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प्रयागराज : सीबीआई ने वकीलों पर दर्ज फर्जी मुकदमों की शुरू की जांच
Wed, 07 Sep 2022 11:07 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 07 Sep 2022 11:07 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने पिछले महीने इन मुकदमों की जांच सीबीआई को सौंपी थी। साथ ही प्रारंभिक जांच रिपोर्ट दो महीने के भीतर सौंपने का आदेश दिया था। इसी क्रम में सीबीआई की एक टीम ने शहर में कैंप करना शुरू कर दिया है।
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सीबीआई (सांकेतिक)
- फोटो : Social media
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विस्तार
सीबीआई की टीम ने जिले में वकीलों पर दर्ज फर्जी केसों की जांच शुरू कर दी है। हाईकोर्ट के निर्देश पर की जा रही जांच के क्रम में सीबीआई की एक टीम ने शहर में डेरा डाल दिया है। साथ ही अलग-अलग थानों से कुल 46 मुकदमों से संबंधित दस्तावेज भी एकत्र कर लिए हैं। हाईकोर्ट ने पिछले महीने इन मुकदमों की जांच सीबीआई को सौंपी थी। साथ ही प्रारंभिक जांच रिपोर्ट दो महीने के भीतर सौंपने का आदेश दिया था।
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इसी क्रम में सीबीआई की एक टीम ने शहर में कैंप करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही उन 46 मुकदमों से संबंधित दस्तावेज भी कब्जे में ले लिए, जिनके संबंध में आशंका है कि इन्हें धनउगाही व पेशबंदी के मकसद से दर्ज कराया गया। इसमें अकेले मऊआइमा थाने से 24 मुकदमों के दस्तावेज लिए गए। इसके अलावा शिवकुटी, बहरिया, सोरांव व नवाबगंज थाने से भी मुकदमों से संबंधित दस्तावेज एकत्र किए गए।
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सूत्रों का कहना है कि सीबीआई जल्द ही इन मामलों में संबंधितों का बयान दर्ज करने की कार्रवाई शुरू करेगी। गौरतलब है कि हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 20 अक्तूबर को होनी है। सीबीआई को इससे पहले प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपनी है।
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अधिवक्ता ने की थी जांच की मांग
गौरतलब है कि अधिवक्ता भूपेंद्र पांडेय ने जांच की मांग की थी। आरोप लगाया था कि हाईकोर्ट में वकीलों का एक गैंग है जो झूठे केस दर्ज कराकर मुकदमा वापसी के नाम पर अभियुक्तों से धनउगाही कर बंटवारा कर लेता है। पीड़िता के अनुसूचित जाति का होने के कारण सरकार से धन भी मिलता है। भूपेंद्र ने खुद के खिलाफ भी दारागंज थाने में फर्जी केस दर्ज कराने का आरोप लगाया है।