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नहीं छिप सकी फूलपुर की हार का कसक
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 08 Apr 2018 01:44 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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हरीतिमा अभियान की शुरुआत और कुंभ की योजनाओं के शिलान्यास के लिए आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा अन्य नेताआें ने सियासी और विवादित बोल से पूरी तरह से दूरी बनाए रखी लेकिन फूलपुर उपचुनाव में मिली हार का दर्द बाहर आ ही गया। 2019 में इस तरह के परिणाम की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने कुंभ के बहाने क्षेत्र में विकास की नई पटकथा लिखी तो मंत्रीमंडल में शामिल स्थानीय नेताओं की तारीफ में कशीदे भी कसे। क्षेत्र के सांसद रहे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद को विकास करने वाला नेता बताकर उन्होंने उनकी अनुपस्थिति तथा खामोशी से उठी आशंकाओं को भी दबाने की कोशिश की।
फूलपुर उपचुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री पहली बार इलाहाबाद में आए। तीन दिन पहले वह कौशाम्बी में थे। गौर करने वाली यह है कि केशव प्रसाद मूलत: कौशाम्बी के हैं तो फूलपुर से सांसद रहे और उनके इस्तीफा के बाद ही उपचुनाव हुआ था लेकिन इन दोनों ही आयोजन में उनकी अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उनकी अनुपस्थिति को इससे जोड़कर देखा जा रहा है कि फूलपुर चुनाव में भाजपा की हार के बाद भाजपा के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। हालांकि मुख्यमंत्री ने केशव प्रसाद की तारीफ करके इन आशंकाओं के पटाक्षेप की कोशिश की। उन्होंने कहा कि केशव प्रसाद की अगुवाई में पूरे प्रदेश में सड़कों का विकास हो रहा है। उन्होंने माघ मेला में सफाई व्यवस्था की तारीफ की और इसकी पूरी क्रेडिट स्वास्थ्य मंत्री डॉ.सिद्धार्थ नाथ सिंह को दी। उन्होंने स्थानीय नेता नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पर्यटन मंत्री डॉ.रीता बहुगुणा जोशी की तारीफ करके भी यह जताने की कोशिश की कि इलाहाबाद में विकास के लिए उनके नेता पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
वहीं कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी ने तो वोटों का हिसाब ही मांग लिया। हरीतिमा अभियान के मंच से नंदी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की कई लोक कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं। ‘मैंने डीएम से जानकारी ली थी। प्रधानमंत्री आवास समेत विभिन्न योजनाओं में सात लाख लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इस तरह से सात में पांच का गुणा करें तो 35 लाख वोट भाजपा...।’ उन्होंने यहां के विकास की तुलना रायबरेली से भी की। इन नेताओं के विपरीत राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी विपक्षी दलों पर सीधे तौर पर हमलावर रहे।
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हरीतिमा अभियान समारोह के कार्ड से सांसद नागेंद्र सिंह पटेल का नाम तो गायब रहा ही, उन्हें आमंत्रित भी नहीं किया गया। जबकि, आयोजन उन्हीं के संसदीय क्षेत्र परेड में हुआ। इस तरह से वन विभाग के इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद को नहीं बुलाए जाने पर सियासतदारों के साथ अफसरों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। परेड में आयोजित समारोह में हरीतिया अभियान की शुरुआत के साथ कुंभ की 151 योजनाओं की शुरुआत भी हुई। ऐसे अवसरों पर क्षेत्रीय सांसद और विधायक को आमंत्रित करने की परंपरा रही है लेकिन इसमें यह परंपरा नहीं निभाई गई। समारोह में यहां तक कि इलाहाबाद के अलावा कौशाम्बी के भाजपा विधायकों को भी बुलाया गया, इनके नाम कार्ड तथा बैनर पर भी रहे लेकिन विपक्षी दल के नेताओं को आमंत्रण तक नहीं भेजा गया। नवनिर्वाचित सांसद सांसद नागेंद्र सिंह पटेल का कहना है कि उन्हें तो इस कार्यक्रम की जानकारी भी नहीं है। जबकि, वह शनिवार को शहर में ही रहे। उनका कहना है कि उन्हें कोई आमंत्रण नहीं भेजा गया।
मुख्यमंत्री ने वन विभाग में भ्रष्टाचार के नाम पर सपा पर हमला बोला। उनका कहना था कि वही वन विभाग है, अफसर भी वही हैं। हां, कुछ चेहरे जरूर बदल गए होंगे लेकिन कुछ समय पहले तक यह विभाग वनों के कटान के लिए जाना जाता था। आज वही अफसर प्रदेश में सबसे अधिक वन क्षेत्र विकसित करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा हरीतिमा अभियान के शुभारंभ मौके पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का नाम लेकर उनका कद बढ़ाया। लोगों को बताया कि संगमनगरी के विकास के लिए वे प्रयत्नशील हैं। उनके विभाग के कार्यों को सराहते हुए कहा कि प्रदेश भर में मानक के अनुरूप बन रहीं उत्कृष्ट सड़कें केशव के प्रयास और सक्रियता की गवाह बनेंगी। सीएम ने एक नहीं तीन बार डिप्टी सीएम का नाम लेकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि वह मौके पर नहीं हैं, लेकिन उनका काम उम्दा और शहर विकास के लिए उनकी सोच सराहनीय है। नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के विभाग की ओर से चलाए जा रहे स्वच्छता, नगरीय सुविधाओं के विकास और सबको आवास देने की योजना को सराहा। संगम नगरी को मुंबई, कोलकाता, बंगलूरू समेत एक दर्जन से अधिक शहरों को सीधी हवाई सेवा से जोड़ने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सिद्धार्थनाथ सिंह का दमदारी से नाम लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ की भव्यता के लिए किसी भी विभाग की ओर से कोई कमी नहीं की जाएगी। सभी काम अक्तूबर तक पूरे किए जाएं, इस पर ध्यान देना है। उन्होंने मंत्रियों के साथ जिले के अफसरों की कार्यकुशलता को सराहा।
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फूलपुर उपचुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री पहली बार इलाहाबाद में आए। तीन दिन पहले वह कौशाम्बी में थे। गौर करने वाली यह है कि केशव प्रसाद मूलत: कौशाम्बी के हैं तो फूलपुर से सांसद रहे और उनके इस्तीफा के बाद ही उपचुनाव हुआ था लेकिन इन दोनों ही आयोजन में उनकी अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उनकी अनुपस्थिति को इससे जोड़कर देखा जा रहा है कि फूलपुर चुनाव में भाजपा की हार के बाद भाजपा के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। हालांकि मुख्यमंत्री ने केशव प्रसाद की तारीफ करके इन आशंकाओं के पटाक्षेप की कोशिश की। उन्होंने कहा कि केशव प्रसाद की अगुवाई में पूरे प्रदेश में सड़कों का विकास हो रहा है। उन्होंने माघ मेला में सफाई व्यवस्था की तारीफ की और इसकी पूरी क्रेडिट स्वास्थ्य मंत्री डॉ.सिद्धार्थ नाथ सिंह को दी। उन्होंने स्थानीय नेता नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पर्यटन मंत्री डॉ.रीता बहुगुणा जोशी की तारीफ करके भी यह जताने की कोशिश की कि इलाहाबाद में विकास के लिए उनके नेता पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
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वहीं कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी ने तो वोटों का हिसाब ही मांग लिया। हरीतिमा अभियान के मंच से नंदी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की कई लोक कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं। ‘मैंने डीएम से जानकारी ली थी। प्रधानमंत्री आवास समेत विभिन्न योजनाओं में सात लाख लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इस तरह से सात में पांच का गुणा करें तो 35 लाख वोट भाजपा...।’ उन्होंने यहां के विकास की तुलना रायबरेली से भी की। इन नेताओं के विपरीत राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी विपक्षी दलों पर सीधे तौर पर हमलावर रहे।
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हरीतिमा अभियान समारोह के कार्ड से सांसद नागेंद्र सिंह पटेल का नाम तो गायब रहा ही, उन्हें आमंत्रित भी नहीं किया गया। जबकि, आयोजन उन्हीं के संसदीय क्षेत्र परेड में हुआ। इस तरह से वन विभाग के इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद को नहीं बुलाए जाने पर सियासतदारों के साथ अफसरों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। परेड में आयोजित समारोह में हरीतिया अभियान की शुरुआत के साथ कुंभ की 151 योजनाओं की शुरुआत भी हुई। ऐसे अवसरों पर क्षेत्रीय सांसद और विधायक को आमंत्रित करने की परंपरा रही है लेकिन इसमें यह परंपरा नहीं निभाई गई। समारोह में यहां तक कि इलाहाबाद के अलावा कौशाम्बी के भाजपा विधायकों को भी बुलाया गया, इनके नाम कार्ड तथा बैनर पर भी रहे लेकिन विपक्षी दल के नेताओं को आमंत्रण तक नहीं भेजा गया। नवनिर्वाचित सांसद सांसद नागेंद्र सिंह पटेल का कहना है कि उन्हें तो इस कार्यक्रम की जानकारी भी नहीं है। जबकि, वह शनिवार को शहर में ही रहे। उनका कहना है कि उन्हें कोई आमंत्रण नहीं भेजा गया।
मुख्यमंत्री ने वन विभाग में भ्रष्टाचार के नाम पर सपा पर हमला बोला। उनका कहना था कि वही वन विभाग है, अफसर भी वही हैं। हां, कुछ चेहरे जरूर बदल गए होंगे लेकिन कुछ समय पहले तक यह विभाग वनों के कटान के लिए जाना जाता था। आज वही अफसर प्रदेश में सबसे अधिक वन क्षेत्र विकसित करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा हरीतिमा अभियान के शुभारंभ मौके पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का नाम लेकर उनका कद बढ़ाया। लोगों को बताया कि संगमनगरी के विकास के लिए वे प्रयत्नशील हैं। उनके विभाग के कार्यों को सराहते हुए कहा कि प्रदेश भर में मानक के अनुरूप बन रहीं उत्कृष्ट सड़कें केशव के प्रयास और सक्रियता की गवाह बनेंगी। सीएम ने एक नहीं तीन बार डिप्टी सीएम का नाम लेकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि वह मौके पर नहीं हैं, लेकिन उनका काम उम्दा और शहर विकास के लिए उनकी सोच सराहनीय है। नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के विभाग की ओर से चलाए जा रहे स्वच्छता, नगरीय सुविधाओं के विकास और सबको आवास देने की योजना को सराहा। संगम नगरी को मुंबई, कोलकाता, बंगलूरू समेत एक दर्जन से अधिक शहरों को सीधी हवाई सेवा से जोड़ने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सिद्धार्थनाथ सिंह का दमदारी से नाम लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ की भव्यता के लिए किसी भी विभाग की ओर से कोई कमी नहीं की जाएगी। सभी काम अक्तूबर तक पूरे किए जाएं, इस पर ध्यान देना है। उन्होंने मंत्रियों के साथ जिले के अफसरों की कार्यकुशलता को सराहा।