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24 हजार से अधिक पदों पर भर्ती का फर्जी विज्ञापन निकालने वाले वेबसाइट संचालक पर केस
Sun, 12 Sep 2021 11:02 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 12 Sep 2021 11:02 PM IST
सार
साइबर जालसाजों ने उत्तर प्रदेश स्कूल स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड के नाम से वेबसाइट बनाई थी। इसके बाद स्कूल-कॉलेजों में शिक्षक, स्टाफ और ग्रुप डी के 24178 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन निकाला।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाकर शिक्षक भर्ती निकालने वाली वेबसाइट संचालक के खिलाफ कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बोर्ड के उपसचिव नवल किशोर की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की। जालसाजी के इस बड़े मामले की जांच क्राइम ब्रांच की साइबर सेल करेगी। फर्जी वेबसाइट ने 24 हजार से ज्यादा पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था।
साइबर जालसाजों ने उत्तर प्रदेश स्कूल स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड के नाम से वेबसाइट बनाई थी। इसके बाद स्कूल-कॉलेजों में शिक्षक, स्टाफ और ग्रुप डी के 24178 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन निकाला। आवेदन करने की तिथि 11 सितंबर से 10 अक्टूबर 2021 तक बताई गई थी। एक दैनिक अखबार में जब यह विज्ञापन निकला तो शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ. महेंद्र देव ने विज्ञप्ति जारी कर विज्ञापन के फर्जी होने की जानकारी दी।
उन्होंने विज्ञापन को पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक बताया। शनिवार रात में ही बोर्ड के उपसचिव नवल किशोर ने कर्नलगंज थाने में तहरीर दी। तहरीर के मुताबिक लाखों बेरोजगारों के साथ ठगी करने के लिए बोर्ड की वेबसाइट से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाई गई। फर्जी कार्यालय का पता भी एलनगंज का दिया गया। जालसाजों ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल बोर्ड और शासन की छवि खराब करने के लिए किया। नवल किशोर की तहरीर पर फर्जी वेबसाइट के संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीओ कर्नलगंज अजीत सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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साइबर जालसाजों ने उत्तर प्रदेश स्कूल स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड के नाम से वेबसाइट बनाई थी। इसके बाद स्कूल-कॉलेजों में शिक्षक, स्टाफ और ग्रुप डी के 24178 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन निकाला। आवेदन करने की तिथि 11 सितंबर से 10 अक्टूबर 2021 तक बताई गई थी। एक दैनिक अखबार में जब यह विज्ञापन निकला तो शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ. महेंद्र देव ने विज्ञप्ति जारी कर विज्ञापन के फर्जी होने की जानकारी दी।
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उन्होंने विज्ञापन को पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक बताया। शनिवार रात में ही बोर्ड के उपसचिव नवल किशोर ने कर्नलगंज थाने में तहरीर दी। तहरीर के मुताबिक लाखों बेरोजगारों के साथ ठगी करने के लिए बोर्ड की वेबसाइट से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाई गई। फर्जी कार्यालय का पता भी एलनगंज का दिया गया। जालसाजों ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल बोर्ड और शासन की छवि खराब करने के लिए किया। नवल किशोर की तहरीर पर फर्जी वेबसाइट के संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीओ कर्नलगंज अजीत सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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बेरोजगार युवाओं से थी करोड़ों रुपये ऐंठने की तैयारी
उत्तर प्रदेश स्कूल स्टाफ सेलेक्श्न बोर्ड (यूपीएसएसएसबी) के नाम से फर्जी भर्ती संस्था बनाने वालों ने बेरोजगार अभ्यर्थियों से करोड़ो रुपये ठगने की तैयारी कर रखी थी। हालांकि संस्था का नाम पहली बार सामने आया था, सो दूसरे जिलों के अभ्यर्थियों ने प्रयागराज के छात्र नेताओं से संपर्क किया। कई अभ्यर्थियों ने आवेदन शुल्क भी जमा कर दिया। हालांकि 24 घंटे के भीतर ही शिक्षा विभाग ने विज्ञप्ति जारी करते हुए विज्ञापन को फर्जी करार दिया। प्रतियोगी मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान ने मांग की है कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब फर्जी विज्ञापन जारी कराने वालों और संस्था के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाने वालों को चिह्नित करते हुए कार्रवाई की जाए।
कॉलेज मैनेजमेंट की नियुक्ति के लिए भी मांग थे आवेदन
यूपीएसएसएसबी के नाम पर फर्जी विज्ञापन और वेबसाइट के माध्मय से न केवल स्कूल/कॉलेज टीचर्स के 17486 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, बल्कि कॉलेज स्टाफ/कॉलेज मैनेजमेंट के 3800 पदों पर भी भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। फजी वेबसाइट पर ग्रुप-डी के 2892 पदों पर भी भर्ती का जिक्र किया गया था। खास यह कि टीचर्स भर्ती के लिए आयु सीमा 21 से 35 वर्ष निर्धारित की गई थी, जबकि यूपी की किसी भर्ती संस्था में यह आयु सीमा लागू नहीं होती है।
उत्तर प्रदेश स्कूल स्टाफ सेलेक्श्न बोर्ड (यूपीएसएसएसबी) के नाम से फर्जी भर्ती संस्था बनाने वालों ने बेरोजगार अभ्यर्थियों से करोड़ो रुपये ठगने की तैयारी कर रखी थी। हालांकि संस्था का नाम पहली बार सामने आया था, सो दूसरे जिलों के अभ्यर्थियों ने प्रयागराज के छात्र नेताओं से संपर्क किया। कई अभ्यर्थियों ने आवेदन शुल्क भी जमा कर दिया। हालांकि 24 घंटे के भीतर ही शिक्षा विभाग ने विज्ञप्ति जारी करते हुए विज्ञापन को फर्जी करार दिया। प्रतियोगी मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान ने मांग की है कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब फर्जी विज्ञापन जारी कराने वालों और संस्था के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाने वालों को चिह्नित करते हुए कार्रवाई की जाए।
कॉलेज मैनेजमेंट की नियुक्ति के लिए भी मांग थे आवेदन
यूपीएसएसएसबी के नाम पर फर्जी विज्ञापन और वेबसाइट के माध्मय से न केवल स्कूल/कॉलेज टीचर्स के 17486 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, बल्कि कॉलेज स्टाफ/कॉलेज मैनेजमेंट के 3800 पदों पर भी भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। फजी वेबसाइट पर ग्रुप-डी के 2892 पदों पर भी भर्ती का जिक्र किया गया था। खास यह कि टीचर्स भर्ती के लिए आयु सीमा 21 से 35 वर्ष निर्धारित की गई थी, जबकि यूपी की किसी भर्ती संस्था में यह आयु सीमा लागू नहीं होती है।