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आयोग अध्यक्ष के खिलाफ जमावड़ा आज
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Tue, 14 Apr 2015 11:46 PM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के खिलाफ चल रहे आंदोलन के क्रम में बुधवार को एक बार फिर बड़ी संख्या में छात्रों और प्रतियोगियों के जमावड़ा की आशंका है। प्रतियोगियों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर सभा फिर वहां से आयोग तक शांति मार्च की घोषणा की है। इसमें अन्य प्रमुख लोगों के भी शामिल होने की उम्मीद है। इससे टकराव और बवाल की आशंका भी बन गई है।
पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पेपर निरस्त करने, आयोग के अध्यक्ष को हटाने तथा भर्तियों और पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्रों का विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर 10 दिनों से आंदोलन चल रहा है। इसी के अंतर्गत छात्रों ने बुधवार को सभा और शांति मार्च की घोषणा की है। इसके तहत सुबह 11 बजे छात्रों और प्रतियोगियों का छात्रसंघ भवन पर जमावड़ा होगा। आंदोलन की सफलता के लिए छात्रों ने मंगलवार को भी जनसंपर्क तथा माइक मीटिंग की। छात्रों का कहना था कि जब से डॉ.अनिल यादव अध्यक्ष बने हैं आयोग की भर्तियों पर सवाल उठ रहे हैं। इससे शहर भी अशांत हो गया है।
विश्वविद्यालय, लक्ष्मी टाकीज, लल्ला चुंगी, मनमोहन पार्क आदि चौराहों पर माइक मीटिंग में आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान छात्रों का कहना था कि शांति मार्च के बाद भी मांग नहीं मानी गई तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। जनसंपर्क और माइक मीटिंग में राणा यशवंत प्रताप सिंह, अमरेंदु सिंह, प्रशांत सिंह समाजसेवी, अक्षय भट्ट आदि शामिल रहे।
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पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पेपर निरस्त करने, आयोग के अध्यक्ष को हटाने तथा भर्तियों और पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्रों का विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर 10 दिनों से आंदोलन चल रहा है। इसी के अंतर्गत छात्रों ने बुधवार को सभा और शांति मार्च की घोषणा की है। इसके तहत सुबह 11 बजे छात्रों और प्रतियोगियों का छात्रसंघ भवन पर जमावड़ा होगा। आंदोलन की सफलता के लिए छात्रों ने मंगलवार को भी जनसंपर्क तथा माइक मीटिंग की। छात्रों का कहना था कि जब से डॉ.अनिल यादव अध्यक्ष बने हैं आयोग की भर्तियों पर सवाल उठ रहे हैं। इससे शहर भी अशांत हो गया है।
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विश्वविद्यालय, लक्ष्मी टाकीज, लल्ला चुंगी, मनमोहन पार्क आदि चौराहों पर माइक मीटिंग में आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान छात्रों का कहना था कि शांति मार्च के बाद भी मांग नहीं मानी गई तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। जनसंपर्क और माइक मीटिंग में राणा यशवंत प्रताप सिंह, अमरेंदु सिंह, प्रशांत सिंह समाजसेवी, अक्षय भट्ट आदि शामिल रहे।
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