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Allahabad Highcourt: आजाद पार्क में 1975 के बाद हुए निर्माण दो दिन में गिराए जाएं

Tue, 05 Oct 2021 09:53 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 05 Oct 2021 09:53 PM IST
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Constructions in Azad Park after 1975 should be demolished in two days
allahabad highcourt - फोटो : social media
 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रयागराज के चंद्रशेखर आजाद पार्क (क़ंपनी बाग) में वर्ष 1975 के बाद बने सभी अवैध निर्माण गिरा दिए जाएं। कोर्ट ने इस कार्रवाई के लिए प्रशासन के अधिकारियों को दो दिनों की मोहलत दी है। आदेश का पालन कर दो दिन बाद अदालत के समक्ष अधिकरियों को हलफनामा दाखिल करना होगा।
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कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन, प्रयागराज विकास प्राधिकरण, उद्यान विभाग आदि के आला अधिकारी कोर्ट में हाजिर हुए थे। कोर्ट ने पुन: इस जनहित याचिका पर शुक्रवार 8 अक्तूबर को सुनवाई करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लीज लैंड पर वर्ष 1975 से पूर्व बने निर्माण को छोड़कर शेष सभी अवैध हैं।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के आजाद पार्क में बने कई सरकारी व गैर-सरकारी निर्माणों को लेकर शहर के सभी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को पत्रावलियों समेत तलब किया था। आजाद पार्क  से अतिक्रमण हटाने को लेकर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति  एम एन भंडारी व न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने प्रयागराज के आयुक्त, डीएम, एसएसपी, प्राधिकरण के वीसी, नगर आयुक्त, राजकीय उद्यान अधीक्षक व उप निदेशक वानिकी विभाग प्रयागराज को केस की सुनवाई के दौरान रिकार्ड के साथ प्रस्तुत रहने का निर्देश दिया था।
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हाईकोर्ट ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने 1975 के बाद बने सभी निर्माणों को अवैध करार देते हुए उसे हटाने का निर्देश दिया, परंतु इसके बावजूद वहां धड़ल्ले से कई अवैध निर्माण होते गए। इन निर्माणों में गैर सरकारी निर्माण के अलावा सरकारी निर्माण भी हैं। कोर्ट ने कहा कि 1975 के बाद बने निर्माणों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आजाद पार्क में बने रहने की अनुमति कैसे दी जा सकती है।


इससे पहले पिछली तारीख पर हाईकोर्ट ने आजाद पार्क से अतिक्रमण हटाने को लेकर अधिकारियों द्वारा जवाबदेही से बचने व अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने पर नाराजगी जाहिर की थी और तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि जब भी कोर्ट कोई सवाल पूछती है तो सवाल का सही जवाब न देकर कागजात पेश करने के लिए कोर्ट से समय की मांग की जाती है। 



याचिका में कई अवैध मजारों और मस्जिद को हटाने की मांग
मामले को लेकर जितेंद्र सिंह बिसेन व अन्य लोगों द्वारा दाखिल जनहित याचिका में कंपनी बाग में बनीं कई अवैध मज़ारों और मस्जिद को हटाने की मांग की गई है। कहा गया कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की ओर से पहले ही अवैध निर्माण हटाने का आदेश हो चुका है, इसके बावजूद प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। अधिकारी पुराने रिकॉर्ड व नक्शा उपलब्ध न होने की बात कह कर पल्ला झाड़ लेते हैं।
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