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प्रयागराज : बर्बरता की शिकार बच्ची की हालत सुधरी, मंगलवार को हाथ का होगा ऑपरेशन

Mon, 20 Mar 2023 10:42 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 20 Mar 2023 10:42 PM IST
सार

प्रीतम नगर निवासी सिन्हा दंपती द्वारा बुरी तरह से पीटे जाने से घायल बच्ची का इलाज छावनी अस्पताल में चल रहा है। उसकी हालत में सुधार है। अब मंगलवार को एमएस आर्थोपेडिक डॉ. संजू पांडेय की देखरेख में बच्ची के बाएं हाथ का ऑपरेशन किया जाएगा।

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condition of the victim of vandalism has improved, today hand operation will be done
Prayagraj News : अस्पताल में भर्ती बच्ची। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रीतम नगर निवासी सिन्हा दंपती द्वारा बुरी तरह से पीटे जाने से घायल बच्ची का इलाज छावनी अस्पताल में चल रहा है। उसकी हालत में सुधार है। अब मंगलवार को एमएस आर्थोपेडिक डॉ. संजू पांडेय की देखरेख में बच्ची के बाएं हाथ का ऑपरेशन किया जाएगा। दंपती की प्रताड़ना का शिकार हुई मासूम बच्ची को कई दिनों तक खाना न दिए जाने से उसका शरीर काफी कमजोर हो गया था। इससे बच्ची का हीमोग्लोबिन 6 यूनिट तक पहुंच गया था।

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बच्ची की कमजोर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने पहले उसके स्वास्थ्य में सुधार का निर्णय लिया। अस्पताल प्रशासन ने बच्ची को खाने में पौष्टिक आहार व ताकत की दवाइयां दीं, जिससे उसकी हालत पहले से बेहतर है। मंगलवार को बच्ची के बाएं हाथ का ऑपरेशन किया जाएगा। इस दौरान कई जगह से टूटी कोहनी की हड्डी को लोहे की प्लेट डालकर जोड़ा जाएगा।

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नहीं मालूम कि संतरा कैसे खाते हैं
सोमवार को अस्पताल की कर्मचारी जब बच्ची को संतरा खिलाने पहुंची तो वह संतरे के साथ उसका बीज भी खाने लगी। जब उससे पूछा गया कि उसे नहीं मालूम कि संतरे का बीज नहीं खाया जाता, तो उसने कहा कि मामी उसे फल दिखाती थी, मगर कभी खाने को नहीं देती थी। उसे नहीं मालूम कि संतरा कैसे खाया जाता है।

पढ़ने का है मन
बच्ची का कहना है कि वह पढ़ना चाहती है। जब अपनी उम्र के बच्चों को स्कूल जाते देखती थी, तो उसका भी स्कूल जाने का मन होता था, मगर उसे आज तक स्कूल नहीं भेजा गया। अगर उसे स्कूल जाने का मौका मिला तो वह पढ़लिख कर पुलिस अफसर बनेगी।

बच्ची को भूखा, प्यासा रखकर मारापीटा गया है, जिसके कारण उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया है। ऐसे में पहले उसके शरीर को ऑपरेशन के लिए मजबूत बनाना था। तीन दिन तक उसे टाइम पर खाना और पौष्टिक आहार मिलने से हालत में सुधार हुआ है। - डॉ. प्रियंका सिंह, स्त्री रोग विशेषज्ञ, छावनी अस्पताल

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