प्रयागराज : वायरल छेड़खानी के दावे की खुली पोल, सीसीटीवी में नहीं मिला घटना का सुराग, युवती ने बताई सच्चाई
प्रयागराज में युवती से अभद्रता के दावे वाला वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस जांच में कहानी अलग निकली। सीसीटीवी फुटेज में घटना की पुष्टि नहीं हुई और पूछताछ में युवती ने भी ऐसी घटना होने से इनकार किया। पुलिस के अनुसार, अधिक दृश्य और अनुयायी जुटाने के उद्देश्य से वीडियो प्रसारित किए जाने की बात सामने आई है।
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सोशल मीडिया पर व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए कथित घटना का वीडियो बनाकर प्रसारित करने का मामला सामने आया है। कैंट क्षेत्र से जुड़े वायरल वीडियो में एक युवती ने दावा किया था कि सार्वजनिक स्थान पर कुछ युवकों ने उसका दुपट्टा खींचकर उसके साथ अभद्रता की। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से फैल गया और शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने कथित घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और वायरल वीडियो में किए गए दावे से संबंधित उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध फुटेज और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों का वायरल वीडियो में किए गए दावे से मेल नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने युवती से भी पूछताछ की।
पुलिस जांच के दौरान युवती ने स्वीकार किया कि उसके साथ इस तरह की कोई घटना नहीं हुई थी। जांच में यह बात सामने आई कि वीडियो कथित तौर पर सोशल मीडिया पर अधिक व्यूज और फॉलोअर्स हासिल करने के उद्देश्य से बनाया और प्रसारित किया गया था। वायरल वीडियो के कारण पिछले दो दिनों से मामले को लेकर चल रही चर्चाओं पर पुलिस जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हुई। इस घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन संवेदनशील दावों को साझा किए जाने के जोखिम को भी सामने ला दिया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित संवेदनशील और गंभीर दावों की जांच उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाती है। जांच में तथ्य गलत पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।