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दबाव बनाकर गलत नामांकन करने को वैध करने की तैयारी

Sat, 26 Sep 2015 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 26 Sep 2015 02:02 AM IST
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By pressing wrong to legalize the preparation of nomination
- कानून-व्यवस्था बिगड़ने की बात कह नामांकन में गड़बड़ी करने वालों को दोबारा फार्म भरने का मौका देने को कहा
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए सत्यनारायण की ओर से लिंगदोह कमेटी की सिफारिश के आधार पर चुनाव कराने और गलत तत्वों को रोकने की पहल का स्थानीय प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा है।

प्रदेश सरकार के दबाव में आकर स्थानीय प्रशासन से जुड़े अधिकारियों ने विवि के चुनाव से जुड़े से अधिकारियों को दबाव में लेकर कानून-व्यवस्था की दुहाई देकर गलत नामांकन पत्र भरने वालों को चुनाव में अवसर देने का दबाव बनाया। विवि के अधिकारियों पर दबाव बनाया गया कि वह शनिवार को नामांकन पत्र में गडबड़ी करने वाले छात्रों को गलती सुधारने का एक मौका दें। विवि की ओर से यदि छात्रों को नामांकन का एक मौका और दिया गया तो यह छात्रसंघ चुनाव में पहला मौका होगा।
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शुक्रवार को विवि के अधिकारियों एवं छात्र संगठनों के नेताओं के साथ बैठक में चुनाव प्रक्रिया को लेकर चर्चा के दौरान चार प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि वैध छात्र का नामांकन खारिज न किया जाए। प्रशासन ने विवि के अधिकारियों से कहा कि नामांकन फार्म में की गई मानवीय भूल पर ध्यान न दिया जाए। मतगणना के समय प्रत्याशी अथवा उनके एजेंट को मौजूद रहने की अनुमति दी जाए। चुनाव प्रक्रिया में शिक्षकों के अलावा बाहरी व्यक्तियों को हटाया जाए।
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समाजवादी छात्रसभा के प्रत्याशी के नामांकन पत्र को अधूरा छोड़ दिए जाने की बात सामने आने और उसके बाद कुलपति को एक सपा नेता की ओर से धमकी दिए जाने के बाद प्रदेश सरकार के दबाव के बाद स्थानीय प्रशासन के साथ विवि के अधिकारियों की बैठक में कानून व्यवस्था की बात कहकर छात्रों के पक्ष में निर्णय करने को कहा। इससे पहले कुलपति की पहल पर प्रत्याशियों के पर्चे को ऑन लाइन किए जाने के बाद कई छात्र नेताओं पर पर्चे निरस्त होने की तलवार लटक रही थी। ऐसे में विवि के इतिहास में पहली बार प्रत्याशियों को दोबारा नामांकन फार्म भरने का मौका मिल रहा है।
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