अखाड़े में घमासान : चेतन गिरि ने जूना अखाड़े के प्रेम गिरि और हरि गिरि पर लगाया गंभीर आरोप, जारी किया वीडियो
स्वामी चेतन गिरि ने जूना अखाड़े के अध्यक्ष महंत प्रेम गिरि और महंत हरि गिरि को संत समाज के लिए कलंक बताया है। उनका कहना है कि जूना अखाड़े के इन दोनों पदाधिकारियों की नजर ऐसे मठों, अखाड़ों के संतों पर रहती है, जिनके यहां चढ़ावा आता है या जिनके पास संपदा है।
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महाकुंभ से पहले अखाड़ों की कलह सतह पर आ गई है। नवगठित श्रीपंच दशनाम श्रीसंत गुरु दत्त अखाड़े के संरक्षक महामंडलेश्वर स्वामी चेतन गिरि ने सोमवार को वीडियो जारी कर पंच दशनाम जूना अखाड़े के संरक्षक हर गिरिऔर अध्यक्ष प्रेम गिरि पर कई गंभीर आरोप लगाकर सनसनी मचा दी। चेतन गिरि ने जूना अखाड़े को दोनों शीर्ष पदाधिकारियों पर मठों-मंदिरों को हड़पने के लिए संतों को फंसाने और परेशान करने का आरोप लगाया है।
स्वामी चेतन गिरि ने जूना अखाड़े के अध्यक्ष महंत प्रेम गिरि और महंत हरि गिरि को संत समाज के लिए कलंक बताया है। उनका कहना है कि जूना अखाड़े के इन दोनों पदाधिकारियों की नजर ऐसे मठों, अखाड़ों के संतों पर रहती है, जिनके यहां चढ़ावा आता है या जिनके पास संपदा है। ऐसे संतों को किसी न किसी बहाने षड्यंत्र का शिकार बनाकर उनका दोहन करना इनकी फितरत में है। चेतन गिरि ने इस आशय का वीडियो सोमवार को सोशलमीडिया प्लेटफार्म पर जारी किया।
अमर उजाला को उन्होंने बताया कि महंत हरि गिरि ने कानपुर के आनंदेश्वर धाम परमठ का पीठाधीश्वर मेरे गुरु ब्रह्मलीन संत पंचानन गिरि को बना दिया था। तब महंत पंचानन गिरि ने उस मंदिर की जिम्मेदारी मुझे सौंप दी थी। जब मैं वहां पहुंचा तब पता चला कि चढ़ावा महंत प्रेम गिरि और महंत हरि गिरि ले जाते थे। जब मैने इस पर हस्तक्षेप किया तो मुझे झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवा दिया गया।
नारायणी रामानुज अखाड़े ने राजसी स्नान के लिए दिया पत्र
13 अखाड़ों से पृथक अखिल भारतीय श्रीनारायणी रामानुज अखाड़े ने महाकुंभ में एकादशी तिथि को राजसी स्नान करने का पत्र मेला प्रशासन को दिया है। दारागंज स्थित वेदांत देशिक सेवा संस्थान में वैष्णव आचार्य संतों ने महाकुंभ में राजशी स्नान का निर्णय लिया। अखिल भारतीय श्री रामानुज वैष्णव समिति के महामंत्री कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य ने बताया कि बीते 2019 के कुंभ में ही आचार्यबाड़ा की ओर से नरायणी रामानुज अखाड़े का गठन किया गया था। इस अखाड़े को एकादशी तिथि पर राजसी स्नान की अनुमति मेला प्रशासन की ओर से मिली थी। इस बार भी अखाड़ा उसी तिथि पर राजसी स्नान के लिए जाएगा।