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सीबीएसई प्रधानाचार्यों को बनाएगा शैक्षणिक लीडर

Thu, 18 Apr 2019 11:11 PM IST
विनोद सिंह News Desk, Amarujala, Prayagraj
News Desk, Amarujala, Prayagraj Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 18 Apr 2019 11:11 PM IST
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CBSE will give charge principles as academic leader.
cbse board

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने विद्यालयों के प्रधानाचार्यों छात्रों के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। बोर्ड ने प्रधानाचार्यों को शैक्षणिक लीडर घोषित करते हुए उन्हें एकेडमिक जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। प्रधानाचार्यों को वह सभी जानकारी दी जाएंगी, जिससे बच्चों का शैक्षिक विकास हो सके। बोर्ड की ओर से सभी प्रधानाचार्यों और विद्यालयों को परीक्षाओं के संचालन के लिए समय-समय पर निर्देश दिया जाता है। यह पहला मौका है जब बोर्ड शैक्षणिक लीडर घोषित करते हुए उन्हें शैक्षिक विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। बोर्ड की इस पहल के बाद अब स्कूलों के कैंपस में शैक्षणिक माहौल बन सकेगा।

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कमजोर छात्रों की करनी होगी पहचान
धानाचार्यों से कहा गया है कि उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी पठन-पाठन के परिणाम की होगी। इसे लर्निंग आउटकम के नाम से जाना जाएगा। इसके तहत यह तय किया जाता है कि किसी कक्षा का छात्र अपने कोर्स को कितना जानता है और उसके बारे में वह कितना अध्ययन कर पाता है। बोर्ड की इस पहल के बाद कमजोर छात्रों की पहचान करना आसान हो सकेगा और उस पर फोकस किया जा सकेगा। प्रधानाचार्यों को बोर्ड की ओर से तय मानक के अनुरूप शिक्षकों को अपडेट रखना होगा।
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कैंपस में बनाना होगा शैक्षणिक माहौल
सीबीएसई ने स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि स्कूल कैंपस के माहौल के लिए उन्हें सीधा जिम्मेदार ठहराया जाएगा। प्रधानाचार्यों को स्कूल की सभी कक्षाओं का समय-समय पर निरीक्षण करना होगा, उन्हें यह भी पता करना होग कि किस कक्षा में कितना कोर्स पूरा हुआ है। कक्षा में बच्चों को जो पढ़ाया जा रहा है, वह उन्हें कितना समझ में आ रहा है, इस बात की निगरानी करनी होगी। प्रधानाचार्य को बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए हर प्रकार के प्रयास करने होंगे।
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स्कूलों में बनाएं वार्षिक प्लान
प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश दिया गया है कि शैक्षिक सत्र की शुरुआत में ही पूरे वर्ष का वार्षिक प्लान तैयार कर लें। इसमें खेल और शैक्षिक गतिविधियों से जुड़ी हर जानकारी को वार्षिक प्लान में शामिल करें। शैक्षिक प्लान खोज परक होना चाहिए, जिससे बच्चों का चहुमुंखी विकास हो। प्रधानाचार्य को स्कूल के संसाधनों के बारे में विशेष ध्यान रखना चाहिए।

पढ़ाने में करें एनसीईआरटी किताबों का उपयोग
स्कूल के प्रधानाचार्यों से कहा गया है कि वह एनसीईआरटी की किताबों का प्रयोग करें। विज्ञान एवं गणित के बच्चों के लिए एनसीईआरटी की ओर से तैयार पुस्तकों की किट का उपयोग करें। एनसीईआरटी की ओर से तैयार ई-कंटेंट का भी उपयोग करें।


स्कूलों को भेजा वार्षिक प्लान, चालू सत्र से लागू होंगे नए नियम
प्रधानाचार्यों को सलाह दी गई है कि वे एक दूसरे से संपर्क में रहें और जहां भी अच्छा हो रहा है, उसे अपनाने का प्रयास करें।  शैक्षणिक वार्षिक प्लान को सत्र 2019-20 से लागू किया गया है। प्रधानाचार्यों को पूरा प्लान तैयार कर इसे बोर्ड को भेजना होगा। इसके लिए बोर्ड के अनेक उद्देश्य भी बताए हैं। बोर्ड का मानना है कि इससे विविधता बढ़ेगी और अन्य स्कूलों को नए सत्र में अपग्रेडेशन के लिए अपने रिकार्ड भी देने होंगे।  इस प्रकार केनिर्देश सभी प्रधानाचार्यों को भेजे गए हैं।

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