निठारी कांड : बतौर आरोपी पंढेर की तलबी का सीबीआई ने किया था विरोध, पंढेर के वकील ने हाईकोर्ट में दी दलील
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एसएएच रिजवी की अदालत में बृहस्पतिवार से निठारी कांड के सह अभियुक्त मोनिंदर सिंह पंढेर की फांसी की सजा के खिलाफ सुनवाई शुरू हुई। निठारी कांड का केंद्र रही कोठी नंबर डी-5 का मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर ही है।
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नोएडा के चर्चित निठारी कांड में सुरेंद्र कोली और सीबीआई की बहस के बाद बृहस्पतिवार को इस कांड के सह अभियुक्त मोनिंदर सिंह पंढेर के वकील ने अपने मुवक्किल की बेगुनाही का दावा किया। कहा, सीरियल किलिंग के दौरान उसके नोएडा में नहीं होने की बात खुद जांच एजेंसी ने मानी है। दलील दी कि कोर्ट में पंढेर को बतौर आरोपी तलब करने का विरोध खुद सीबीआई ही कर चुकी है।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एसएएच रिजवी की अदालत में बृहस्पतिवार से निठारी कांड के सह अभियुक्त मोनिंदर सिंह पंढेर की फांसी की सजा के खिलाफ सुनवाई शुरू हुई। निठारी कांड का केंद्र रही कोठी नंबर डी-5 का मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर ही है। उसके खिलाफ पांच मामले दर्ज हुए थे, जिसमें से तीन में वह बरी हो चुका है। शेष दो मामलों में आपराधिक षड्यंत्र रचने का दोषी पाए जाने पर कोली के साथ उसे भी फांसी की सजा सुनाई गई है।
पंढेर के वकील ने कहा कि निठारी कांड से पंढेर का वास्ता इतना ही है कि कोली उसका नौकर था। सीबीआई ने खुद पंढेर को बतौर आरोपी कोर्ट में तलब किए जाने का विरोध किया था। विवेचक व तत्कालीन सीओ दिनेश यादव ने भी बयान में स्वीकार किया है कि पंढेर की निशानदेही पर कोई बरामदगी नहीं हुई। हालांकि, सीओ ने कोली के रिमांड प्रार्थना पत्र में अभियुक्तगणों (यानी कोली के साथ पंढेर) की निशानदेही पर माल बरामदगी का जिक्र किया है।
वकील के मुताबिक, पंढेर ने कोई इकबालिया बयान नहीं दिया। सीरियल किलिंग के दौरान भी उसकी मौजूदगी नोएडा में नहीं पाई गई। जांच एजेंसी ने खुद इसके साक्ष्य जुटाए हैं। वकील ने दावा किया कि पंढेर को उसकी ऐशोआराम वाली जीवनशैली के कारण कोली के उत्तेजित होने की कल्पना के आधार पर सह अभियुक्त बना दिया गया है, जबकि कोली के किसी भी अपराध में उसकी कोई भूमिका नहीं है।