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शहर और गांव, हर जगह भाजपा का दांव
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 12 Mar 2017 02:14 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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संगम नगरी में भी मोदी मैजिक काम कर गया और नेहरू की नगरी में कांग्रेस-सपा गठबंधन का सफाया करते हुए भाजपा ने शनिवार को नया इतिहास रचा। पार्टी ने इलाहाबाद में सपा और कांग्रेस से उनकी सभी सीटें छीन लीं। एकमात्र करछना में सपा को जीत मिली जबकि दो सीटें बसपा के खाते में गईं। बाकी नौ सीटों पर भाजपा-अपना दल गठबंधन का कब्जा रहा। इनमें से आठ सीटों पर भाजपा और एक पर अपना दल (एस) के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की।
इससे पहले भाजपा ने 1996 के विधानसभा चुनाव में इलाहाबाद में सर्वाधिक चार सीटें जीती थीं। 2012 के चुनाव में भाजपा यहां अपना खाता भी नहीं खोल सकी थी जबकि सपा ने आठ, बसपा ने तीन और कांग्रेस ने एक सीट पर कब्जा किया था। इस बार भाजपा ने फाफामऊ, फूलपुर, मेजा, कोरांव, बारा, शहर उत्तरी, शहर दक्षिणी, शहर पश्चिमी की सीट अपने नाम कर ली जबकि भाजपा के साथ गठबंधन करने वाले अपना दल (एस) को सोरांव में सफलता मिली। बसपा को शहर पश्चिमी, करछना और कोरांव की सीट गंवानी पड़ी लेकिन प्रतापपुर और हंडिया की सीट बसपा ने अपने नाम कर ली। इन दोनों सीटों पर बसपा ने अपना दल (एस) को पराजित किया। वहीं, सपा के वरिष्ठ नेता रेवती रमण सिंह के गढ़ करछना में उनके बेटे उज्जवल रमण सिंह सपा को जीत दिला पाने में कामयाब रहे। यह सीट पहले बसपा के पास थी।
संगम नगरी में मिली शानदार जीत से भाजपाइयों में जबर्दस्त उत्साह दिखा। कार्यकर्ताओं ने दो दिन पहले ही होली मना ली और मुंडेरा मंडी स्थित मतगणना स्थल के बाहर सड़क केसरिया रंग के गुलाल से पट गई। मतगणना शुरू होने के बाद सुबह नौ बजे से ही संकेत मिलने लगे थे कि भाजपा प्रयाग की धरती पर इतिहास रचने जा रही है। 11 बजे तक स्थिति काफी कुछ साफ हो चुकी थी। भाजपा ने जिन सीटों पर जीत दर्ज की, शुरुआत से ही पार्टी प्रत्याशियों को वहां भारी बढ़त मिल गई थी और उम्मीदवारों ने अंत तक इस बढ़त को बरकरार रखा।
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मतगणना शुुरू होने के बाद सुबह नौ बजे से जैसे ही रुझान आने शुरू हुए, भाजपा छोड़ बाकी सभी दलों के कार्यकर्ताओं के चेहरे पर उदासी साफ नजर आने लगी। दोपहर 12 बजे तक जीरो रोड स्थित कांग्रेस के जिला कमेटी कार्यालय, चौक स्थित शहर कमेटी कार्यालय, जॉर्जटाउन में मालवीय रोड स्थित सपा के जिला कार्यालय और दूरदर्शन केंद्र के सामने बसपा के कार्यालय में सन्नाटा पसरा चुका था। हार से हताश कार्यकर्ता वहां से जा चुके थे जबकि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यालय में सैकड़ों कार्यकर्ता अबीर-गुलाल के साथ जश्न के माहौल में डूबे हुए थे।
कहां से कौन जीता
विधानसभा क्षेत्र-विजयी प्रत्याशी
फाफामऊ-विक्रमाजीत मौर्य (भाजपा)
सोरांव-जमुना प्रसाद (अपना दल सोनेलाल)
फूलपुर-प्रवीण कुमार सिंह (भाजपा)
