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सहूलियत : प्रयागराज जंक्शन पर बनेंगे दो नए प्लेटफॉर्म, कुल संख्या हो जाएगी 12
Sun, 03 Oct 2021 06:17 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 03 Oct 2021 06:17 PM IST
सार
प्लेटफॉर्म नंबर सात-आठ और नौ-दस के बीच होगा नया निर्माण, आसपास के स्टेशनों पर ट्रेनों को नहीं करना होगा इंतजार
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prayagraj news : प्रयागराज जंक्शन।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
प्रयागराज जंक्शन पर यार्ड रिमॉडलिंग के साथ ही यहां दो नए प्लेटफॉर्म का निर्माण होगा। रेलवे को इसकी स्वीकृति मिल चुकी है। यहां बनाए जाने वाले दोनों ही नए प्लेटफॉर्म 24 कोच की क्षमता के होंगे। इनका निर्माण प्लेटफार्म नंबर सात-आठ और नौ-दस के बीच होगा।
जंक्शन पर अभी 10 प्लेटफॉर्म हैं। नए निर्माण के बाद यहां प्लेटफॉर्म की कुल संख्या 12 हो जाएगी। प्लेटफार्म नंबर नौ-दस को 11-12 के नाम से जाना जाएगा, जबकि दोनों नए प्लेटफार्म नौ और दस नंबर से पहचाने जाएंगे। दरअसल प्रयागराज जंक्शन पर यार्ड की रिमॉडलिंग होनी है। यह बड़ा प्रोजेक्ट है। इसी प्रोजेक्ट के तहत जंक्शन पर दो नए प्लेटफॉर्म का निर्माण होना है।
इनके निर्माण के बाद प्रयाग जंक्शन, प्रयागराज रामबाग, सूबेदारगंज और नैनी से आने वाली ट्रेनों को जंक्शन पर प्लेटफार्म खाली न होने की वजह से बेवजह खड़ा नहीं होना पड़ेगा। प्रयागराज मंडल के डीआरएम मोहित चंद्रा ने बताया कि यार्ड रिमॉडलिंग के तहत कई कार्य होने है। इसी के तहत दो नए प्लेटफॉर्म भी यहां स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेनों के और बेहतर संचालन के लिए यार्ड रिमॉडलिंग जरूरी है। यह काम शुरू करने के दौरान कुछ दिन के लिए दिल्ली-हावड़ा रूट की कुछ ट्रेनों को डायवर्ट या रिस्टोर भी किया जा सकता है। हालांकि यह फैसला रेलवे बोर्ड स्तर का है।
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निरंजन रेल ब्रिज पर पांच की जगह हो जाएगी सात लाइन
यार्ड रिमॉडलिंग के दौरान निरंजन रेल ब्रिज का भी चौड़ीकरण होगा। मौजूदा वक्त निरंजन रेल ब्रिज पर कुल पांच रेल लाइन है। यहां दो लाइन और बढ़ाने की तैयारी है। यह दोनों ही लाइन ललित नगर साइड में ही बिछाई जाएंगी। इसे बिछाने के पूर्व निरंजन पुल को चौड़ा भी किया जाएगा। यहां नई लाइन बिछानी इसलिए जरूरी है क्योंकि आने वाले दिनों में प्रयागराज रामबाग से जंक्शन तक दोहरीलाइन पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा की जानी है। इसका फायदा तभी होगा जब निरंजन ब्रिज पर पांच की जगह सात लाइन हो। इसके पूर्व प्रयाग जंक्शन से प्रयागराज जंक्शन तक पहले ही रेल लाइन का दोहरीकरण हो चुका है।
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जंक्शन पर अभी 10 प्लेटफॉर्म हैं। नए निर्माण के बाद यहां प्लेटफॉर्म की कुल संख्या 12 हो जाएगी। प्लेटफार्म नंबर नौ-दस को 11-12 के नाम से जाना जाएगा, जबकि दोनों नए प्लेटफार्म नौ और दस नंबर से पहचाने जाएंगे। दरअसल प्रयागराज जंक्शन पर यार्ड की रिमॉडलिंग होनी है। यह बड़ा प्रोजेक्ट है। इसी प्रोजेक्ट के तहत जंक्शन पर दो नए प्लेटफॉर्म का निर्माण होना है।
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इनके निर्माण के बाद प्रयाग जंक्शन, प्रयागराज रामबाग, सूबेदारगंज और नैनी से आने वाली ट्रेनों को जंक्शन पर प्लेटफार्म खाली न होने की वजह से बेवजह खड़ा नहीं होना पड़ेगा। प्रयागराज मंडल के डीआरएम मोहित चंद्रा ने बताया कि यार्ड रिमॉडलिंग के तहत कई कार्य होने है। इसी के तहत दो नए प्लेटफॉर्म भी यहां स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेनों के और बेहतर संचालन के लिए यार्ड रिमॉडलिंग जरूरी है। यह काम शुरू करने के दौरान कुछ दिन के लिए दिल्ली-हावड़ा रूट की कुछ ट्रेनों को डायवर्ट या रिस्टोर भी किया जा सकता है। हालांकि यह फैसला रेलवे बोर्ड स्तर का है।
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निरंजन रेल ब्रिज पर पांच की जगह हो जाएगी सात लाइन
यार्ड रिमॉडलिंग के दौरान निरंजन रेल ब्रिज का भी चौड़ीकरण होगा। मौजूदा वक्त निरंजन रेल ब्रिज पर कुल पांच रेल लाइन है। यहां दो लाइन और बढ़ाने की तैयारी है। यह दोनों ही लाइन ललित नगर साइड में ही बिछाई जाएंगी। इसे बिछाने के पूर्व निरंजन पुल को चौड़ा भी किया जाएगा। यहां नई लाइन बिछानी इसलिए जरूरी है क्योंकि आने वाले दिनों में प्रयागराज रामबाग से जंक्शन तक दोहरीलाइन पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा की जानी है। इसका फायदा तभी होगा जब निरंजन ब्रिज पर पांच की जगह सात लाइन हो। इसके पूर्व प्रयाग जंक्शन से प्रयागराज जंक्शन तक पहले ही रेल लाइन का दोहरीकरण हो चुका है।