Fraud : नाइजीरियन गिरोह से जुड़ रहा दो करोड़ की ठगी का मामला, मंत्री नंदी के बेटे की फोटो लगाई थी जालसाजों ने
पुलिस को शक है कि ठगी में नाइजीरियाई गिरोह का हाथ हो सकता है। पुलिस अब सभी पहलुओं को खंगालने में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार, साइबर सेल थाना से रवाना टीम बरेली के आईसीआईसीआई, कोलकाता के एक्सिस और सिलीगुड़ी के यूको बैंक से ठगों के खातों की जानकारी इकट्ठा कर ली है।
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व्हाट्सएप पर कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी के बेटे की तस्वीर लगाकर 2.08 करोड़ रुपये ठगी के मामले में आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। साइबर पुलिस की जांच में मामला अब नाइजीरियन गिरोह से जुड़ रहा है।
पुलिस को शक है कि ठगी में नाइजीरियाई गिरोह का हाथ हो सकता है। पुलिस अब सभी पहलुओं को खंगालने में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार, साइबर सेल थाना से रवाना टीम बरेली के आईसीआईसीआई, कोलकाता के एक्सिस और सिलीगुड़ी के यूको बैंक से ठगों के खातों की जानकारी इकट्ठा कर ली है।
अब इन खातों के माध्यम से पुलिस नाम और पते का सत्यापन कर रही है। साथ ही दस्तावेज में बैंक में दी गई फोटो को भी साइबर पुलिस हासिल कर चुकी है। इसी के आधार पर टीम ने तेजी से जांच शुरू कर दी है, हालांकि पुलिस नाइजीरियन गिरोह को लेकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
इस तरह काम करता है गिरोह
नाइजीरियन गिरोह को किराये और कमीशन पर बैंक खाते मुहैया कराने वाले कई गिरोह का अन्य शहरों में पर्दाफाश हो चुका है। ऐसे में अगर इस केस में नाइजीरियन गिरोह सामने आता है तो पूरी संभावना है कि खाते किरासे या कमीशन पर दिया गया है। इनके एजेंट कुछ ऐसे लोगों की तलाश करते हैं, जो अपने बैंक खातों को पांच से दस हजार रुपये देकर खाता खरीद लेते हैं या फिर रकम जमा होने पर पांच से 10 फीसदी पैसा देते हैं।
खातों से निकाले गए ज्यादातर पैसे
सूत्रों के अनुसार, जालसाजों ने ठगी की ज्यादातर रकम को अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से निकाल लिया है। साथ ही कुछ पैसों से क्रिप्टो करेंसी भी खरीदी गई है। जांच में अब तक ठगी की रकम 2.08 करोड़ को 100 से अधिक खातों में ट्रांसफर किया गया है। डीसीपी अभिषेक भारती ने बताया कि ठगों को पकड़ने के लिए साबइर पुलिस काम कर रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
एनआरआई बुजुर्ग महिला से 6.50 लाख की ठगी
स्वीडन में रहने वाली एनआरआई बुजुर्ग महिला से 6.50 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रिश्तेदाराें ने मकान खरीदने व बनवाने के नाम पर यह धोखाधड़ी की। करेली पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शीला सरन पत्नी जवाहर लाल गुप्ता मूलरूप से कोठापार्चा बताशा मंडी की रहने वाली हैं। वह पिछले कई साल से स्वीडन में रह रही हैं। उनका आरोप है कि रिश्तेदार अविनाश गुप्ता, कोनाल गुप्ता व उसकी मां कामिनी गुप्ता ने मकान खरीदने के नाम पर उनसे अलग-अलग बार में 15.80 लाख रुपये लिए।
इसमें से मकान स्वामिनी को महज नौ लाख रुपये दिए और शेष रकम अपने पास रख ली। पूछने पर कहा कि मकान बनवाते समय इसका हिसाब हो जाएगा। वह बार-बार रुपये मांगती रहीं और वह किसी न किसी बहाने टालते रहे। दिसंबर 2023 में वापस आकर उन्होंने फिर रुपये मांगे तो गालीगलौज कर हत्या की धमकी दी। करेली प्रभारी राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।