यूपीपीएससी : अभ्यर्थन वापसी की जगह वेटिंग लिस्ट जारी करे आयोग, अभ्यर्थियों ने दिया सुझाव
आयोग ने आरओ/एआरओ-2021 की परीक्षा में शामिल उन अभ्यर्थियों से अभ्यर्थन वापसी के लिए आवेदन मांगे हैं, जिनका चयन किसी दूसरी परीक्षा के तहत उच्च पदों पर हो चुका है और वे आरओ/एआरओ परीक्षा में अपना अभ्यर्थन नहीं रखना चाहते हैं।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने आरओ/एआरओ-2021 की परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों से अभ्यर्थन वापसी के लिए भले ही आवेदन मांग लिए हों, लेकिन बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र अब भी इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका सुझाव है कि आयोग अभ्यर्थन वापसी के बजाय वेटिंग लिस्ट जारी करे। आयोग ने आरओ/एआरओ-2021 की परीक्षा में शामिल उन अभ्यर्थियों से अभ्यर्थन वापसी के लिए आवेदन मांगे हैं, जिनका चयन किसी दूसरी परीक्षा के तहत उच्च पदों पर हो चुका है और वे आरओ/एआरओ परीक्षा में अपना अभ्यर्थन नहीं रखना चाहते हैं। आयोग ने अभ्यर्थियों की मांग पर ही यह नोटिस निकाला है, ताकि सीटें खाली न रहें और मेरिट में नीचे रह जाने वाले अभ्यर्थियों को चयन का मौका मिल सके।
इस बीच यह मांग भी उठ रही है कि पीसीएस-2022 की मुख्य परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों से भी अभ्यर्थन वापसी के लिए आवेदन मांगें जाएं, क्योंकि इनमें से कई अभ्यर्थी पीसीएस-2021 के तहत उच्च पदों पर चयनित हो चुके हैं। अगर ऐसे अभ्यर्थी पीसीएस-2022 की मुख्य परीक्षा में सफल हो जाते और इंटरव्यू नहीं देते हैं तो दूसरे अभ्यर्थियों के लिए चयन के अवसर कम हो जाएंगे।
इन सबसे अलग प्रतियोगी छात्रों की मुख्य मांग यह है कि आयोग अपनी परीक्षाओं की वेटिंग लिस्ट जारी करे। ऐसे में अभ्यर्थन वापसी के लिए आवेदन लेने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय का कहना है कि समिति काफी समय से मांग कर रही है कि आरओ/एआरओ, पीसीएस समेत अन्य परीक्षाओं की वेटिंग लिस्ट जारी की जाए।
अगर कोई अभ्यर्थी चयन के बाद भी ज्वाइन नहीं करता है तो पद खाली रह जाने का संकट खत्म हो जाएगा। साथ ही वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों के लिए चयन के अवसर बढ़ जाएंगे। बहुत से ऐसे अभ्यर्थी भी होते हैं, जिनके लिए परीक्षा में अंतिम अवसर होता है और आयु सीमा पूरी कर लेने के कारण उनके लिए भविष्य के दरवाजे बंद हो जाते हैं। वेटिंग लिस्ट जारी होने से ऐसे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। अवनीश का कहना है कि इसमें आयोग को कोई नुकसान नहीं होना है और अभ्यर्थियों को सीधे फायदा मिलेगा। जल्द ही इस मसले पर फिर से मुख्यमंत्री और आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा।