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मंत्री जी! खुद ही देखिए... छात्राओं से भी चक्कर कटवाता है सिस्टम
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मीरगंज के तहसील सभागार में फरियादियों की शिकायत सुनते राज्यमंत्री। संवाद
- फोटो : MEERGANJ
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मीरगंज (बरेली)। राजस्व राज्यमंत्री छत्रपाल सिंह गंगवार ने सोमवार को मीरगंज तहसील का दौरा किया तो सिस्टम से परेशान लोगों से सामना हुआ। पीड़ित लोगों ने उनके सामने शिकायतों की झड़ी लगा दी। पीड़ितों में किसान, बुजुर्ग और आम लोग ही नहीं, स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी थे जिन्हें जाति और स्थाई निवास प्रमाण पत्रों के लिए हफ्तों से चक्कर लगवाए जा रहे थे। इस पर भड़के राज्यमंत्री ने अफसरों-लेखपालों को चेतावनी दी कि अगर फौरन सिस्टम में सुधार न हुआ तो नौकरी खतरे में पड़ जाएगी।
छत्रपाल सिंह सुबह सवा 11 बजे मीरगंज तहसील पहुंचे तो सबसे पहले उनका सामना आय, जाति और स्थाई निवास के प्रमाण पत्रों के लिए इकट्ठी कई स्कूलों की छात्राओं से हुआ। राज्यमंत्री ने पूछताछ की तो छात्राओं ने बताया कि वे लोग काफी समय से तहसील के चक्कर काट रही हैं लेकिन फिर भी उनके प्रमाण पत्र के लिए लेखपाल रिपोर्ट नहीं लगा रहे हैं। छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की आखिरी तारीख निकलने को है, फिर भी कोई उनकी नहीं सुन रहा है।
राजस्व राज्यमंत्री इसके बाद रजिस्ट्रार कानूनगो दफ्तर पहुंचे जहां दाखिल-खारिज से संबंधित रिकॉर्ड चेक किया तो तमाम मामले लंबित मिले। खतौनी का ज्यादा शुल्क लिए जाने की शिकायत मिली तो कंप्यूटर आपरेटर को किसी से ज्यादा शुल्क न लेने की चेतावनी दी। तहसीलदार कोर्ट में बाबू से दाखिल-खारिज समेत अन्य लंबित मुकदमों की जानकारी ली। एसडीएम कोर्ट में वादकारियों ने शिकायत की कि वे लोग तीन-तीन साल से चक्कर काट रहे हैं लेकिन वादों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
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दबंगों का उनकी जमीनों पर कब्जा है, कोर्ट के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें कब्जा नहीं मिल पा रहा है। ताबड़तोड़ शिकायतों पर झुंझलाए राज्यमंत्री सभागार में बैठ गए तो वहां शिकायत करने वालों का और ज्यादा जमघट लग गया। कुल्छा खुर्द के ग्राम प्रधान राहुल ने राजस्व अभिलेखों में गड़बड़ी की शिकायत की तो लेखपाल को डांट लगाते हुए कहा कि नहीं सुधरोगे ंतो नौकरी से हाथ धो बैठोगे। यहां शिकायतें सुनने के बाद वह तहसील से बाहर निकले तो किसानों ने उन्हें रोककर बाढ़ से फसलों की क्षति के सर्वे में लेखपालों की मनमानी की शिकायत की। इस पर मंत्री ने एक बार फिर चेतावनी दी कि अगर फौरन तहसील का सिस्टम न सुधरा तो सख्त कार्रवाई होगी।
गरीबों की शिकायत, राशन कार्ड नहीं बन
रहे, कोटेदार बोले- हमसे हो रही वसूली
राज्यमंत्री से तमाम लोगों ने यह भी शिकायत की कि पात्र होने के बावजूद उनके राशन कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं जबकि अपात्रों के बीपीएल और अन्त्योदय राशनकार्ड बना दिए गए हैं। इस पर मंत्री ने तल्ख शब्दों में सप्लाई इंस्पेक्टर को चेतावनी दी कि संपन्न परिवारों के राशन कार्ड फौरन रद्द किए जाएं और पात्र गरीबों के राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज की जाए। वर्ना वह कार्रवाई को तैयार रहें।
