फर्जी शैक्षिक अभिलेख पर नौकरी करने वाले 11 अध्यापकों के खिलाफ मुकदमा
विकास खंड के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में दो वर्षों से फर्जी शैक्षिक अभिलेख प्रस्तुत कर नौकरी करने वाले सात सहायक अध्यापकों के खिलाफ बीएसए के आदेश पर खंड शिक्षा अधिकारी ने बहरिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। सभी अध्यापकों को बर्खास्त भी किया गया है। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
बहरिया विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय बलीपुर के सहायक अध्यापक शशिभूषण त्रिपाठी व प्राथमिक विद्यालय हसनपुर कोरारी के सहायक अध्यापक सुनील कुमार व प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ कोठारी के सहायक अध्यापक अजय कुमार व प्राथमिक विद्यालय रैदेपुर के सहायक अध्यापक मुअज्जम आलम व प्राथमिक विद्यालय जुगनीडीह के सहायक अध्यापक आनंद मोहन त्रिपाठी व प्राथमिक विद्यालय नूरपुर के के सहायक अध्यापक राजू व प्राथमिक विद्यालय अतनपुर के सहायक अध्यापक विजय कुमार द्वारा प्रस्तुत अभिलेख जांच में फर्जी पाए जाने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार कुशवाहा ने सभी सातों सहायक अध्यापकों को बर्खास्त करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी बहरिया हरिश्चंद्र गिरि को एफआईआर दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया था। जिसके अनुपालन में खंड शिक्षा अधिकारी बहरिया ने सभी आरोपी शिक्षकों के खिलाफ बृहस्पतिवार को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी।
खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने शशि भूषण त्रिपाठी, सुनील कुमार, अजय कुमार, मुअज्जम आलम, आनंद मोहन त्रिपाठी, राजू और विजय कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। बहरिया कोतवाल मनोज पाठक ने बताया कि सभी आरोपी शिक्षकों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।
चार शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज
कौंधियारा ब्लॉक संसाधन केंद्र के अंतर्गत संचालित चार विद्यालयों में फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी पाने वाले चार अध्यापक पकड़े गए। शासन के निर्देश पर कराई गई जांच के बाद इन अध्यापकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र सत्यापन में फर्जी पाए गए। जिसके कारण चारों अध्यापकों की नियुक्ति को निरस्त कर उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर उनके द्वारा नियुक्ति के बाद से प्राप्त किए गए वेतन व भत्ते की पूरी धनराशि रिकवरी किए जाने का आदेश बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रयागराज ने दिया है। प्राथमिक विद्यालय आंबा के हेड मास्टर कन्हैया लाल गौड़, प्राथमिक विद्यालय नौगांव में मोहम्मद तोहिद, प्राथमिक विद्यालय चिल्ली में रंजना देवी एवं प्राथमिक विद्यालय खीरी में देवेश कुमार के सारे दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं।