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फिर गंभीर आरोपों में घिरे इविवि के कुलपति
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 14 Sep 2018 02:00 AM IST
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Allahabad University Vice Chancellor, Hanglu
- फोटो : FILE PHOTO
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वूमेंस एडवाइजरी बोर्ड को दो साल पहले भेजा गया एक पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल हो जाने से नया विवाद उत्पन्न हो गया है। इस पत्र के माध्यम से विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू पर एक महिला ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
वूमेंस एडवाइजरी बोर्ड को यह पत्र वर्ष 2016 में भेजा गया था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह को अब पत्र की कॉपी मिल गई है। ऋचा का दावा है कि सोशल मीडिया पर वायरल पत्र सही है। इस पत्र के जरिये एक महिला ने विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि कुलपति ने पूर्व तैनाती वाले स्थल पर कई लोगों को उत्पीड़न किया। पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद और बढ़ने के आसार हैं। ऋचा सिंह ने इस पत्र की प्रति प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति को भी भेजी है और मामले में जांच कराने की मांग की है।
इस बारे में इविवि के पीआरओ डॉ. चितरंजन कुमार का कहना है कि पत्र सादे कागज पर लिखा है, जिसकी कोई वैधानिकता नहीं है। ऋचा सिंह खुद 1.29 लाख रुपये के गबन में फंसी हैं और कर्नलगंज थाने में इसका मुकदमा दर्ज है। वीसी के पूर्व ओएसडी अमित सिंह ऋचा के खिलाफ मनहानि का केस कर चुके हैं। छात्रसंघ अध्यक्ष के खिलाफ नकल के मामले में जांच चल रही है। दोनों ही एक दल से ताल्लुक रखते हैं। छात्रसंघ चुनाव भी करीब है। ऐसे में बेबुनियाद आरोपों के जरिये इविवि प्रशासन पर दबाव बनाने, ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा रही। यह कुलपति के विरोधियों का नया शिगूफा है।
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वूमेंस एडवाइजरी बोर्ड को यह पत्र वर्ष 2016 में भेजा गया था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह को अब पत्र की कॉपी मिल गई है। ऋचा का दावा है कि सोशल मीडिया पर वायरल पत्र सही है। इस पत्र के जरिये एक महिला ने विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि कुलपति ने पूर्व तैनाती वाले स्थल पर कई लोगों को उत्पीड़न किया। पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद और बढ़ने के आसार हैं। ऋचा सिंह ने इस पत्र की प्रति प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति को भी भेजी है और मामले में जांच कराने की मांग की है।
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इस बारे में इविवि के पीआरओ डॉ. चितरंजन कुमार का कहना है कि पत्र सादे कागज पर लिखा है, जिसकी कोई वैधानिकता नहीं है। ऋचा सिंह खुद 1.29 लाख रुपये के गबन में फंसी हैं और कर्नलगंज थाने में इसका मुकदमा दर्ज है। वीसी के पूर्व ओएसडी अमित सिंह ऋचा के खिलाफ मनहानि का केस कर चुके हैं। छात्रसंघ अध्यक्ष के खिलाफ नकल के मामले में जांच चल रही है। दोनों ही एक दल से ताल्लुक रखते हैं। छात्रसंघ चुनाव भी करीब है। ऐसे में बेबुनियाद आरोपों के जरिये इविवि प्रशासन पर दबाव बनाने, ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा रही। यह कुलपति के विरोधियों का नया शिगूफा है।
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