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एपीएस भर्ती पर फिर विवाद, स्थायीकरण रोकने की मांग
Tue, 11 Jan 2022 11:54 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 11 Jan 2022 11:54 PM IST
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- फोटो : social media
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अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती 2010 फिर विवादों के घेरे में है। इस भर्ती में हुए घोटाले के मामले में सीबीआई की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने के बावजूद नियुक्ति पा चुके अभ्यर्थियों के स्थायीकरण की प्रक्रिया फिर शुरू की जा रही है। प्रतियोगी छात्रों ने इसका विरोध कर रहे हैं और शासन से मांग की है कि स्थायीकरण की प्रक्रिया को शीघ्र रोक दिया जाए।
सीबीआई ने एपीएस भर्ती 2010 की जांच के लिए प्रदेश सरकार से विशेष अनुमति ली थी। जांच में यह सामने आया था कि तमाम अभ्यर्थियों को मनमाने तरीके से अंक देकर चयनित कर लिया गया और इसके बाद उन्हें सचिवालय में नियुक्ति दे दी गई।
हालांकि सीबीआई जांच शुरू होने के बाद नियुक्त अभ्यर्थियों के स्थायीकरण की प्रक्रिया रोक दी गई थी। यूपी विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि शासन स्तर पर चयनित अभ्यर्थियों के स्थायीकरण की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया गया है।
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प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडे का कहना है कि शासन स्तर पर बैठक कर स्थायीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। उनका आरोप है कि सचिवालय के कुछ अफसर तथ्यों को छिपाकर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। फिलहाल पत्रावली न्याय विभाग में परीक्षण के लिए भेजी गई है।
अवनीश ने मुख्य सचिव से मांग की है की सीबीआई की कार्रवाई पूरी होने तक स्थायीकरण की प्रक्रिया को रोक कर रखा जाए। अवनीश ने निर्वाचन आयोग को भी पत्र भेजकर मांग की है कि स्थायीकरण से संबंधित पत्रावली आगे बढ़ाने वाले अफसरों की जांच कराई जाए।
सीबीआई ने एपीएस भर्ती 2010 की जांच के लिए प्रदेश सरकार से विशेष अनुमति ली थी। जांच में यह सामने आया था कि तमाम अभ्यर्थियों को मनमाने तरीके से अंक देकर चयनित कर लिया गया और इसके बाद उन्हें सचिवालय में नियुक्ति दे दी गई।
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हालांकि सीबीआई जांच शुरू होने के बाद नियुक्त अभ्यर्थियों के स्थायीकरण की प्रक्रिया रोक दी गई थी। यूपी विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि शासन स्तर पर चयनित अभ्यर्थियों के स्थायीकरण की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया गया है।
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प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडे का कहना है कि शासन स्तर पर बैठक कर स्थायीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। उनका आरोप है कि सचिवालय के कुछ अफसर तथ्यों को छिपाकर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। फिलहाल पत्रावली न्याय विभाग में परीक्षण के लिए भेजी गई है।
अवनीश ने मुख्य सचिव से मांग की है की सीबीआई की कार्रवाई पूरी होने तक स्थायीकरण की प्रक्रिया को रोक कर रखा जाए। अवनीश ने निर्वाचन आयोग को भी पत्र भेजकर मांग की है कि स्थायीकरण से संबंधित पत्रावली आगे बढ़ाने वाले अफसरों की जांच कराई जाए।