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Prayagraj News: मारपीट के आरोप में जेल में बंद युवक की बिगड़ी हालत, अस्पताल में मौत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Apr 2024 02:35 AM IST
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Condition of youth in jail on assault charges deteriorated, died in hospital
मारपीट के आरोप में जिला जेल में बंद युवक की स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में मौत हो गई। बुधवार की रात हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने युवक की मौत के लिए थानाध्यक्ष और जेल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। बीते 24 मार्च को जमीन संबंधी विवाद में मारपीट के मामले में पुलिस ने उसे जेल भिजवाया था।
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बंदीपट्टी निवासी चाट विक्रेता रामचंद्र यादव के पांच बेटों में इंद्रजीत यादव 29 सबसे बड़ा था। इंद्रजीत शादी-विवाह में खाना बनाने का काम करता था। उसके दो बेटे और एक बेटी है। जिला जेल प्रभारी एसपी सिंह का कहना है कि इंद्रजीत का 29 मार्च से एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार को डॉक्टरों के डिस्चार्ज करने पर उसे जेल में दाखिल कराया गया था, जहां देर रात हालत बिगड़ने पर उसे दोबारा एसआरएन ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। चचेरे भाई मदन लाल यादव ने बताया कि 19 मार्च को इंद्रजीत अपना मकान बनवा रहा था। तभी पड़ोसी जाबिर उर्फ कल्लू अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पहुंचा और निर्माण का विरोध करने लगा।
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इस दौरान दोनों पक्षों के बड़े बुजुर्गों के समझौते पर मामला शांत हो गया था। आरोप है कि 23 मार्च की रात गांव से थोड़ी दूर पर होली मिलन समारोह में बिरहा का आयोजन था। इंद्रजीत बाइक से अकेले बिरहा सुनने के लिए गया था। देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचा, तब परिवार के लोग उसकी खोजबीन करने लगे। घर से करीब सौ मीटर की दूरी पर इंद्रजीत की बाइक गिरी थी और जाबिर के घर से शोरशराबे की आवाज आ रही थी।
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मदन ने बताया कि आवाज सुनकर परिजन वहां पहुंचे तो मो. साबिर, साकिर, तूफानी, साकर, जाफर सभी इंद्रजीत को घर के अंदर ले जाकर पीट रहे थे। किसी तरह हमलावरों के चंगुल से इंद्रजीत को छुड़ाकर घर ले जाया गया। इसके बाद हमलावरों की सूचना पर पहुंचे सरायममरेज थानाध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह मारपीट में घायल इंद्रजीत समेत उसके परिवार के पांच लोगों को गिरफ्तार का थाने ले गए।

शरीर में गंभीर चोट होने के बावजूद पुलिस ने भेज दिया जेल
भाई मदन ने बताया कि सुबह होने पर जब परिवार के लोग थाने में इंद्रजीत समेत पांचों लोगों से मिलने गए, तब पुलिस ने उन्हें किसी मिलने नहीं दिया। आरोप है कि रात में गिरफ्तार कर ले जाने के बाद थाने में भी इंद्रजीत की पुलिस ने पिटाई की। इससे उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। बावजूद इसके पुलिस ने मेडिकल कराकर आनन-फानन में सभी को जेल भिजवा दिया। उधर, डीसीपी गंगानगर अभिषेक भारती ने बताया कि परिजनों की ओर से पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। 10 दिन पहले मुस्लिम पक्ष से मारपीट के आरोप में मेडिकल कराने के बाद जेल में दाखिल कराया गया था।

बंदी के शरीर में मिले जहर के लक्षण, उसने खाया या खिलाया गया
इंद्रजीत की मौत के बाद बृहस्पतिवार दोपहर बाद तीन डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच बंदी के शव का पोस्टमार्टम किया, जिसमें डॉक्टराें ने सिर पर गहरी चोट की वजह से मौत होने की पुष्टि की। इसके साथ ही उसके शरीर में जहर के भी लक्षण मिले हैं। इस वजह से पेट पूरी तरह काला हो गया था। उसकी आंख, होंठ व नाखून नीले पड़ गए थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि बंदी के शरीर के अंदर जहर के कैसे पहु़ंचा। उसने खुद खाया या उसे खिलाया गया। इस बात का पता लगाने के डॉक्टरों ने उसका विसरा सुरक्षित रख लिया है।
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