{"_id":"57b0cf0d4f1c1bda786eae7e","slug":"chhatraneta-emulated-mobile-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल से नकल करते धराया छात्रनेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोबाइल से नकल करते धराया छात्रनेता
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 15 Aug 2016 01:58 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की विधि स्नातक प्रवेश परीक्षा में रविवार को एक अभ्यर्थी व्हाट्सएप से पेपर वायरल करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। एफआईआर लिखने के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसके मोबाइल पर पेपर वायरल किया गया है, उसकी भी पहचान कर ली गई है। वह विश्वविद्यालय का छात्रनेता है और परास्नातक प्रवेश परीक्षा (पीजीएटी) में अनियमितता के खिलाफ आंदोलनरत रहा। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। विश्वविद्यालय के अफसरों का कहना है कि प्रवेश परीक्षा में नकल कराने वाला पूरा गैंग सक्रिय था, जिसका पर्दाफाश कर दिया गया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय के विधि संकाय केंद्र पर भी एक अभ्यर्थी मोबाइल के साथ पकड़ा गया।
पूर्व की प्रवेश परीक्षाआें में अनियमितता और नकल को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने रविवार को हुई एलएलबी और बीएएलएलबी प्रवेश परीक्षा में सख्ती बढ़ा दी थी। प्रवेश परीक्षा भी विश्वविद्यालय और संघटक कॉलेजाें में कराई गई। कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू के नेतृत्व में अध्यापकों की टीम ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके बावजूद इलाहाबाद डिग्री कॉलेज में बलिया में इसरी सलेमपुर के अराजी माफी गांव का सोनू कुमार नामक अभ्यर्थी मोबाइल लेकर परीक्षा कक्ष में घुसने में सफल रहा। अभ्यर्थी सीएमपी डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव भी लड़ चुका है। मोबाइल से पेपर वायरल करते समय वह रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
वह छात्र विश्वविद्यालय के छात्रनेता चंदन सिंह के मोबाइल पर पेपर की फोटो भेज रहा था। सीओ बैरहना कृष्ण गोपाल सिंह का कहना है कि सोनू ने भी स्वीकार किया है कि पेपर चंदन सिंह को भेज रहा था। छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर चुके चंदन परास्नातक प्रवेश परीक्षा में अनियमितता के खिलाफ चल रहे आंदोलन में भी काफी सक्रिय रहे। चंदन का कहना है कि विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा के अलावा कई अन्य तरह की अनियमितता व्याप्त हैं।
विज्ञापन
इसके खिलाफ आंदोलन में वह सक्रिय रहे। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन फंसा रहा है। निवर्तमान छात्रसंघ पदाधिकारियों ने भी चंदन सिंह पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। कहा कि विवि प्रशासन की इस तरह की कार्रवाई से छात्र झुकने वाले नहीं हैं। चंदन के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का तीव्र विरोध किया जाएगा। इसके अलावा ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज केंद्र पर शशिकांत नामक एक अभ्यर्थी ओएमआर शीट (उत्तर पुस्तिका) लेकर भाग गया। उसके खिलाफ भी थाने में तहरीर दी गई है।
‘इलाहाबाद डिग्री कॉलेज केंद्र पर सोनू कुमार नामक अभ्यर्थी को कक्ष निरीक्षक ने उस समय रंगे हाथ पकड़ लिया जब वह प्रश्न-पत्र की मोबाइल से फोटो खींच कर व्हाट्सअप से भेजने का प्रयास कर रहा था। छानबीन के बाद पता चला कि जिसे वह व्हाट्सअप कर रहा था वह मोबाइल नंबर छात्र नेता चंदन कुमार सिंह का है। वह छात्र नेता पीजीएटी के पेपर आउट प्रकरण में आंदोलनरत था। ऐसे में विधि प्रवेश परीक्षा का प्रकरण सामने आने के बाद प्रतीत होता है कि पहले भी यह गैंग पेपर आउट करवाता था और बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन को ब्लैकमेल करने के लिए आंदोलन करवाता था।’
प्रोफेसर बीएन सिंह, निदेशक प्रवेश
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की एलएलबी और बीएएलएलबी प्रवेश परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को समय प्रबंधन की चुनौती से भी जूझना पड़ा। एलएलबी में एक सवाल को हल करने के लिए एक मिनट समय भी नहीं मिला। एलएलबी की प्रवेश परीक्षा में 63 तथा बीएएलएलबी में 61 फीसदी उपस्थिति रही। इनमें ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा में उपस्थिति अधिक रही। इलाहाबाद में एलएलबी में 93 तथा बीएएलएलबी में 84 प्रतिशत उपस्थित रही।
