एसआरएन में मारपीट का मामला : मेडिकल रिपोर्ट में मां की कलाई, बेटे के सिर पर चोट की पुष्टि, पुलिस ने दर्ज किया
पुलिस को दिए बयान में कुन्नी देवी ने बताया कि वह बेटे अंकित और भतीजे रोहित के साथ अपनी बहू सुमन का इलाज कराने एसआरएन अस्पताल आई थीं। वार्ड-12 में डॉक्टरों को रिपोर्ट और दवा दिखाने के लिए रोहित गया तो उससे डॉक्टरों ने मारपीट की। वहीं, अंकित ने बताया कि केबिन में एक महिला डॉक्टर समेत तीन डॉक्टर बैठे थे।
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स्वरूप रानी अस्पताल (एसआरएन) में सोमवार शाम बांदा से आए तीमारदारों से मारपीट के मामले में पीड़ितों की मेडिकल रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में पता चला है कि कुन्नी देवी की कलाई पर और उनके बेटे अंकित पटेल के सिर पर चोट लगी है। वहीं, घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित परिवार का बयान भी दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दिए बयान में कुन्नी देवी ने बताया कि वह बेटे अंकित और भतीजे रोहित के साथ अपनी बहू सुमन का इलाज कराने एसआरएन अस्पताल आई थीं। वार्ड-12 में डॉक्टरों को रिपोर्ट और दवा दिखाने के लिए रोहित गया तो उससे डॉक्टरों ने मारपीट की। वहीं, अंकित ने बताया कि केबिन में एक महिला डॉक्टर समेत तीन डॉक्टर बैठे थे।
रोहित के अंदर जाते ही डॉक्टर भड़क गए और गालीगलौज करते हुए उसकी पिटाई करने लगे। शोर सुनकर वह लोग पहुंचे तो वार्ड का गेट बंद कर उनकी भी पिटाई की गई। मौके पर पुलिस आई फिर भी इन लोगों ने एक न सुनी और पीटते रहे। कोतवाली थाना प्रभारी रोहित कुमार तिवारी ने बताया कि पीड़ित परिवार का बयान दर्ज कर लिया गया है।
रिपोर्ट तैयार कर रही पुलिस
मारपीट के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने तीन अज्ञात डॉक्टरों के खिलाफ मारपीट, धमकी और छेड़छाड़ की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। मामले में पुलिस एक रिपोर्ट तैयार कर रही है। सूत्रों ने बताया कि इस रिपोर्ट में तीनों डॉक्टरों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही पुलिस इस रिपोर्ट को अस्पताल प्रशासन को भेजेगी।
मध्य प्रदेश में करा रहे इलाज
पीड़ित अंकित ने बताया कि वह पेशे से शिक्षक हैं। घटना के बाद एसआरएन की तरफ से उनकी भाभी सुमन की रेफर रिपोर्ट नहीं बनाई गई। वह रातभर बस अड्डे पर मरीज को लेकर भटकते रहे। कोई भी एंबुलेंस उन्हें ले जाने को तैयार नहीं थी। किसी तरह उन्होंने मध्य प्रदेश के एक शहर पहुंचकर सुमन को अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
जब मारना था तो पुलिस क्यों बुलाई
वहीं, वायरल वीडियो में सुनाई दे रहा है कि अगर मारना पीटना था तो हम लोगों को क्यों बुलाया था। बताया जा रहा है कि इस वीडियो को घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने बनाया था। इससे साफ है कि पुलिस के सामने ही तीमारदारों के साथ मारपीट की गई।