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Prayagraj News: बारिश के बीच गोशाला में भूख से दम तोड़ रहे गोवंश
Thu, 08 Aug 2024 06:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Thu, 08 Aug 2024 06:11 AM IST
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मीरगंज। कपूरपुर स्थित गो आश्रय स्थल में बारिश के बीच देखभाल के अभाव में गोवंश दम तोड़ रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि मंगलवार और बुधवार को भूख के चलते पांच गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई। एक मृत गाय को ले जाने का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
वहीं, बीडीओ ने अवस्थाओं के चलते गोवंशीय पशुओं की मौत के आरोप को गलत बताया है। उनका दावा है कि बुधवार को सिर्फ एक गाय की ही मौत हुई। एसडीएम तृप्ति गुप्ता के आदेश पर हल्का लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार बुधवार को जांच के लिए गोशाला पहुंचे।
यहां 79 गोवंशीय पशु मौजूद मिले। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि गाभिन गाय की प्रसव के दौरान मौत हो गई। उसके बछड़े को भी बचाया नहीं जा सका। लेखपाल के मुताबिक, यहां दो गायें बीमार मिलीं। जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी।
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आसपास बिखरे पड़े अवशेष
गो आश्रय स्थल के 500 मीटर के दायरे में गोवंशीय पशुओं के अवशेष बिखरे पड़े हैं। गांव वालों का दावा है कि आश्रय स्थल में गोवंशीय पशुओं की मौत के बाद उनके शव को कुछ दूरी पर ही ले जाकर फेंक दिया जाता है। जिम्मेदार नियमानुसार शव को दफनाना भी उचित नहीं समझते। ग्रामीणों ने बताया कि उनके पास इस संबंध में साक्ष्य भी मौजूद हैं। वहीं, ग्राम प्रधान का दावा है कि गो आश्रय स्थल में जिन पशुओं की मौत होती है, उन्हें ससम्मान दफन कराया जाता है। छवि खराब करने के लिए लोग झूठे आरोप लगा रहे हैं।
पशुओं को खिला रहे सूखा चारा
आश्रय स्थल में रखे गए 79 पशुओं को हरा चारा भी नहीं मिल रहा। सूखे भूसे पर सभी जिंदा है। इस वजह से यहां रखे गए पशु कमजोर हैं। ग्रामीण भूख की वजह से ही उनकी मौत होने का दावा कर रहे हैं।
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वायरल वीडीओ की जांच कराई जा रही है। अगर आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई भी की जाएगी। बुधवार को प्रसव के दौरान एक गाय की मौत की बात कही जा रही है। कुलदीप सिंह, बीडीओ
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वहीं, बीडीओ ने अवस्थाओं के चलते गोवंशीय पशुओं की मौत के आरोप को गलत बताया है। उनका दावा है कि बुधवार को सिर्फ एक गाय की ही मौत हुई। एसडीएम तृप्ति गुप्ता के आदेश पर हल्का लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार बुधवार को जांच के लिए गोशाला पहुंचे।
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यहां 79 गोवंशीय पशु मौजूद मिले। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि गाभिन गाय की प्रसव के दौरान मौत हो गई। उसके बछड़े को भी बचाया नहीं जा सका। लेखपाल के मुताबिक, यहां दो गायें बीमार मिलीं। जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी।
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आसपास बिखरे पड़े अवशेष
गो आश्रय स्थल के 500 मीटर के दायरे में गोवंशीय पशुओं के अवशेष बिखरे पड़े हैं। गांव वालों का दावा है कि आश्रय स्थल में गोवंशीय पशुओं की मौत के बाद उनके शव को कुछ दूरी पर ही ले जाकर फेंक दिया जाता है। जिम्मेदार नियमानुसार शव को दफनाना भी उचित नहीं समझते। ग्रामीणों ने बताया कि उनके पास इस संबंध में साक्ष्य भी मौजूद हैं। वहीं, ग्राम प्रधान का दावा है कि गो आश्रय स्थल में जिन पशुओं की मौत होती है, उन्हें ससम्मान दफन कराया जाता है। छवि खराब करने के लिए लोग झूठे आरोप लगा रहे हैं।
पशुओं को खिला रहे सूखा चारा
आश्रय स्थल में रखे गए 79 पशुओं को हरा चारा भी नहीं मिल रहा। सूखे भूसे पर सभी जिंदा है। इस वजह से यहां रखे गए पशु कमजोर हैं। ग्रामीण भूख की वजह से ही उनकी मौत होने का दावा कर रहे हैं।
वायरल वीडीओ की जांच कराई जा रही है। अगर आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई भी की जाएगी। बुधवार को प्रसव के दौरान एक गाय की मौत की बात कही जा रही है। कुलदीप सिंह, बीडीओ