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Chhath Puja 2022 सूर्योपासना की वेदियों पर व्रतियों ने जलाए मनोकामना के दीप, सूर्य को पहला अर्घ्य कल

Sat, 29 Oct 2022 10:00 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 29 Oct 2022 10:00 PM IST
सार

संगम के अलावा गंगा, यमुना के तटों पर सूर्योपासना के लिए शनिवार की शाम व्रतियों और उनके परिजनों का तांता लग गया। परिवार के सदस्यों के साथ पहुंची महिलाओं ने वेदियों पर हल्दी-चंदन के टीके लगाकर षष्ठी माता की आराधना के गीत गाए।

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Chhath Puja 2022 On altars devotees lit the lamp of their desire
Chhath Puja 2022 : डूबते सूर्य को अर्घ्य देने से पहले संगम तट पर वेदी बनाकर पूजा करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

संतान की प्राप्ति, बेटी के लिए सुयोग्य वर, बेटे के लिए नौकरी, परिवार में समृद्धि और सबके आरोग्य की कामना के दीये शनिवार को संगम पर सूर्योपासना के लिए बनाई गई वेदियों पर जलाए गए। त्रिवेणी तट के अलावा गंगा-यमुना के घाटों पर वेदियां सजाकर व्रतियों ने भगवान सूर्य का आह्वान किया। दीपदान के बाद खरना कर 36 घंटे का निर्जला व्रत धारण किया गया। रविवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य देने के लिए इस बार आस्था का जन सैलाब उमड़ने का अनुमान है। 

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संगम के अलावा गंगा, यमुना के तटों पर सूर्योपासना के लिए शनिवार की शाम व्रतियों और उनके परिजनों का तांता लग गया। परिवार के सदस्यों के साथ पहुंची महिलाओं ने वेदियों पर हल्दी-चंदन के टीके लगाकर षष्ठी माता की आराधना के गीत गाए। दोपहर बाद से ही घाटों पर वेदियां बनाई जाती रहीं और दीप भी जलाए जाते रहे। वेदियों की पूजा कर भगवान सूर्य का व्रतियों ने आह्वान किया। इसके बाद घरों पर पहुंचकर खीर खाकर खरना किया।

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Chhath Puja 2022 On altars devotees lit the lamp of their desire
Chhath Puja 2022 : डूबते सूर्य को अर्घ्य देने से पहले संगम तट पर वेदी बनाकर पूजा करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

संगम पर बहू, बेटियों के साथ वेदी पूजन के लिए पहुंची सिविल लाइंस की सुनयना बताती हैं कि व्रत का यह उनका 16 वां साल है। वह बताती हैं कि छठ मइया के आगे आंचल पसार कर जो भी मांगिए, वह पूरा हो जाता है। वह अपने भक्तों की अर्जी सुनती हैं। वहीं पास में ही अशोक नगर से आईं रागिनी तिवारी भी परिवार के सदस्यों के साथ वेदी बनाकर दीप जलाती रहीं। वह कहती हैं कि छठ व्रत कष्टों से मुक्ति और खुशहाली पाने के लिए किया जाता है। उन्होंने नौ साल पहले पुत्र कामना से इस व्रत को शुरू किया था। मां ने उनकी सुन ली। सभी से वह इस व्रत को करती आ रही हैं।

Chhath Puja 2022 On altars devotees lit the lamp of their desire
Chhath Puja 2022 : छठ पूजा के लिए पूजन सामग्री की खरीदारी करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

गन्ना और सौभाग्य का दउरा खरीदने के लिए बाजार में व्रतियों की भीड़
लोक भावना के षष्ठी व्रत पर बाजार में गन्ने के साथ ही दउरा की खरीद के लिए शनिवार की शाम भीड़ लगी रही। रविवार की दोपहर बाद से ही बाजे गाजे के साथ व्रतियों के परिजन पूजा सामग्री से भरा दउरा या सूप सिर पर उठाकर गंगा तटों पर पहुंचेंगे। वहां वेदियों पर अखंड दीप जलाकर गन्ने के मंडप सजाए जाएंगे। इसके बाद घर-परिवार से लेकर समाज तक के मंगल की कामना की जाएगी। इसके साथ ही डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। सोमवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय सूर्योपासना के लोक पर्व की पूर्णाहुति होगी।

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अफसरों ने छठ पूजन की देखी तैयारी
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी डॉ.राकेश सिंह, डीएम संजय कुमार खत्री, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने शनिवार को संगम क्षेत्र, अरैल समेत अन्य घाटों का निरीक्षण कर छठ पर्व के मद्देनजर तैयारियों को देखा। उन्होंने सुरक्षा, गोताखोरों की तैनाती, यातायात, पानी, बिजली, पानी, टॉयलेट आदि सुविधाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक निर्देश दिए। 

महापौर ने घाटों की तैयारियों का लिया जायजा
छठ पूजा के लिए तैयार किए जा रहे घाटों का शनिवार को महापौर अभिलाषा गुप्ता ने निरीक्षण किया। महापौर ने अधिकारियों को घाटों के संपर्क मार्गों व घाटों पर समुचित सफाई, उचित प्रकाश व्यवस्था, चेंजिंग रूम का निर्माण, शुद्ध पेयजल के लिए टैंकर लगाने के निर्देश दिए। महापौर ने सभी से सांस्कृतिक विरासत को सबल बनाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए भी प्रयास करने की अपील की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महेवाघाट, अरैलघाट, गऊघाट, बलुआघाट, बरगद घाट, नीवां घाट, महापुरी घाट, रसूलाबाद घाट एवं छतनाग घाट झूंसी में पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अपर नगर आयुक्त अरविंद राय, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिषेक, अधिशासी अभियंता डंबर सिंह, अनिल मौर्य, एके सिंह, निजी सचिव मनोज श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

संगम पर बदइंतजामी के बीच आज अस्तचालगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी व्रती महिलाएं
डाला षष्ठी पर इस बार बदइंतजामी के बीच संगम पर महिलाएं अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी। षष्ठी पर डूबते सूर्य को जहां लाखों की तादात में व्रती और उनके परिजन अर्घ्य देने के लिए उमड़ेंगे, वहीं संगम तक जाने के लिए रास्ते तक नहीं बन सके हैं। दलदल तो है ही समतलीकरण की भी खानापूर्ति की गई है। बिजली के खंभे तक नहीं लग सके हैं। लकड़ी के खंभों के सहारे तार दौड़ाए गए हैं, ताकि वेदियों पर दीप जलाकर रात गुजारने वाली व्रती महिलाओं के लिए रोशनी की जा सके। 

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