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सीबीएसई: मार्कशीट में नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 03 Aug 2016 02:17 AM IST
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CBSE
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए 10वीं एवं 12वीं की मार्कशीट में क्यूआर कोड लागू करने का फैसला किया है। सीबीएसई की ओर से समय-समय पर छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखकर हर शैक्षिक सत्र में कुछ बदलाव करने की कोशिश की जाती है। छात्रों को यह बदलाव अब अपनी मार्कशीट में दिखाई पड़ेगा। बोर्ड की ओर से जारी गाइड लाइन में कहा गया है कि क्यूआर कोड लागू किए जाने के बाद छात्र-छात्राएं मार्कशीट खो जाने की स्थिति में अपनी आईडी के जरिए नई मार्कशीट हासिल कर सकेंगे। क्यूआर बेस्ड मार्कशीट जारी करने के पीछे सिक्योरिटी को प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
नई कोडिंग व्यवस्था लागू होने के बाद छात्र-छात्राओं को अब मार्कशीट खो जाने पर टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। सीबीएसई की ओर से नई व्यवस्था लागू होने के बाद मार्कशीट की हार्डकॉपी खो जाने के बाद अब आपको पुलिस स्टेशन में एफआईआर कराने अथवा बोर्ड के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पडे़गी। डिजिटल लॉकर से विद्यार्थी अपनी कॉपी एक्सेस कर सकते हैं।
छात्र-छात्राएं एक क्लिक से सिर्फ मार्कशीट ही नहीं अपने अन्य प्रमाण पत्र एवं दस्तावेज भी हासिल कर सकेंगे। डिजिटल इंडिया कांसेप्ट के तहत विद्यार्थी को मार्कशीट डिजिटली सेंड की जाएगी। बोर्ड की ओर से स्टूडेंट को अलग-अलग पासवर्ड एवं आईडी उपलब्ध करवाकर डिजिटल लाकर बनवाए जाएंगे। ऐसे में रिजल्ट घोषित होने के बाद स्टूडेंट के रजिस्टर नंबर पर मार्कशीट एवं अन्य प्रमाण पत्र डिजिटल लॉकर में भेज दी जाएगी। सीबीएसई ने एग्जाम सिक्योरिटी के चलते यह बदलाव किया है। इस बदलाव का असर स्टूडेंट को अपनी मार्कशीट में देखने को मिलेगा।
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क्यूआर कोड वाली मार्कशीट स्टूडेंट को 10वीं एवं 12वीं दोनों कक्षाओं में दी जाएगी। इसमें मार्कशीट के बाईं ओर क्यूआर कोड लिखा होगा। यह नार्मल स्कैनर से स्कैन किया जा सकेगा। इसका सबसे बड़ा लाभ स्टूडेंट को डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन में मिलेगी। विद्यार्थी को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
सीबीएसई की ओर से उपलब्ध कराई गई नई सुविधा से स्टूडेंट अपने जरूरी सर्टिफिकेट को डिजिटल लाकर में सेफ रख सकें गे। स्टूडेंट जरूरत पड़ने पर अपनी मार्कशीट देख सकते हैं। कई बार देखने को मिला है कि विद्यार्थी नौकरी के लिए इंटरव्यू देने बाहर जाते हैं तो उनके प्रमाण पत्र खो जाते हैं। पतंजलि ऋषिकुल की प्रधानाचार्या मोनिका दत्त ने बताया कि बोर्ड की ओर से लागू की गई नई व्यवस्था से छात्रों को परेशानी से बचाया जा सकेगा।
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नई कोडिंग व्यवस्था लागू होने के बाद छात्र-छात्राओं को अब मार्कशीट खो जाने पर टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। सीबीएसई की ओर से नई व्यवस्था लागू होने के बाद मार्कशीट की हार्डकॉपी खो जाने के बाद अब आपको पुलिस स्टेशन में एफआईआर कराने अथवा बोर्ड के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पडे़गी। डिजिटल लॉकर से विद्यार्थी अपनी कॉपी एक्सेस कर सकते हैं।
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छात्र-छात्राएं एक क्लिक से सिर्फ मार्कशीट ही नहीं अपने अन्य प्रमाण पत्र एवं दस्तावेज भी हासिल कर सकेंगे। डिजिटल इंडिया कांसेप्ट के तहत विद्यार्थी को मार्कशीट डिजिटली सेंड की जाएगी। बोर्ड की ओर से स्टूडेंट को अलग-अलग पासवर्ड एवं आईडी उपलब्ध करवाकर डिजिटल लाकर बनवाए जाएंगे। ऐसे में रिजल्ट घोषित होने के बाद स्टूडेंट के रजिस्टर नंबर पर मार्कशीट एवं अन्य प्रमाण पत्र डिजिटल लॉकर में भेज दी जाएगी। सीबीएसई ने एग्जाम सिक्योरिटी के चलते यह बदलाव किया है। इस बदलाव का असर स्टूडेंट को अपनी मार्कशीट में देखने को मिलेगा।
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क्यूआर कोड वाली मार्कशीट स्टूडेंट को 10वीं एवं 12वीं दोनों कक्षाओं में दी जाएगी। इसमें मार्कशीट के बाईं ओर क्यूआर कोड लिखा होगा। यह नार्मल स्कैनर से स्कैन किया जा सकेगा। इसका सबसे बड़ा लाभ स्टूडेंट को डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन में मिलेगी। विद्यार्थी को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
सीबीएसई की ओर से उपलब्ध कराई गई नई सुविधा से स्टूडेंट अपने जरूरी सर्टिफिकेट को डिजिटल लाकर में सेफ रख सकें गे। स्टूडेंट जरूरत पड़ने पर अपनी मार्कशीट देख सकते हैं। कई बार देखने को मिला है कि विद्यार्थी नौकरी के लिए इंटरव्यू देने बाहर जाते हैं तो उनके प्रमाण पत्र खो जाते हैं। पतंजलि ऋषिकुल की प्रधानाचार्या मोनिका दत्त ने बताया कि बोर्ड की ओर से लागू की गई नई व्यवस्था से छात्रों को परेशानी से बचाया जा सकेगा।