प्रतापपुर-मोहम्मद मुजतबा सिद्दीकी (बसपा)
हंडिया-हाकिम लाल बिंद (बसपा)
मेजा-नीलम करविरया (भाजपा)
करछना-उज्ज्वल रमण सिंह (सपा)
शहर पश्चिमी-सिद्धार्थ नाथ सिंह (भाजपा)
शहर उत्तरी-हर्षवर्धन बाजपेयी (भाजपा)
शहर दक्षिणी-नंद गोपाल गुप्ता नंदी (भाजपा)
बारा-डॉ. अजय कुमार (भाजपा)
कोरांव-राजमणि कोल (भाजपा)
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इससे पहले भाजपा ने 1996 के विधानसभा चुनाव में इलाहाबाद में सर्वाधिक चार सीटें जीती थीं। 2012 के चुनाव में भाजपा यहां अपना खाता भी नहीं खोल सकी थी जबकि सपा ने आठ, बसपा ने तीन और कांग्रेस ने एक सीट पर कब्जा किया था। इस बार भाजपा ने फाफामऊ, फूलपुर, मेजा, कोरांव, बारा, शहर उत्तरी, शहर दक्षिणी, शहर पश्चिमी की सीट अपने नाम कर ली जबकि भाजपा के साथ गठबंधन करने वाले अपना दल (एस) को सोरांव में सफलता मिली। बसपा को शहर पश्चिमी, करछना और कोरांव की सीट गंवानी पड़ी लेकिन प्रतापपुर और हंडिया की सीट बसपा ने अपने नाम कर ली। इन दोनों सीटों पर बसपा ने अपना दल (एस) को पराजित किया। वहीं, सपा के वरिष्ठ नेता रेवती रमण सिंह के गढ़ करछना में उनके बेटे उज्जवल रमण सिंह सपा को जीत दिला पाने में कामयाब रहे। यह सीट पहले बसपा के पास थी।
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संगम नगरी में मिली शानदार जीत से भाजपाइयों में जबर्दस्त उत्साह दिखा। कार्यकर्ताओं ने दो दिन पहले ही होली मना ली और मुंडेरा मंडी स्थित मतगणना स्थल के बाहर सड़क केसरिया रंग के गुलाल से पट गई। मतगणना शुरू होने के बाद सुबह नौ बजे से ही संकेत मिलने लगे थे कि भाजपा प्रयाग की धरती पर इतिहास रचने जा रही है। 11 बजे तक स्थिति काफी कुछ साफ हो चुकी थी। भाजपा ने जिन सीटों पर जीत दर्ज की, शुरुआत से ही पार्टी प्रत्याशियों को वहां भारी बढ़त मिल गई थी और उम्मीदवारों ने अंत तक इस बढ़त को बरकरार रखा।
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मतगणना शुुरू होने के बाद सुबह नौ बजे से जैसे ही रुझान आने शुरू हुए, भाजपा छोड़ बाकी सभी दलों के कार्यकर्ताओं के चेहरे पर उदासी साफ नजर आने लगी। दोपहर 12 बजे तक जीरो रोड स्थित कांग्रेस के जिला कमेटी कार्यालय, चौक स्थित शहर कमेटी कार्यालय, जॉर्जटाउन में मालवीय रोड स्थित सपा के जिला कार्यालय और दूरदर्शन केंद्र के सामने बसपा के कार्यालय में सन्नाटा पसरा चुका था। हार से हताश कार्यकर्ता वहां से जा चुके थे जबकि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यालय में सैकड़ों कार्यकर्ता अबीर-गुलाल के साथ जश्न के माहौल में डूबे हुए थे।
कहां से कौन जीता
विधानसभा क्षेत्र-विजयी प्रत्याशी
फाफामऊ-विक्रमाजीत मौर्य (भाजपा)
सोरांव-जमुना प्रसाद (अपना दल सोनेलाल)
फूलपुर-प्रवीण कुमार सिंह (भाजपा)
प्रतापपुर-मोहम्मद मुजतबा सिद्दीकी (बसपा)
हंडिया-हाकिम लाल बिंद (बसपा)
मेजा-नीलम करविरया (भाजपा)
करछना-उज्ज्वल रमण सिंह (सपा)
शहर पश्चिमी-सिद्धार्थ नाथ सिंह (भाजपा)
शहर उत्तरी-हर्षवर्धन बाजपेयी (भाजपा)
शहर दक्षिणी-नंद गोपाल गुप्ता नंदी (भाजपा)
बारा-डॉ. अजय कुमार (भाजपा)
कोरांव-राजमणि कोल (भाजपा)