इसी दौरान कोटेदारों ने भी सप्लाई इंस्पेक्टर पर राशन के उठान पर 30 रुपये प्रति क्विंटल की दर से वसूली करने का आरोप लगाया। मंत्री ने तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि समय रहते सुधर जाएं और फरियादियों की समस्याओं का समाधान करें वर्ना कार्रवाई के लिए तैयार रहें। साथ में मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा और ब्लॉक प्रमुख गोपाल कृष्ण गंगवार भी थे।
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छत्रपाल सिंह सुबह सवा 11 बजे मीरगंज तहसील पहुंचे तो सबसे पहले उनका सामना आय, जाति और स्थाई निवास के प्रमाण पत्रों के लिए इकट्ठी कई स्कूलों की छात्राओं से हुआ। राज्यमंत्री ने पूछताछ की तो छात्राओं ने बताया कि वे लोग काफी समय से तहसील के चक्कर काट रही हैं लेकिन फिर भी उनके प्रमाण पत्र के लिए लेखपाल रिपोर्ट नहीं लगा रहे हैं। छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की आखिरी तारीख निकलने को है, फिर भी कोई उनकी नहीं सुन रहा है।
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राजस्व राज्यमंत्री इसके बाद रजिस्ट्रार कानूनगो दफ्तर पहुंचे जहां दाखिल-खारिज से संबंधित रिकॉर्ड चेक किया तो तमाम मामले लंबित मिले। खतौनी का ज्यादा शुल्क लिए जाने की शिकायत मिली तो कंप्यूटर आपरेटर को किसी से ज्यादा शुल्क न लेने की चेतावनी दी। तहसीलदार कोर्ट में बाबू से दाखिल-खारिज समेत अन्य लंबित मुकदमों की जानकारी ली। एसडीएम कोर्ट में वादकारियों ने शिकायत की कि वे लोग तीन-तीन साल से चक्कर काट रहे हैं लेकिन वादों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
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दबंगों का उनकी जमीनों पर कब्जा है, कोर्ट के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें कब्जा नहीं मिल पा रहा है। ताबड़तोड़ शिकायतों पर झुंझलाए राज्यमंत्री सभागार में बैठ गए तो वहां शिकायत करने वालों का और ज्यादा जमघट लग गया। कुल्छा खुर्द के ग्राम प्रधान राहुल ने राजस्व अभिलेखों में गड़बड़ी की शिकायत की तो लेखपाल को डांट लगाते हुए कहा कि नहीं सुधरोगे ंतो नौकरी से हाथ धो बैठोगे। यहां शिकायतें सुनने के बाद वह तहसील से बाहर निकले तो किसानों ने उन्हें रोककर बाढ़ से फसलों की क्षति के सर्वे में लेखपालों की मनमानी की शिकायत की। इस पर मंत्री ने एक बार फिर चेतावनी दी कि अगर फौरन तहसील का सिस्टम न सुधरा तो सख्त कार्रवाई होगी।
गरीबों की शिकायत, राशन कार्ड नहीं बन
रहे, कोटेदार बोले- हमसे हो रही वसूली
राज्यमंत्री से तमाम लोगों ने यह भी शिकायत की कि पात्र होने के बावजूद उनके राशन कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं जबकि अपात्रों के बीपीएल और अन्त्योदय राशनकार्ड बना दिए गए हैं। इस पर मंत्री ने तल्ख शब्दों में सप्लाई इंस्पेक्टर को चेतावनी दी कि संपन्न परिवारों के राशन कार्ड फौरन रद्द किए जाएं और पात्र गरीबों के राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज की जाए। वर्ना वह कार्रवाई को तैयार रहें।
इसी दौरान कोटेदारों ने भी सप्लाई इंस्पेक्टर पर राशन के उठान पर 30 रुपये प्रति क्विंटल की दर से वसूली करने का आरोप लगाया। मंत्री ने तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि समय रहते सुधर जाएं और फरियादियों की समस्याओं का समाधान करें वर्ना कार्रवाई के लिए तैयार रहें। साथ में मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा और ब्लॉक प्रमुख गोपाल कृष्ण गंगवार भी थे।