श्रेणीवार क्षैतिज आरक्षण को चुनौती, जवाब तलब
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नागरिक पुलिस और पीएससी में 41520 कांस्टेबलों की भर्ती के लिए जारी परिणाम को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। परिणाम में क्षैतिज आरक्षण श्रेणीवार लागू करने के कारण रद्द किए जाने की मांग की गई है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और पुलिस भर्ती बोर्ड से इस मामले में जवाब मांगा है। याचिका पर चार अप्रैल को सुनवाई होगी।
रेनू और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि 41520 पदों पर भर्ती के लिए पहला कट ऑफ 14 दिसंबर 2018 को जारी किए गए, जिसमें याचीगण ओबीसी वर्ग की है जो पहले कटऑफ में चयनित नहीं हो सकीं। इसके बाद दूसरी कटऑफ मेरिट 181.5322 की जारी की गई। दोनों कटऑफ लिस्ट कॉमन थी अर्थात सामान्य, ओबीसी और एससी सभी के लिए थी। याचीगण दूसरे कटऑफ में चयनित हो गई।
उनको दस्तावेज सत्यापन के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया। इसमें भी वह उत्तीर्ण हो गई।
18 फरवरी 2019 को अंतिम चयन परिणाम घोषित किया गया तो याचीग का नाम चयन सूची में नहीं था। जबकि, उनसे कम अंक पाने वाली अनारक्षित वर्ग की महिलाएं चयनित हो गईं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि भर्ती बोर्ड ने क्षैतिज आरक्षण श्रेणीवार लागू कर दिया, जबकि विज्ञापन में श्रेणीवार आरक्षण लागू करने की बात नहीं कही गई है। अधिवक्ता का कहना था कि एक बार कॉमन कटऑफ जारी करने के बाद क्षैतिज आरक्षण श्रेणीवार नहीं लागू किया जा सकता है। याचिका पर चार अप्रैल को अगली सुनवाई होगी।