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नई पेंशन योजना को सहायक अध्यापकों ने दी चुनौती
Wed, 05 Jun 2019 02:02 AM IST
raj kumar tripathi
अमर उजाला
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Published by: raj kumar tripathi
Updated Wed, 05 Jun 2019 02:02 AM IST
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Allahabad High Court
- फोटो : amar ujala
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पुरानी पेंशन बंद कर नई पेंशन योजना लागू करने के शासनादेश को परिषदीय विद्यालयों के सहायक अध्यापकों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। सहायक अध्यापकों की ओर से दाखिल याचिका में बेसिक शिक्षा अधिकारी के उस आदेश को भी चुनौती दी गई है, जिसके तहत नई पेंशन योजना का फार्म नहीं भरने वाले शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। फिलहाल कोर्ट ने शिक्षकों को नियमित वेतन देने का आदेश देते हुए नई योजना पर सरकार से जवाब तलब किया है।
महेंद्र कुमार वर्मा और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने कहा है कि याचीगण नई योजना का फार्म भरेंगे मगर इस दौरान उनके वेतन से यदि कोई कटौती की जाती है तो वह इस याचिका पर पारित होने वाले आदेश पर निर्भर होगी। याचिका पर अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बहस की। याचिका में कहा गया कि प्रदेश सरकार ने 28 मार्च 2005 के शासनादेश से पुरानी पेंशन योजना बंद कर दी। तथा एक अप्रैल 2005 से नियुक्ति होने वाले अध्यापकों, कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना लागू कर दी।
नई योजना के तहत रिटायर होने पर कर्मचारी को पेंशन के रूप में कोई निश्चित राशि नहीं मिलेगी। जो भी कटौती की जाएगी उसका 60 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी को रिटायर होने पर दे दिया जाएगा। शेष 40 प्रतिशत के लिए पेंशन निधि प्रबंधक नियुक्त किए गए हैं। यह प्रबंधक कर्मचारियों का 40 प्रतिशत बचा हिस्सा शेयर मार्केट में लगाएंगे और उससे होने वाले लाभ से पेंशन भुगतान होगा।
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अधिवक्ता का कहना था कि इस योजना से कर्मचारी को कोई निश्चित आय नहीं होगी। शेयर मार्केट में रकम लगाने से नुकसान का भी खतरा रहेगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी महराजगंज ने 31 जनवरी 2019 को नई पेंशन योजना फार्म नहीं भरने पर याचीगण का वेतन रोक दिया है। कोर्ट ने वेतन जारी करने का आदेश देते हुए प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।
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महेंद्र कुमार वर्मा और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने कहा है कि याचीगण नई योजना का फार्म भरेंगे मगर इस दौरान उनके वेतन से यदि कोई कटौती की जाती है तो वह इस याचिका पर पारित होने वाले आदेश पर निर्भर होगी। याचिका पर अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बहस की। याचिका में कहा गया कि प्रदेश सरकार ने 28 मार्च 2005 के शासनादेश से पुरानी पेंशन योजना बंद कर दी। तथा एक अप्रैल 2005 से नियुक्ति होने वाले अध्यापकों, कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना लागू कर दी।
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नई योजना के तहत रिटायर होने पर कर्मचारी को पेंशन के रूप में कोई निश्चित राशि नहीं मिलेगी। जो भी कटौती की जाएगी उसका 60 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी को रिटायर होने पर दे दिया जाएगा। शेष 40 प्रतिशत के लिए पेंशन निधि प्रबंधक नियुक्त किए गए हैं। यह प्रबंधक कर्मचारियों का 40 प्रतिशत बचा हिस्सा शेयर मार्केट में लगाएंगे और उससे होने वाले लाभ से पेंशन भुगतान होगा।
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अधिवक्ता का कहना था कि इस योजना से कर्मचारी को कोई निश्चित आय नहीं होगी। शेयर मार्केट में रकम लगाने से नुकसान का भी खतरा रहेगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी महराजगंज ने 31 जनवरी 2019 को नई पेंशन योजना फार्म नहीं भरने पर याचीगण का वेतन रोक दिया है। कोर्ट ने वेतन जारी करने का आदेश देते हुए प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।