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assistant professor news : एक साल से नियुक्ति को भटक रहे प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थी
Tue, 10 Nov 2020 08:56 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 10 Nov 2020 08:56 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या 47 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थी लगभग एक साल से नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। सीटें रिक्त होने के बावजूद उनकी काउंसलिंग नहीं कराई जा रही। पिछले दिनों अभ्यर्थियों ने इस मसले पर निदेशालय में ज्ञापन देकर नियुक्ति की मांग की, तो निदेशालय ने अब सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर रिक्त सीटों का ब्योरा मांगा है।
अशासकीय महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या 47 के तहब 35 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों पर भर्ती होनी है। इनमें से 34 विषयों में भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मुख्य सूची में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति भी मिल चुकी है। 31 विषयों की काउंसलिंग तो दिसंबर 2019 में ही हो चुकी है।
काउंसलिंग के बाद मुख्य सूची में चयनित तमाम अभ्यर्थियों ने ज्वाइन नहीं किया। वहीं, बहुत से अभ्यर्थियों का चयन औपबंधिक ही रह गया, क्योंकि उन्होंने अपने शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन नहीं कराया था। पिछले दिनों निदेशालय ने एक पत्र जारी कर अभ्यर्थियों को निर्देश दिए थे कि वे सात दिनों के भीतर उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में अपने शैक्षिक अभिलेखों सत्यापन करा लें, ताकि आवंटित विद्यालय में उन्हें ज्वाइन कराया जा सका।
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यह उनके लिए अंतिम अवसर था। जितने अभ्यर्थी सत्यापन के लिए नहीं पहुंचे, कॉलेजों में उतनी ही सीटें खाली रह गई हैं। ऐसे में 31 विषयों में प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता पूरी तरह से साफ हो चुका है। लेकिन, इन्हें नियुक्ति तभी मिलेगी, जब निदेशालय काउंसलिंग कराएगा और निदेशालय के पास अभी रिक्त सीटों का ब्योरा नहीं है।
हफ्ते भर पहले निदेशालय की ओर से सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर रिक्त सीटों का ब्योरा मांगा गया है। साथ ही कहा गया है कि महाविद्यालयों के प्रबंध तंत्र की ओर से डिमांड भेजी जाए, ताकि रिक्त सीटों पर प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जा सके। इस बारे में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज का कहना है कि महाविद्यालयों में रिक्त सीटों के बारे में जानकारी मांगी गई है। जल्द ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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अशासकीय महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या 47 के तहब 35 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों पर भर्ती होनी है। इनमें से 34 विषयों में भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मुख्य सूची में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति भी मिल चुकी है। 31 विषयों की काउंसलिंग तो दिसंबर 2019 में ही हो चुकी है।
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काउंसलिंग के बाद मुख्य सूची में चयनित तमाम अभ्यर्थियों ने ज्वाइन नहीं किया। वहीं, बहुत से अभ्यर्थियों का चयन औपबंधिक ही रह गया, क्योंकि उन्होंने अपने शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन नहीं कराया था। पिछले दिनों निदेशालय ने एक पत्र जारी कर अभ्यर्थियों को निर्देश दिए थे कि वे सात दिनों के भीतर उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में अपने शैक्षिक अभिलेखों सत्यापन करा लें, ताकि आवंटित विद्यालय में उन्हें ज्वाइन कराया जा सका।
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यह उनके लिए अंतिम अवसर था। जितने अभ्यर्थी सत्यापन के लिए नहीं पहुंचे, कॉलेजों में उतनी ही सीटें खाली रह गई हैं। ऐसे में 31 विषयों में प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता पूरी तरह से साफ हो चुका है। लेकिन, इन्हें नियुक्ति तभी मिलेगी, जब निदेशालय काउंसलिंग कराएगा और निदेशालय के पास अभी रिक्त सीटों का ब्योरा नहीं है।
हफ्ते भर पहले निदेशालय की ओर से सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर रिक्त सीटों का ब्योरा मांगा गया है। साथ ही कहा गया है कि महाविद्यालयों के प्रबंध तंत्र की ओर से डिमांड भेजी जाए, ताकि रिक्त सीटों पर प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जा सके। इस बारे में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज का कहना है कि महाविद्यालयों में रिक्त सीटों के बारे में जानकारी मांगी गई है। जल्द ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।