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प्रयागराज : दुष्कर्म के बाद मासूूम की हत्या में बाल अपचारी को आजीवन कारावास, 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाय
Fri, 01 Sep 2023 03:50 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 01 Sep 2023 03:50 PM IST
सार
विशेष अदालत (पॉक्सो एक्ट) की अपर सत्र न्यायाधीश अपर्णा त्रिपाठी द्वितीय ने मार्च 2019 में शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में हुई इस बर्बर घटना पर यह आदेश दिया। यह 10 वर्षीय बच्ची ननिहाल में रहकर पढ़ाई करती थी। स्कूल जाते वक्त बाल अपचारी उसे जबरन रास्ते से जबरन नाले की ओर खींच ले गया और दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इलाहाबाद जिला न्यायालय की विशेष अदालत ने 10 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के बाद हत्या के दोषी बाल अपचारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अपराध की निर्ममता को देखते हुए अदालत ने 16 साल की उम्र के अपचारी को बालक मानकर सजा सुनाए जाने की दलील खारिज कर दी। कोर्ट ने राज्य सरकार से पीड़ित के माता-पिता को मुआवजा देने की सिफारिश भी की है।
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विशेष अदालत (पॉक्सो एक्ट) की अपर सत्र न्यायाधीश अपर्णा त्रिपाठी द्वितीय ने मार्च 2019 में शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में हुई इस बर्बर घटना पर यह आदेश दिया। यह 10 वर्षीय बच्ची ननिहाल में रहकर पढ़ाई करती थी। स्कूल जाते वक्त बाल अपचारी उसे जबरन रास्ते से जबरन नाले की ओर खींच ले गया और दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी। मामले को छुपाने के लिए गांव को पानी भरे नाले में फेंक दिया।
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पुलिस ने पिता की तहरीर पर बाल अपचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया। जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि और एडीजीसी राहुल मिश्रा ने अदालत में दलील दी कि बाल अपचारी के अपराध को अंजाम देने का तरीका बेहद निर्मम है, इसलिए उसे बालक हाेने का लाभ नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने मामले की चिकित्सा रिपोर्ट और गवाहों के बयान को आधार मान कर बाल अपचारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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