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लेखपाल भर्ती परीक्षा : चार्जशीट दायर की तो क्यों नहीं भेजी आयोग को रिपोर्ट, जिला प्रशासन पर उठे सवाल

Fri, 05 May 2023 11:10 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 05 May 2023 11:10 AM IST
सार

लेखपाल मुख्य परीक्षा 2021 में नकल करते पकड़ी गई रितू सिंह के पास होने के प्रकरण में जिला प्रशासन सवालों के घेरे में हैं। बड़ा सवाल यह है कि प्रकरण सामने आने के बाद भी इस संबंध में रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी गई।

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Charge sheet was filed then why the report was not sent to the commission, questions raised on the district ad
महिला अभ्यर्थी का प्रवेश पत्र और बरामद चिट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

लेखपाल मुख्य परीक्षा 2021 में नकल करते पकड़ी गई रितू सिंह के पास होने के प्रकरण में जिला प्रशासन सवालों के घेरे में हैं। बड़ा सवाल यह है कि प्रकरण सामने आने के बाद भी इस संबंध में रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी गई। आयोग इसलिए घेरे में है कि जांच के दौरान पुलिस की ओर से पत्राचार किए जाने के बाद भी मामले का संज्ञान क्यों नहीं लिया गया।

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एक दिन पहले लेखपाल भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित होने पर सामने आया था कि आरोपी रितू सिंह उत्तीर्ण हो गई है। 31 जुलाई 2022 को करेली के चेतना गर्ल्स इंटर कॉलेज में वह नकल करते पकड़ी गई थी। जिसे लेकर हंगामा हो गया था और इसी दौरान वह फरार हो गई थी। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी और उसकी गिरफ्तारी पर कोर्ट से राहत मिल गई।

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करीब एक महीने पहले पुलिस ने आरोपी अभ्यर्थी समेत आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। परिणाम में उत्तीर्ण घोषित होने पर मामला एक दिन पहले फिर चर्चा में आया। सूत्रों का कहना है कि ऐसा हुआ तो इसकी वजह प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही है। यूं तो केंद्र प्रबंधन ऐसे मामलों में परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था को रिपाेर्ट भेजता है। इस मामले में अगर प्रधानाचार्य, प्रबंधक जेल चले गए थे तो कम से कम स्टैटिक मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट आयोग के पास भेजनी थी।

हालांकि इस मामले में तत्कालीन स्टैटिक मजिस्ट्रेट संदीप यादव से बात की गई तो उन्होंने साफ कह दिया कि रिपोर्ट केंद्र प्रबंधन को भेजी जानी चाहिए। लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि कॉलेज प्रबंधक व प्रधानाचार्य घटना के बाद ही जेल भेज दिए गए थे, ऐसे में उनकी ओर से रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी तो वह गोलमोल बातें करने लगे।

आयोग पर भी उठ रहे सवाल

इस मामले में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल करेली इंस्पेक्टर रामश्रय यादव का दावा है कि विवेचना के दौरान परीक्षा कक्ष व अभ्यर्थियों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए उसकी ओर से आयाेग अफसरों से पत्राचार किया गया था। इस दौरान एफआईआर की कॉपी भी भेजी गई थी। अब सवाल यह है कि जब एफआईआर की कॉपी भेजी गई तो आयोग ने इसका संज्ञान क्यों नहीं लिया।

अब तक क्या हुआ
- 31 जुलाई 2022 को करेली थाने में परीक्षार्थी रितू सिंह समेत नौ पर दर्ज की गई एफआईआर

- प्रधानाचार्य शबनम परवीन, उसके बेटे कसान व शाबान, कक्ष निरीक्षक हुमा बानो व गिरिराज गुप्ता भेजे जा चुके हैं जेल
- परीक्षार्थी व मालाधारी यादव व महाबीर सिंह की गिरफ्तारी पर कोर्ट से है रोक

- कुल आठ के खिलाफ दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
- तीन आरोपी सलीम, पौरुष व खुरेश चल रहे हैं फरार

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