{"_id":"5f1f29748ebc3e63750f6cc9","slug":"cbse-changing-number-of-one-subject-in-revaluation-with-new-rules-will-affect-other","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीबीएसई: नए नियमों से पुनर्मूल्यांकन में एक विषय के नंबर बदलने पर दूसरे पर पड़ेगा असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीबीएसई: नए नियमों से पुनर्मूल्यांकन में एक विषय के नंबर बदलने पर दूसरे पर पड़ेगा असर
Tue, 28 Jul 2020 12:52 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 28 Jul 2020 12:52 AM IST
विज्ञापन
CBSE
सीबीएसई की ओर से जारी नए मूल्यांकन नियमों का असर पुनर्मूल्यांकन में छात्रों के दूसरे विषयों के नंबर पर पड़ेगा। बोर्ड की ओर से पुनर्मूल्यांकन से पहले जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि छात्र की ओर से जिस विषय के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया गया है, उसमें अंक बढ़ेंगे तो उन विषयों के नंबर भी बढ़ जाएंगे, जिसकी परीक्षा न होने के चलते असेसमेंट किया गया था।
पुनर्मूल्यांकन में छात्रों को नंबर बढ़ने पर जहां लाभ होगा तो नंबर कम होने की स्थिति में नुकसान भी होगा। पुनर्मूल्यांकन में नंबर कम होने की स्थिति में दोहरा नुकसान होगा, इस संबंध में सीबीएसई ने स्पष्ट दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
सीबीएसई की ओर से 2020 की परीक्षा में कई विषयों की परीक्षा नहीं होने के चलते उसमें पहले तीन विषयों के अंक के आधार पर असेसमेंट करके अंक दिया गया है। ऐसे में जिन विषयों की परीक्षा हुई है, परीक्षार्थी उसमें अंक बढ़ाने के लिए आवेदन करेंगे तो अंक बढ़ने की स्थिति में असेसमेंट वाले विषयों के अंक बढ़ जाएंगे।
विज्ञापन
नंबर कम हुए तो असेसमेंट वाले विषयों के अंक कम हो जाएंगे, इससे छात्रों को दोहरा नुकसान होगा। गंगा गुरुकुलम की प्रधानाचार्या अल्पना डे का कहना है कि जिन बेस्ट थ्री सब्जेक्ट के अंक के आधार पर असेसमेंट किया गया, उसमें किसी भी विषय के अंक बढ़ते या घटते हैं तो औसत अंक दिया जाएगा। उनका कहना है कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि नंबर बढ़ने पर लाभ और घटने पर छात्र को नुकसान होगा। इसका असर 10 वीं की तुलना में बारहवीं में अधिक होगा।
विज्ञापन
पुनर्मूल्यांकन में छात्रों को नंबर बढ़ने पर जहां लाभ होगा तो नंबर कम होने की स्थिति में नुकसान भी होगा। पुनर्मूल्यांकन में नंबर कम होने की स्थिति में दोहरा नुकसान होगा, इस संबंध में सीबीएसई ने स्पष्ट दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन
सीबीएसई की ओर से 2020 की परीक्षा में कई विषयों की परीक्षा नहीं होने के चलते उसमें पहले तीन विषयों के अंक के आधार पर असेसमेंट करके अंक दिया गया है। ऐसे में जिन विषयों की परीक्षा हुई है, परीक्षार्थी उसमें अंक बढ़ाने के लिए आवेदन करेंगे तो अंक बढ़ने की स्थिति में असेसमेंट वाले विषयों के अंक बढ़ जाएंगे।
विज्ञापन
नंबर कम हुए तो असेसमेंट वाले विषयों के अंक कम हो जाएंगे, इससे छात्रों को दोहरा नुकसान होगा। गंगा गुरुकुलम की प्रधानाचार्या अल्पना डे का कहना है कि जिन बेस्ट थ्री सब्जेक्ट के अंक के आधार पर असेसमेंट किया गया, उसमें किसी भी विषय के अंक बढ़ते या घटते हैं तो औसत अंक दिया जाएगा। उनका कहना है कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि नंबर बढ़ने पर लाभ और घटने पर छात्र को नुकसान होगा। इसका असर 10 वीं की तुलना में बारहवीं में अधिक होगा।