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राम मंदिर निर्माण के लिए सोना एकत्र करने निकली टोलियां
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Collections for collecting gold for construction of Ram temple
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राम मंदिर के लिए देश के हर गांव से सोना एकत्र करने निकलीं टोलियां
प्रयागराज। विहिप के मॉडल से अलग शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के राम मंदिर मॉडल पर आधारित निर्माण के लिए बृहस्पतिवार को भी माघ मेला के शिविर में सोना एकत्र करने के लिए संतों-भक्तों ने अभियान चलाया। शंकराचार्य के शिष्य प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए देश के हर गांव से सोना एकत्र करने के लिए संतों-भक्तों की टोलियां निकल चुकी हैं।
त्रिवेणी मार्ग स्थित शंकराचार्य के शिविर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने संतों-भक्तों के बीच बताया कि राम मंदिर के मॉडल के लिए शंकराचार्य ने सात सौ वास्तुकारों को नियुक्त किया है। सर्वश्रेष्ठ मॉडल का चयन कर मंदिर निर्माण अयोध्या में कराया जाएगा। उन्होंने संत तुलसी दास की चौपाई -माघ मकरगत रवि जब होई/ तीरथ पतिहिं आव सब कोई...के माध्यम से संगम की महिमा का वर्णन किया। संगम स्नान की महिमा का भी वर्णन किया। कहा कि मौनी अमावस्या पर संगम स्नान से देवत्व का विकास होता है। बताया कि गंगा का स्नान से मन की मलीनता दूर हो जाती है। इसलिए गंगा स्नान के पहले सच्चा भक्त पहले घर में नहा लेता है,।ताकि उसकी डुबकी लगाने से गंगा जल में कोई प्रदूषण न होने पाए।
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प्रयागराज। विहिप के मॉडल से अलग शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के राम मंदिर मॉडल पर आधारित निर्माण के लिए बृहस्पतिवार को भी माघ मेला के शिविर में सोना एकत्र करने के लिए संतों-भक्तों ने अभियान चलाया। शंकराचार्य के शिष्य प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए देश के हर गांव से सोना एकत्र करने के लिए संतों-भक्तों की टोलियां निकल चुकी हैं।
त्रिवेणी मार्ग स्थित शंकराचार्य के शिविर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने संतों-भक्तों के बीच बताया कि राम मंदिर के मॉडल के लिए शंकराचार्य ने सात सौ वास्तुकारों को नियुक्त किया है। सर्वश्रेष्ठ मॉडल का चयन कर मंदिर निर्माण अयोध्या में कराया जाएगा। उन्होंने संत तुलसी दास की चौपाई -माघ मकरगत रवि जब होई/ तीरथ पतिहिं आव सब कोई...के माध्यम से संगम की महिमा का वर्णन किया। संगम स्नान की महिमा का भी वर्णन किया। कहा कि मौनी अमावस्या पर संगम स्नान से देवत्व का विकास होता है। बताया कि गंगा का स्नान से मन की मलीनता दूर हो जाती है। इसलिए गंगा स्नान के पहले सच्चा भक्त पहले घर में नहा लेता है,।ताकि उसकी डुबकी लगाने से गंगा जल में कोई प्रदूषण न होने पाए।
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