सिपाही भर्ती 2018 के परिणाम को चुनौती
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नागरिक पुलिस और पीएसी में 41520 पदों पर आरक्षियों की भर्ती के लिए जारी चयन परिणाम को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। ओबीसी कैटेगरी के अभ्यर्थी ने यह कहते हुए याचिका दाखिल की है कि परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में पुलिस भर्ती बोर्ड ने गलत विकल्प को सही जवाब माना है। ऐसा करने से याची को 2.5 अंक का नुकसान हुआ है, जिसकी वजह से वह चयन सूची में शामिल नहीं हो सका। पुष्पेंद्र सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने पुलिस भर्ती बोर्ड को इस पर तीन सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याची 18 जून 2018 को आयोजित लिखित परीक्षा में शामिल हुआ। परीक्षा का एक प्रश्न जिसमें पूछा गया था कि मौर्य वंश का अंतिम शासक कौन था। इस सवाल के विकल्प बी में जवाब था बिंदुसार और विकल्प सी में जवाब था वृहदरथ। याची ने विकल्प सी अपना जवाब चुना। मगर, बोर्ड द्वारा जारी आंसर-की में विकल्प बी को ही सही माना गया है। याची ने इस पर आपत्ति की, मगर भर्ती बोर्ड ने उसकी आपत्ति स्वीकार नहीं की। संशोधित आंसर-की में भी विकल्प बी को ही सही जवाब मांगा गया है।
याची का कहना है कि सभी मान्य पुस्तकों के मुताबिक विकल्प सी ही सही जवाब है। इसके बावजूद उसका दो अंक का प्रश्न गलत कर दिया और आधा अंक माइनस मार्किंग का काट लिया। जिससे याची को 209.5064 अंक मिले जो ओबीसी के अंतिम चयनित अभ्यर्थी के 211.887 अंक से कम है। यदि उसके जवाब को सही मान लिया जाए तो उसे 212.006 अंक मिल जाएंगे, जिससे वह चयनित हो जाएगा। याची ने परिणाम रद्द कर नए सिरे से परिणाम घोषित करने की मांग की है। कोर्ट ने इस मामले में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।