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Mahakumbh: एप्पल को-फाउंडर की पत्नी जपेंगी मां काली का बीज मंत्र, आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद से ली दीक्षा

Wed, 15 Jan 2025 08:26 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 15 Jan 2025 08:26 PM IST
सार

एप्पल के सह संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लाॅरेन पाॅवेल जाॅब्स ने महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद से दीक्षा ली। वह महाकाली के बीज मंत्र ॐ क्रीं महाकालिका नमः मंत्र का जाप करेंगी। 

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co founder  Apple Beej Mantra of Mahakali took initiation from Acharya Mahamandaleshwar Kailashanand
एप्पल की मालकिन लाॅरेन स्टीव जाॅब्स ने आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद से ली दीक्षा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

एप्पल के को फाउंडर और अरबपति कारोबारी स्टीव जाॅब्स की पत्नी लाॅरेन पाॅवेल जाॅब्स महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए पहुंचीं हैं। वह निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि के शिविर में प्रवास कर रही हैं। जाॅब्स 13 जनवरी को प्रयागराज पहुंची थीं। मकर संक्रांति पर स्नान करने की भी उनकी इच्छा थी, लेकिन तबीयत खराब हो जाने के कारण वह अमृत स्नान नहीं कर सकीं। बुधवार को उन्होंने अपने गुरु आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि से दीक्षा ली। लाॅरेन पाॅवेल को महाकाली के बीज मंत्र की दीक्षा दी गई है। वह ॐ क्रीं महाकालिका नमः का जाप करेंगी।

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प्रयागराज आने के बाद खराब हो गई थी तबीयत
महाकुंभ में भारी भीड़ से अभिभूत एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी प्रयागराज पहुंचने के बाद अस्वस्थ हो गईं थी। उनका स्वास्थ्य कुछ गड़बड़ हो गया था, लेकिन गंगा स्नान और आराम के बाद उनकी हालत में सुधार हो रहा है। 

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सनातन धर्म में गहरी रुचि रखती हैं पाॅवेल
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने बताया कि सभी प्रश्न सनातन धर्म के इर्द-गिर्द घूमते हैं और उन्हें उत्तरों में बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती हैं। लॉरेन की आध्यात्मिकता की खोज उन्हें महाकुंभ में ले आईं। यहां उनको नया नाम कमला दिया गया है। वह बहुत ही सरल, सौम्य हैं और यहां हैं। आध्यात्मिकता की उनकी खोज उन्हें यहां ले आई। जिस तरह से उन्होंने अखाड़े में खुद को संचालित किया है उससे यह स्पष्ट होता है कि दुनिया के सबसे अमीर और सबसे प्रसिद्ध लोगों में से एक होने के बावजूद, वह अहंकार रहित हैं और दिखावा नहीं करती हैं।

यहां वह सादे कपड़े पहनती हैं और आचरण करती हैं। वह लो प्रोफाइल रहती हैं। वह यहां हमारी शाश्वत और कालजयी सनातनी संस्कृति, सभी चेतनाओं के मूल को देखने आई हैं। वह यहां सनातनी आस्था के प्रहरियों, साधु-संतों से मिल रही हैं। पुरी ने कहा कि कहा कि लॉरेन पहली बार महाकुंभ में आई हैं।

काशी विश्वनाथ के कर चुकी हैं दर्शन
काशी विश्वनाथ के दर्शन करके महाकुंभ आई थीं। महाकुंभ में आने से पहले लॉरेन पॉवेल काशी विश्वनाथ के दर्शन किया। गंगा में नौकायन के बाद  सिर पर दुपट्टा डालकर बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचीं। गर्भगृह के बाहर से ही बाबा का आशीर्वाद लिया। सनातन धर्म में गैर हिंदू शिवलिंग का स्पर्श नहीं करते, इस बात का ध्यान रखते हुए उन्होंने बाहर से ही दर्शन किया।

स्टीव जॉब्स ने लेटर लिखकर कुंभ में जाने में इच्छा जताई थी
मीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, 1974 में एपल के फाउंडर स्टीव जॉब्स ने एक लेटर लिखा था। जिसमें उन्होंने भारत आने की इच्छा जताई थी। जॉब्स कुंभ मेला जाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। माना जा रहा है कि अब उनकी वाइफ लॉरेन पॉवेल जॉब्स की इच्छा पूरी करने के लिए भारत आई हैं। वहीं स्टीव जॉब्स का लिखा ये लेटर 4.32 करोड़ रुपये में बिका है।

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