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आज से फुल रेट में खरीदिए एलपीजी सिलेंडर
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Tue, 31 Mar 2015 11:51 PM IST
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पहली अप्रैल से रसोई गैस सिलेंडर लेते वक्त पॉकेट में रकम बढ़ा कर रखिए। सभी ग्राहकों के लिए हॉकर को सिलेंडर के बाजार मूल्य देने अनिवार्य होंगे। अब सब्सिडी का लाभ केवल उन्हीं ग्राहकों को मिलेगा, जिन्होंने बैंक खाता को गैस कनेक्शन के साथ लिंक करा लिया है। जिले में करीब 70 हजार ग्राहक ऐसे हैं जो अब तक डीबीटीएल योजना से नहीं जुड़ सके हैं। ऐसे ग्राहकों को जून तक बैंक खाता कनेक्शन से लिंक करने का मौका दिया जाएगा।
डायरेक्ट बेनिफिट फंड ट्रांसफर स्कीम अब असर दिखाने जा रही है। अब योजना में सभी ग्राहकों को समान रकम देनी होगी। 31 मार्च तक रसोई गैस की नॉन सब्सिडी वाले सिलेंडर की बाजार दर 673 रुपये हैं। पहली अप्रैल से जिन ग्राहकों को भरे हुए सिलेंडर मिलेंगे, उन्हें पूरी रकम देनी होगी। इंडियन ऑयल के साथ भारत गैस और हिन्दुस्तान गैस के ग्राहकों पर भी यही व्यवस्था लागू होगी। जिले में 5.80 लाख उपभोक्ता हैं। हालांकि, इसमें से 70 हजार से ज्यादा ग्राहक अब तक योजना से नहीं जुड़ सके हैं।
पिछले सप्ताह आईओसी के सॉफ्टवेयर में दिक्कत के कारण बड़ी संख्या में ग्राहकों की सब्सिडी की रकम उनके खातों में नहीं पहुंची। इसे लेकर ग्राहक परेशान हैं। वह एजेंसी और बैंक का चक्कर काट रहे हैं। बताते हैं कि गैस कनेक्शन से खाता जोड़ने का आवेदन करने के बाद भी 20-25 हजार ग्राहक ऐसे हैं जिनके खाता लिंक नहीं हो सके हैं। बताते हैं कि ऐसे ग्राहकों के खाता नंबर, बैंक, आईएफसी कोड या खाता धारक के नाम का मिलान नहीं हो रहा है।
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पहली अप्रैल से गैस आपूर्ति की नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। ऐसे में 31 मार्च तक हो चुकी गैस की बुकिंग स्वत: निरस्त हो जाएंगे। इससे गैस एजेंसियों में जेनरेट हो चुकी पर्चियां भी निरस्त हो जाएंगी। ऐसे में ग्राहकों को नए सिरे से गैस बुकिंग करानी पड़ेगी। एजेंसी संचालकों का मानना है कि पुरानी बुकिंग निरस्त होने से ग्राहकों को सिलेंडर मिलने में दिक्कत हो सकती है। हालांकि, गैस कंपनियों के अफसरों का कहना है कि ग्राहकों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। कोशिश होगी कि पुरानी बुकिंग के आधार पर पर्चियां जेनरेट कर गैस आपूर्ति कराई जाए।
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डायरेक्ट बेनिफिट फंड ट्रांसफर स्कीम अब असर दिखाने जा रही है। अब योजना में सभी ग्राहकों को समान रकम देनी होगी। 31 मार्च तक रसोई गैस की नॉन सब्सिडी वाले सिलेंडर की बाजार दर 673 रुपये हैं। पहली अप्रैल से जिन ग्राहकों को भरे हुए सिलेंडर मिलेंगे, उन्हें पूरी रकम देनी होगी। इंडियन ऑयल के साथ भारत गैस और हिन्दुस्तान गैस के ग्राहकों पर भी यही व्यवस्था लागू होगी। जिले में 5.80 लाख उपभोक्ता हैं। हालांकि, इसमें से 70 हजार से ज्यादा ग्राहक अब तक योजना से नहीं जुड़ सके हैं।
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पिछले सप्ताह आईओसी के सॉफ्टवेयर में दिक्कत के कारण बड़ी संख्या में ग्राहकों की सब्सिडी की रकम उनके खातों में नहीं पहुंची। इसे लेकर ग्राहक परेशान हैं। वह एजेंसी और बैंक का चक्कर काट रहे हैं। बताते हैं कि गैस कनेक्शन से खाता जोड़ने का आवेदन करने के बाद भी 20-25 हजार ग्राहक ऐसे हैं जिनके खाता लिंक नहीं हो सके हैं। बताते हैं कि ऐसे ग्राहकों के खाता नंबर, बैंक, आईएफसी कोड या खाता धारक के नाम का मिलान नहीं हो रहा है।
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पहली अप्रैल से गैस आपूर्ति की नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। ऐसे में 31 मार्च तक हो चुकी गैस की बुकिंग स्वत: निरस्त हो जाएंगे। इससे गैस एजेंसियों में जेनरेट हो चुकी पर्चियां भी निरस्त हो जाएंगी। ऐसे में ग्राहकों को नए सिरे से गैस बुकिंग करानी पड़ेगी। एजेंसी संचालकों का मानना है कि पुरानी बुकिंग निरस्त होने से ग्राहकों को सिलेंडर मिलने में दिक्कत हो सकती है। हालांकि, गैस कंपनियों के अफसरों का कहना है कि ग्राहकों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। कोशिश होगी कि पुरानी बुकिंग के आधार पर पर्चियां जेनरेट कर गैस आपूर्ति कराई जाए।