियों से पीड़ित मरीजों की भरमार रही। डॉ. आरएन पांडेय के मुताबिक एक सप्ताह से जुकाम पीड़ित बुजुर्ग कोरोना संक्रमण से ग्रसित होने की बात कहते रहे। उनके रक्त की सामान्य जांच में कुछ नहीं निकला। वे खुद को भर्ती करने की जिद पर अड़े रहे। उन्होंने बताया कि सर्द-गर्म हो रहा मौसम फ्लू लोगों में इंफ्लुएंजा फैला रहा है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है।
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वहीं डॉ. कमलेश सोनकर की ओपीडी में भी कई लोग कोरोना से पीड़ित होने की शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मौसम जनित बीमारियों से पीड़ितों को तीन से पांच दिन में राहत मिल जाती है। बशर्ते मरीज सावधानी बरतें। उन्होंने बताया कि कोरोना के लक्षण साफ दिखते हैं। सांस फूलने का मतलब कोरोना ही नहीं होता। बुजुर्गों को बदलते मौसम में इस तरह की दिक्कत हो जाती है। इससे डरने की नहीं मुकाबला करने की जरूरत है, जो सचेत रहने भर से हो जाएगा।
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सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय के अधीक्षक और बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. मुकेश बीर सिंह के मुताबिक बच्चों में वायरल डायरिया के लक्षण मिल रहे हैं। कंजेशन, पसली का चलना जैसी समस्याएं मौसम बदलते समय लापरवाही बरते जाने का नतीजा है। इस तरह के मामलों में लापरवाही गंभीर बीमारी के रूप में सामने आती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में बच्चा मरीजों की संख्या बढ़ी है।