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तय समय पर पीसीएस मेंस कराने के लिए अड़ा आयोग
Sat, 18 May 2019 01:12 AM IST
विनोद सिंह
Prayagraj
Prayagraj
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 18 May 2019 01:12 AM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा समय से कराने पर अड़ा है। वहीं, अभ्यर्थियों ने परीक्षा टलवाने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परीक्षा टालने की मांग की गई है। अभ्यर्थी अब आमरण अनशन की तैयारी कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने तय किया है कि वे उप मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या बताएंगे।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर चुका है। परीक्षा 17 से 21 जून तक होनी है। परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। आयोग जल्द ही प्रवेश पत्र जारी कर सकता है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि परीक्षा निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार ही कराई जाएगी। यह आयोग का अंतिम निर्णय है।
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आयोग परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा है। उधर, शुक्रवार को आयोग पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना था कि मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए न्यूनतम 90 दिन का समय मिलना चाहिए। आयोग ने 30 मार्च को प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया था और 17 जून से परीक्षा कराई जा रही है। ऐसे में तैयारी के लिए महज 68 दिनों का वक्त मिल रहा है जबकि पहली बार मुख्य परीक्षा नए पैटर्न पर आयोजित होने जा रही है। अभ्यर्थियों ने सचिव के बयान की निंदा करते हुए आरोप लगाया है कि आयोग उनका उत्पीड़न कर रहा है।
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अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है और कहा है कि आयोग की यही स्थिति रही तो प्रतियोगी छात्रों को इच्छा मृत्यु की मांग करनी पड़ेगी। साथ ही अभ्यर्थियों ने आयोग से मांग की है कि जिस तरह परीक्षा टाले जाने के पक्ष में उन्होंने दो हजार अभ्यर्थियों के अंकपत्र दिए हैं, उसी तरह आयोग भी स्पष्ट करे कि कितने अभ्यर्थियों ने परीक्षा समय से कराए जाने के लिए प्रत्यावेदन दिए हैं। अभ्यर्थियों ने तय किया कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात करने उनके आवास पर जाएगा और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराएगा। आयोग में हर्षवर्धन पाठक, कौशल सिंह, बृजेश सिंह, प्रवीन सिंह, हिमांशु राय, धीरज सिंह, सतीश कुमार, सत्यम, अनिल उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
596 अभ्यर्थियों ने नहीं भरा पीसीएस मेंस का फॉर्म
पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन फॉर्म भरने की तिथि 16 मई निर्धारित थी। आयोग की वेबसाइट पर रात 12 बजे तक फॉर्म भरे जाने थे। पीसीएस मेंस में शामिल होने के लिए प्रारंभिक परीक्षा में 19096 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इनमें से 18500 अभ्यर्थियों ने आवदेन फॉर्म भरे जबकि 596 अभ्यर्थियों ने फॉर्म नहीं भरे। ऐसे में मुख्य परीक्षा में अब 18500 अभ्यर्थी ही शामिल होंगे। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि हर साल फॉर्म न भर पाने वाले अभ्यर्थियों की औसतन यहीं संख्या होती है। सचिव के मुताबिक आवेदन की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी खोला मोर्चा
पीसीएस मेंस टलवाने के लिए अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर भी मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री समेत शासन स्तर के तमाम अफसरों को अभ्यर्थियों ने ट्वीट करके मांग की है कि परीक्षा कम से कम एक माह के लिए टाल दी जाए। इसके साथ ही फेसबुक पर भी अभियान चलाया जा रहा है और प्रदेश के अन्य जिलों में रहने वाले मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों से भी प्रयागराज आकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की जा रही है।