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यूपी: उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के खिलाफ लंबित मुकदमा समाप्त
Thu, 25 Jul 2019 01:28 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: Abhishek Singh
Updated Thu, 25 Jul 2019 01:28 AM IST
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उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
- फोटो : ANI
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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ लंबित मुकदमा स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने समाप्त कर दिया है। परीक्षा केंद्र में घुस कर गालीगलौज करने के आरोप में दाखिल मुकदमा स्पेशल कोर्ट में चल रहा था। शासन ने मुकदमा वापस लिए जाने का निर्देश अभियोजन को दिया था।
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कोर्ट ने अभियोजन की ओर से दाखिल मुकदमा वापस लिए जाने की अर्जी मंजूर कर ली है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ राधा कृष्ण मिश्र, एडीजीसी राजेश गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता कुंज बिहारी मिश्र को सुनकर दिया है।
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घटना 25 नवंबर 2007 की कीडगंज थाने की है। कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित टैक्स असिस्टेंट ग्रेड की परीक्षा केवीएम कालेज नई बस्ती कीडगंज में थी। आरोप है कि केशव प्रसाद मौर्य ने परीक्षा केंद्र में घुसकर एक अभ्यर्थी को जबरन प्रवेश दिलाने के लिए गालीगलौज किया था। अनुसचिव अरुण कुमार राय के निर्देश पर डीएम ने 24 सितंबर 2018 को लोक अभियोजक को मुकदमा वापस लिए जाने का आदेश दिया था।
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अभियोजन ने जनहित में मुकदमा वापस लिए जाने की अर्जी स्पेशल कोर्ट में देकर कहा कि जनता का कोई व्यक्ति प्रभावित पक्षकार नहीं है। किसी व्यक्ति को कोई शारीरिक क्षति नहीं पहुंची है और न ही सरकारी या निजी संपत्ति को कोई क्षति पहुंची है।
विशेष लोक अभियोजक पर बचाव पक्ष ने उठाए सवाल
जवाहर हत्याकांड के मुकदमे में बचाव पक्ष ने विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति पर सवाल उठाया है। कोर्ट में अर्जी देकर कहा है कि राज्य सरकार ने उन्हें लोक अभियोजक नियुक्त नहीं किया है। उन्हें इस मुकदमे में सरकार की ओर से बहस करने से रोक दिया जाए।
कोर्ट ने अर्जी की प्रति विशेष लोक अभियोजक रणेंद्र प्रताप सिंह को दी है और उनसे आपत्ति और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। प्रकरण की सुनवाई 27 जुलाई को होगी। मामले की सुनवाई मात्र इस केस के लिए विशेष रूप से नियुक्त स्पेशल जज एमपीएमएलए आईडी दुबे कर रहे हैं।
मुकदमे में आरोपी राम चंद्र त्रिपाठी उर्फ कल्लू की ओर से अर्जी देकर कहा गया कि मुकदमे में सरकार की ओर से पक्ष रख रहे विशेष लोक अभियोजक रणेंद्र प्रताप सिंह को राज्य सरकार ने विशेष अधिवक्ता इस मुकदमे के लिए नियुक्त नहीं किया है। उन्हें पक्ष रखने से रोका जाए और उनसे दस्तावेजी साक्ष्य मांगे जाएं। सुनवाई के दौरान करवरिया बंधु जेल से कोर्ट में उपस्थित थे।