Prayagraj : चिट्स फंड लेखाकर ने दो विद्यालयों के नवीनीकरण के लिए डेढ़ लाख रुपये में की थी डील
सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स कार्यालय के लेखाकार रागविराग और कंप्यूटर ऑपरेटर विजय राज सिंह के 75 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में नया खुलासा हुआ है।
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सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स कार्यालय के लेखाकार रागविराग और कंप्यूटर ऑपरेटर विजय राज सिंह के 75 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में नया खुलासा हुआ है। एंटी करप्शन की जांच में पता चला है कि फतेहपुर के एक नहीं बल्कि दो विद्यालयों की कमेटी के नवीनीकरण के नाम पर एक-एक लाख रुपये की मांग की गई थी। लेकिन दोनों के लिए 75-75 हजार मिलाकर कुल डेढ़ लाख रुपये में डील तय हुई थी।
दोनों आरोपियों को शुक्रवार को वाराणसी के एंटी करप्शन कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। शिवकुटी थाने में दर्ज एफआईआर में निरीक्षक अलाउद्दीन अंसारी ने बताया कि शिकायतकर्ता रतिपाल सिंह ने एंटी करप्शन को शिकायती पत्र दिया। कहा कि वह फतेहपुर के बिंदकी स्थित ज्ञान भारती मूला देवी एमएस जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक हैं। उक्त विद्यालय का संचालन श्री ओमर वैश्य विद्यालय कमेटी का गठन कर तेलियरगंज के सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स से पंजीकरण कराकर किया जा रहा है।
इसका 10 अक्तूबर 2020 को पांच साल के लिए नवीनीकरण कराया गया था। रतिपाल सिंह ने बताया कि उक्त फर्म के नवीनीकरण के लिए उन्होंने और फतेहपुर के नरैनी स्थित श्री भैरवनाथ जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक राघवेंद्र सिंह ने सभी प्रपत्रों के साथ सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स कार्यालय मेहंदौरी, तेलियरगंज प्रयागराज में प्रार्थना पत्र जमा किया था।
आरोप है कि दोनों विद्यालयों के नवीनीकरण के संबंध में रतिपाल अपने विद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह के साथ 30 अक्तूबर को सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स के रागविराग से मिले तो उन्होंने अपना मोबाइल नंबर देकर कहा कि नवीनीकरण कैसे होगा मैं आप लोगों को फोन पर बता दूंगा।
इसके बाद राग विराग ने तीन नवंबर को व्हॉट्सएप पर कॉल करके कहा कि दोनों विद्यालयों के नवीनीकरण के लिए दो लाख रुपये देने होंगे। इसके बाद दोनों विद्यालयों के नवीनीकरण के लिए 75-75 हजार में डील तय हुई। जैसे ही पहली रिश्वत दी गई तो आरोपी गिरफ्तार हो गए।
अब तो पकड़ ही लिया है, ले चलो मुझे...
एफआईआर के मुताबिक, रतिपाल ने कार्यालय जाकर कहा कि बाबू जी मेरी फर्म का नवीनीकरण करा दीजिए। इस पर रागविराग ने जवाब दिया कि प्रति फर्म के नवीनीकरण के लिए 75-75 हजार रुपये देने के बारे में जितेंद्र सिंह को बताया है। रुपये लाए हो कि नहीं, रुपये देने के बाद ही नवीनीकरण होगा। इसके बाद विजय राज से रुपये लेने को कहा। तभी एंटी करप्शन की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। रागविराग ने गिरफ्तारी के बाद कहा कि अब तो पकड़ ही लिया है, ले चलो मुझे।