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मैनपुरी में छात्रा की मौत का मामला : हाईकोर्ट ने पूछा प्रधानाचार्य पर लगी धारा 302 क्यों हटाई
Thu, 16 Dec 2021 10:38 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 16 Dec 2021 10:38 PM IST
सार
विवेचना से मिले साक्ष्य के आधार पर प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी की गई है। कोर्ट ने कहा कि प्रधानाचार्य पर लगी आईपीसी की धारा 302 कैसे हटाई गई और उसकी गिरफ्तारी धारा 306 में कैसे की गई?
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allahabad high court
- फोटो : social media
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विस्तार
मैनपुरी में छात्रा की स्कूल में मौत के मामले में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि स्कूल की प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। कहा गया कि प्रधानाचार्य की इस मौत के मामले गिरफ्तारी आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत की गई है। एसआईटी के अधिवक्ता ने कोर्ट को जानकारी दी कि अब तक छात्रा की मौत को लेकर विवेचना में मिले साक्ष्य के आधार पर प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी की गई है।
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विवेचना से मिले साक्ष्य के आधार पर प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी की गई है। कोर्ट ने कहा कि प्रधानाचार्य पर लगी आईपीसी की धारा 302 कैसे हटाई गई और उसकी गिरफ्तारी धारा 306 में कैसे की गई? इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि एसआईटी की विवेचना अभी तक मिले साक्ष्य के आधार पर ऐसा किया गया है। विवेचना में आगे साक्ष्य मिलते हैं तो धारा बदल दी जाएगी। मामले की सुनवाई दो जजों की खंडपीठ कर रही है।
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कोर्ट ने मामले में 11 जनवरी को सुनवाई करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के समक्ष खंडपीठ के समक्ष सरकार की ओर से कहा गया कि अभी तक छात्रा की स्कूल परिसर में मौत को लेकर हत्या के साक्ष्य नहीं मिले हैं। एसआईटी ने हर पहलू पर विचार जांच की। छात्रा का लिखा एक पत्र मिला है, इस पर जांच अभी जारी है। हाईकोर्ट मामले में मैनपुरी के महेंद्र प्रताप सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही है। मामले में कोर्ट को जानकारी दी गई कि छात्रा की मां का बयान अभी दर्ज नहीं हुआ है। उसे दो बार बुलाया गया लेकिन वह अदालत नहीं आई। सरकार ने हाईकोर्ट से मां का नार्को टेस्ट कराने की भी मांग की। इस पर कोर्ट ने अर्जी दाखिल करने को कहा।
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