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पांच वर्ष में पांच गुना हुए सरकारी पदों के दावेदार
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 14 Jan 2015 11:43 PM IST
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कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं में पिछले पांच वर्ष के दौरान दावेदारों की संख्या पांच गुना बढ़ गई है। एसएससी की परीक्षाओं में पांच वर्ष पहले यह संख्या सात से आठ लाख तक थी, वह संख्या अब बढ़कर 35 लाख के पार हो गई है। एसएससी के जरिए केन्द्र सरकार से जुड़े विभागों में विभिन्न पदों पर भर्ती की जाती है। आयोग की परीक्षाओं में प्रतिवर्ष पांच से छह लाख प्रतियोगी बढ़ रहे हैं। इससे पता चलता है कि सरकारी सेवाओं के प्रति युवाओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है। आयोग की परीक्षाओं में भले ही परीक्षार्थियों की संख्या पांच गुना हो गई हो चयन के लिए पदों की संख्या में कोई खास अंतर नहीं आया है।
कर्मचारी चयन आयोग की ओर से होने वाली प्रमुख परीक्षाओं में संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल), संयुक्त स्नातक लेवल (सीजीएल), मल्टी टास्किंग स्टॉफ, एसआई सीपीओ, स्टेनोग्राफर शामिल हैं। इन परीक्षाओं के जरिए लगभग 10 हजार से अधिक पदों पर चयन किया जाता है। इन सभी परीक्षाओं में 2014 में लगभग 35 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए, यह संख्या 2015 में बढ़कर 40 लाख के पार पहुंच सकती है। इस वर्ष सिपाही भर्ती परीक्षा को भी एसएससी की परीक्षाओं में शामिल करने के बाद पदों के साथ दावेदारों की संख्या बढ़ेगी।
2014 में एसएससी की संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल) में 14 लाख, संयुक्त स्नातक लेवल (सीजीएल) सात लाख, एमटीएस में 10 लाख, एसआई सीपीओ में दो लाख, स्टेनोग्राफर परीक्षा में दो लाख परीक्षार्थियों के साथ यह संख्या 35 लाख के पार पहुंच गई। एसएससी मध्य क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य आते हैं। इन क्षेत्रों से सबसे अधिक प्रतियोगियों के निकलने के कारण दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक जेपी गर्ग का कहना है कि निजी क्षेत्र में नौकरी की अनिश्चितता और मंदी के कारण युवाओं का रुझान सरकारी सेवाओं की ओर बढ़ा है। सरकारी सेवा में इन वर्षों में पदों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं के बराबर हुई है परंतु दावेदारों की संख्या पांच गुना हो गई। उन्होंने कहा कि एसएससी की परीक्षाओं के रिजल्ट आदि की घोषणा में कम समय लगने से दावेदार लगातार बढ़ रहे हैं।
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कर्मचारी चयन आयोग की ओर से होने वाली प्रमुख परीक्षाओं में संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल), संयुक्त स्नातक लेवल (सीजीएल), मल्टी टास्किंग स्टॉफ, एसआई सीपीओ, स्टेनोग्राफर शामिल हैं। इन परीक्षाओं के जरिए लगभग 10 हजार से अधिक पदों पर चयन किया जाता है। इन सभी परीक्षाओं में 2014 में लगभग 35 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए, यह संख्या 2015 में बढ़कर 40 लाख के पार पहुंच सकती है। इस वर्ष सिपाही भर्ती परीक्षा को भी एसएससी की परीक्षाओं में शामिल करने के बाद पदों के साथ दावेदारों की संख्या बढ़ेगी।
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2014 में एसएससी की संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल) में 14 लाख, संयुक्त स्नातक लेवल (सीजीएल) सात लाख, एमटीएस में 10 लाख, एसआई सीपीओ में दो लाख, स्टेनोग्राफर परीक्षा में दो लाख परीक्षार्थियों के साथ यह संख्या 35 लाख के पार पहुंच गई। एसएससी मध्य क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य आते हैं। इन क्षेत्रों से सबसे अधिक प्रतियोगियों के निकलने के कारण दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक जेपी गर्ग का कहना है कि निजी क्षेत्र में नौकरी की अनिश्चितता और मंदी के कारण युवाओं का रुझान सरकारी सेवाओं की ओर बढ़ा है। सरकारी सेवा में इन वर्षों में पदों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं के बराबर हुई है परंतु दावेदारों की संख्या पांच गुना हो गई। उन्होंने कहा कि एसएससी की परीक्षाओं के रिजल्ट आदि की घोषणा में कम समय लगने से दावेदार लगातार बढ़ रहे हैं।