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High Court : 25 साल तक चला मुकदमा...70 की उम्र में आरोपी ने कुबूला जुर्म, पांच हजार लगा जुर्माना
Sun, 04 Jan 2026 12:53 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 04 Jan 2026 12:53 PM IST
सार
जिला अदालत में एक मामला काफी चर्चा में है। आरोपी करीब 25 साल तक मुकदमा लड़ा, 70 की उम्र में जाकर उसने अपना जुर्म कुबूल किया। इस पर जिला अदालत ने पांच हजार का उस पर जुर्माना लगाया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिला अदालत में एक मामला काफी चर्चा में है। आरोपी करीब 25 साल तक मुकदमा लड़ा, 70 की उम्र में जाकर उसने अपना जुर्म कुबूल किया। इस पर जिला अदालत ने पांच हजार का उस पर जुर्माना लगाया है। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृषा मिश्रा ने दिया। करछना के बरॉव डेरा के ग्राम धरी निवासी दयाशंकर पांडेय के खिलाफ 2001 में समान वेतन अधिनियम-1976 की धारा-10 के तहत समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं देने के आरोप में करछना थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
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दयाशंकर पांडेय के खिलाफ मजिस्ट्रेट कोर्ट में परिवाद के तहत अभियोजन चल रहा था। अभियुक्त पर आरोप था कि उसके ईंट उद्योग में कार्यरत मजदूरों को कानून के अनुसार न्यूनतम और समान वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा था। जुर्म कुबूल करने पर अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। ऐसे में इसे अदा नहीं करने पर दोषी 10 दिन का साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।
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समान वेतन अधिनियम 1976 की धारा-10
यह धारा समान पारिश्रमिक के सिद्धांत को लागू करने और कार्यस्थल पर लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के लिए एक निवारक (डिटरेंट) के रूप में कार्य करती है। यह सुनिश्चित करती है कि नियोक्ता समान कार्य के लिए समान वेतन का भुगतान करें और भेदभाव न करें।
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