{"_id":"60b6306b73705e301f567690","slug":"case-of-migration-of-hindu-families-all-india-akhara-parishad-expressed-displeasure-mahant-narendra-giri-warned","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हिंदू परिवारों के पलायन का मामला: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने जताई नाराजगी, महंत नरेंद्र गिरि ने दी चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंदू परिवारों के पलायन का मामला: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने जताई नाराजगी, महंत नरेंद्र गिरि ने दी चेतावनी
Tue, 01 Jun 2021 06:34 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 01 Jun 2021 06:34 PM IST
सार
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने चेतावनी देते हुए कहा है कि समुदाय विशेष के लोग ऐसा न करें नहीं तो उन्हें ऐसा कृत्य करना भारी पड़ेगा।
विज्ञापन
Narendra Giri
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना के बाद अलीगढ़ के टप्पल थाना इलाके के नूरपुर गांव में धर्म विशेष के लोगों के उत्पीड़न से हिंदुओं के पलायन पर साधु-संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कड़ी नाराजगी जताई है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि जहां पर समुदाय विशेष के लोग बहुसंख्यक हो जाते हैं, वहां हिंदुओं का रहना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि समुदाय विशेष के लोग ऐसा न करें नहीं तो उन्हें ऐसा कृत्य करना भारी पड़ेगा। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि नूरपुर गांव के अनुसूचित जाति के परिवार भी हिंदुओं के ही अंग है अगर उनके साथ अन्याय और अत्याचार होगा तो संत समाज इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
महंत नरेंद्र गिरी ने सीएम योगी से मांग की है कि जिन लोगों ने ऐसा घृणित कार्य किया है उनके खिलाफ जांच कराकर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा है कि समुदाय विशेष के लोगों को ऐसा आचरण कतई नहीं करना चाहिए। उन्होंने समुदाय विशेष के लोगों के धर्मगुरुओं से भी अपील की है कि उन्हें समुदाय विशेष के लोगों को ऐसा करने से रोकना चाहिए।
विज्ञापन
महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि समुदाय विशेष के लोगों को यह भूलना नहीं चाहिए कि देश में अभी भी हिंदू बहुसंख्यक है। उन्होंने कहा है कि नूरपुर गांव के हिंदू परिवारों को किसी तरह से डरने की फिलहाल कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि प्रदेश में सीएम योगी और केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार है।
विज्ञापन
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि समुदाय विशेष के लोग ऐसा न करें नहीं तो उन्हें ऐसा कृत्य करना भारी पड़ेगा। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि नूरपुर गांव के अनुसूचित जाति के परिवार भी हिंदुओं के ही अंग है अगर उनके साथ अन्याय और अत्याचार होगा तो संत समाज इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
विज्ञापन
महंत नरेंद्र गिरी ने सीएम योगी से मांग की है कि जिन लोगों ने ऐसा घृणित कार्य किया है उनके खिलाफ जांच कराकर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा है कि समुदाय विशेष के लोगों को ऐसा आचरण कतई नहीं करना चाहिए। उन्होंने समुदाय विशेष के लोगों के धर्मगुरुओं से भी अपील की है कि उन्हें समुदाय विशेष के लोगों को ऐसा करने से रोकना चाहिए।
विज्ञापन
महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि समुदाय विशेष के लोगों को यह भूलना नहीं चाहिए कि देश में अभी भी हिंदू बहुसंख्यक है। उन्होंने कहा है कि नूरपुर गांव के हिंदू परिवारों को किसी तरह से डरने की फिलहाल कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि प्रदेश में सीएम योगी और केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार है।
किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इसके बाद भी समुदाय विशेष के लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं तो अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और साधु संत उन्हें सबक सिखाने के लिए तैयार हैं।
आपको बता दें कि टप्पल थाना क्षेत्र के गांव नूरपुर में समुदाय विशेष के लोगों द्वारा बरात चढ़त रोकने से नाराज करीब सवा सौ हिंदू परिवारों ने रविवार की सुबह अपने दरवाजों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखकर सनसनी फैला दी थी। सोशल मीडिया पर यह फोटो वायरल हुए तब पुलिस भी सतर्क हुई। रविवार की देर शाम गांव के एक व्यक्ति की तहरीर पर समुदाय विशेष के 11 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हो गई है। हालांकि दूसरे पक्ष से भी थाने में तहरीर दी गई थी, लेकिन उस पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है।
मामला 26 मई की दोपहर गांव के निवासी अनुसूचित जाति के ओमप्रकाश की दो बेटियों की बरात को चढ़ने से रोकने का बताया गया है। ओमप्रकाश के अनुसार बरात चढ़त के साथ उनके दरवाजे पर आ रही थी। मुख्य मार्ग पर धार्मिक स्थल के पास समुदाय विशेष के कुछ लोग एकत्र होकर बरात चढ़त का विरोध करने लगे। इस भीड़ ने बरातियों और गांव के हिंदुओं पर लाठी, डंडे व रॉड से हमला कर दिया।
इसमें डीजे वाली गाड़ी के शीशे टूट गए। गाड़ी के चालक समेत दो लोग घायल हो गए। उन्होंने थाने में जानकारी देने के साथ ही अगली सुबह आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
सुरक्षा देने के नाम पर गांव में दो पुलिसकर्मी बिठा दिए। गांव वालों ने आरोप लगाया कि समुदाय विशेष की भीड़ ने सुनियोजित तरीके से बरात पर हमला किया था। पुलिस की कार्रवाई न होने से नाराज पीड़ित परिवार और उनके समर्थन में लोगों ने अपने दरवाजों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखने के साथ ही रविवार की सुबह पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
आपको बता दें कि टप्पल थाना क्षेत्र के गांव नूरपुर में समुदाय विशेष के लोगों द्वारा बरात चढ़त रोकने से नाराज करीब सवा सौ हिंदू परिवारों ने रविवार की सुबह अपने दरवाजों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखकर सनसनी फैला दी थी। सोशल मीडिया पर यह फोटो वायरल हुए तब पुलिस भी सतर्क हुई। रविवार की देर शाम गांव के एक व्यक्ति की तहरीर पर समुदाय विशेष के 11 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हो गई है। हालांकि दूसरे पक्ष से भी थाने में तहरीर दी गई थी, लेकिन उस पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है।
मामला 26 मई की दोपहर गांव के निवासी अनुसूचित जाति के ओमप्रकाश की दो बेटियों की बरात को चढ़ने से रोकने का बताया गया है। ओमप्रकाश के अनुसार बरात चढ़त के साथ उनके दरवाजे पर आ रही थी। मुख्य मार्ग पर धार्मिक स्थल के पास समुदाय विशेष के कुछ लोग एकत्र होकर बरात चढ़त का विरोध करने लगे। इस भीड़ ने बरातियों और गांव के हिंदुओं पर लाठी, डंडे व रॉड से हमला कर दिया।
इसमें डीजे वाली गाड़ी के शीशे टूट गए। गाड़ी के चालक समेत दो लोग घायल हो गए। उन्होंने थाने में जानकारी देने के साथ ही अगली सुबह आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
सुरक्षा देने के नाम पर गांव में दो पुलिसकर्मी बिठा दिए। गांव वालों ने आरोप लगाया कि समुदाय विशेष की भीड़ ने सुनियोजित तरीके से बरात पर हमला किया था। पुलिस की कार्रवाई न होने से नाराज पीड़ित परिवार और उनके समर्थन में लोगों ने अपने दरवाजों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखने के साथ ही रविवार की सुबह पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।