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खुले मैदान वाले समारोहों में नहीं जाएंगे 16 साल तक के बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 24 Dec 2016 01:38 AM IST
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अदालत
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हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियोें को आदेश दिया है कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खुले मैदानों में आयोजित होने वाले समारोहों में न ले जाया जाए। इस संबंध में 22 दिसंबर 2016 को शासनादेश जारी कर दिया गया है। कोर्ट ने इस आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। अदालत ने प्रदेश सरकार को ऐसा नियम बनाने को कहा था जिससे बच्चों को ऐसे समारोहों में जाने से रोका जा सके जिनका आयोजन खुले मैदानों में किया जा रहा है।
कानपुर के स्क्वाड्रन लीडर एचएस कुलश्रेष्ठ ने इस मामले में जनहित याचिका दाखिल की थी। याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा की खंडपीठ ने सुनवाई की। याचिका में कहा गया कि 2005 में कानपुर के एक समारोह के दौरान कई बच्चे तेज धूप में बीमार हो गए थे। हालांकि, उनको तत्काल इलाज मुहैया करा दिया गया, मगर कम उम्र के बच्चों को तेज धूप या ठंड में देर तक खुले में रखना हानिकारक हो सकता है। कोर्ट ने इस मामले में सरकार को निर्णय लेने का आदेश दिया था।
अपर मुख्य स्थायी सुभाष राठी ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश सरकार ने 22 दिसंबर को शासनादेश जारी कर दिया गया है, जिसमें 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खुले मैदान वाले समारोहों में ले जाने पर रोक लगाई गई है। कोर्ट ने जिलाधिकारियों को इस शासनादेश का कड़ाई से पालन कराने का आदेश दिया है।
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कानपुर के स्क्वाड्रन लीडर एचएस कुलश्रेष्ठ ने इस मामले में जनहित याचिका दाखिल की थी। याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा की खंडपीठ ने सुनवाई की। याचिका में कहा गया कि 2005 में कानपुर के एक समारोह के दौरान कई बच्चे तेज धूप में बीमार हो गए थे। हालांकि, उनको तत्काल इलाज मुहैया करा दिया गया, मगर कम उम्र के बच्चों को तेज धूप या ठंड में देर तक खुले में रखना हानिकारक हो सकता है। कोर्ट ने इस मामले में सरकार को निर्णय लेने का आदेश दिया था।
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अपर मुख्य स्थायी सुभाष राठी ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश सरकार ने 22 दिसंबर को शासनादेश जारी कर दिया गया है, जिसमें 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खुले मैदान वाले समारोहों में ले जाने पर रोक लगाई गई है। कोर्ट ने जिलाधिकारियों को इस शासनादेश का कड़ाई से पालन कराने का आदेश दिया है।
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