उत्तर प्रदेश सचिवालय / विधानसभा में समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) भर्ती परीक्षा जिले के 18 केंद्रों पर हुई। सिविल केंद्र से परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने परीक्षा में नकल का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों को मोबाइल से नकल कराया जा रहा था।
विज्ञापन
पूर्व की प्रवेश परीक्षाआें में अनियमितता और नकल को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने रविवार को हुई एलएलबी और बीएएलएलबी प्रवेश परीक्षा में सख्ती बढ़ा दी थी। प्रवेश परीक्षा भी विश्वविद्यालय और संघटक कॉलेजाें में कराई गई। कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू के नेतृत्व में अध्यापकों की टीम ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके बावजूद इलाहाबाद डिग्री कॉलेज में बलिया में इसरी सलेमपुर के अराजी माफी गांव का सोनू कुमार नामक अभ्यर्थी मोबाइल लेकर परीक्षा कक्ष में घुसने में सफल रहा। अभ्यर्थी सीएमपी डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव भी लड़ चुका है। मोबाइल से पेपर वायरल करते समय वह रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
विज्ञापन
वह छात्र विश्वविद्यालय के छात्रनेता चंदन सिंह के मोबाइल पर पेपर की फोटो भेज रहा था। सीओ बैरहना कृष्ण गोपाल सिंह का कहना है कि सोनू ने भी स्वीकार किया है कि पेपर चंदन सिंह को भेज रहा था। छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर चुके चंदन परास्नातक प्रवेश परीक्षा में अनियमितता के खिलाफ चल रहे आंदोलन में भी काफी सक्रिय रहे। चंदन का कहना है कि विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा के अलावा कई अन्य तरह की अनियमितता व्याप्त हैं।
विज्ञापन
इसके खिलाफ आंदोलन में वह सक्रिय रहे। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन फंसा रहा है। निवर्तमान छात्रसंघ पदाधिकारियों ने भी चंदन सिंह पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। कहा कि विवि प्रशासन की इस तरह की कार्रवाई से छात्र झुकने वाले नहीं हैं। चंदन के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का तीव्र विरोध किया जाएगा। इसके अलावा ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज केंद्र पर शशिकांत नामक एक अभ्यर्थी ओएमआर शीट (उत्तर पुस्तिका) लेकर भाग गया। उसके खिलाफ भी थाने में तहरीर दी गई है।
‘इलाहाबाद डिग्री कॉलेज केंद्र पर सोनू कुमार नामक अभ्यर्थी को कक्ष निरीक्षक ने उस समय रंगे हाथ पकड़ लिया जब वह प्रश्न-पत्र की मोबाइल से फोटो खींच कर व्हाट्सअप से भेजने का प्रयास कर रहा था। छानबीन के बाद पता चला कि जिसे वह व्हाट्सअप कर रहा था वह मोबाइल नंबर छात्र नेता चंदन कुमार सिंह का है। वह छात्र नेता पीजीएटी के पेपर आउट प्रकरण में आंदोलनरत था। ऐसे में विधि प्रवेश परीक्षा का प्रकरण सामने आने के बाद प्रतीत होता है कि पहले भी यह गैंग पेपर आउट करवाता था और बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन को ब्लैकमेल करने के लिए आंदोलन करवाता था।’
प्रोफेसर बीएन सिंह, निदेशक प्रवेश
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की एलएलबी और बीएएलएलबी प्रवेश परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को समय प्रबंधन की चुनौती से भी जूझना पड़ा। एलएलबी में एक सवाल को हल करने के लिए एक मिनट समय भी नहीं मिला। एलएलबी की प्रवेश परीक्षा में 63 तथा बीएएलएलबी में 61 फीसदी उपस्थिति रही। इनमें ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा में उपस्थिति अधिक रही। इलाहाबाद में एलएलबी में 93 तथा बीएएलएलबी में 84 प्रतिशत उपस्थित रही।
उत्तर प्रदेश सचिवालय / विधानसभा में समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) भर्ती परीक्षा जिले के 18 केंद्रों पर हुई। सिविल केंद्र से परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने परीक्षा में नकल का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों को मोबाइल से नकल कराया जा रहा था।